Ganga Saptami 2024: बेहद अद्भुत संयोग में मनाई जाएगी गंगा सप्तमी, इस समय करें स्नान और ध्यान
शास्त्रों में निहित है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मां गंगा का धरती पर जन्म हुआ था।
शास्त्रों में निहित है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मां गंगा का धरती पर जन्म हुआ था।
कालाष्टमी के दिन कालभैरव की पूजा से ग्रह-बाधा, प्रेत बाधा और शनि के प्रकोप से भी मुक्ति मिल जाती है।
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का अवतरण हुआ था, जिन्होंने महादेव को अमृतपान कराया। वे आयुर्वेद के देवता और विष्णु के अवतार हैं। उनकी पूजा से आरोग्य और समृद्धि मिलती है। धनवंतरी के वंश में दिवोदास हुए जिन्होंने ‘शल्य चिकित्सा‘ का विश्व का पहला विश्वविद्यालय काशी में स्थापित किया जिसके अधिष्ठाता सुश्रुत बनाए गए थे।
मेष राशिफल आज हिंदी में, 27 नवंबर 2024, बुधवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
तुला राशि में बनेगा त्रिग्रही योग: 17 अक्टूबर 2022 को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने के अगले दिन 18 अक्टूबर को शुक्र भी तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। तुला राशि में पहले से ही केतु विद्यमान है। इसलिए
अमावस्या की तिथि भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के अगले दिन अमावस्या तिथि पड़ती है। अमावस्या पर श्री हरि और पितरों की पूजा करने से जीवन में खुशियों का आगमन होता है। आइए, जानते हैं कि पितरों को प्रसन्न करने के लिए आषाढ़ अमावस्या की सही…