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Maha Shivratri 2022 : जानें महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने का महत्व

महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2022) पूरे भारत में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है. इस बार महाशिवरात्रि (Maha Shivratri)  1 मार्च मंगलवार को पड़ रही है. भगवान शिव के भक्त हर साल महाशिवरात्रि को भव्य रूप से मनाते हैं. मंदिरों को सजाया जाता है. भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूरे दिन और रातभर पूजा की जाती है. इस दिन शिव (Lord Shiva) भक्त भगवान को बेलपत्र अर्पित करते हैं. ऐसा माना जाता है कि बेल के पत्ते या बिल्वपत्र से भगवान की पूजा करने से उनके भक्तों को अपार कृपा मिलती है. इस दिन शक्तिशाली मंत्रों के साथ शिव लिंग पर बेल के पत्तों की वर्षा की जाती है.

बेलपत्र क्या है और भगवान शिव को क्यों चढ़ाया जाता है?

बिल्वपत्र या बेलपत्र एक त्रिकोणीय पत्ता है. ये हिंदू धर्म के तीन मुख्य देवताओं – भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का प्रतिनिधित्व करता है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार इन्हें पूरे ब्रह्मांड का निर्माण करने वाला माना जाता है. ये भी माना जाता है कि बेलपत्र भगवान शिव का सबसे प्रिय पत्ता है. यही एक कारण है कि उन्हें ये चढ़ाया जाता है.

शिव की पूजा में बेल के पत्तों का महत्व

बेल के पत्ते अपने त्रिकोणीय आकार के साथ भगवान शिव की तीन आंखों को दर्शाते हैं. इसके अलावा ये भगवान के हथियार त्रिशूल की तीन तीलियों का प्रतिनिधित्व करता है. बेल के पत्ते स्वभाव से शीतलता प्रदान करते हैं. इन्हें शिव को अर्पित करने से उनका गर्म स्वभाव शांत हो जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बेलपत्र से पूजा करने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है. बेल वृक्ष के नीचे शिवलिंग की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने से भगवान बेहद प्रसन्न होते हैं. बिल्व वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से ज्ञान की प्राप्ति होती है. बिल्व वृक्ष के नीचे गरीबों को भोजन कराने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

महाशिवरात्रि पर बेलपत्र चढ़ाने का महत्व 

महाशिवरात्रि पर बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली आवश्यक चीजों में से एक है. महाशिवरात्रि पर भगवान को बिल्वपत्र चढ़ाना अनिवार्य है. महाशिवरात्रि पर भक्त भगवान शिव को बिल्वपत्र या बेल के पत्ते चढ़ाते हैं. इन पत्तों को शिवलिंग पर अन्य शिव मंत्रों के साथ महामृत्युंजय के जाप के साथ चढ़ाया जाता है. ये भी कहा जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने से आपको इतना पुण्य प्राप्त हो सकता है कि केवल 1000 यज्ञ करने से ही प्राप्त किया जा सकता है. इसलिए इसे भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है.

 

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