दुर्लभ संयोग में हुई हिंदू नववर्ष की शुरुआत, इन राशियों को साल भर होगा धन लाभ
विक्रम संवत नल नाम का संवत है। यह इंद्राग्रि युग का आखिरी साल है। एक युग 5 साल का होता है।
विक्रम संवत नल नाम का संवत है। यह इंद्राग्रि युग का आखिरी साल है। एक युग 5 साल का होता है।
इस दिन सूर्योदय के बाद सिद्धि योग बन रहा है। यही नहीं पूरे दिन स्वाति नक्षत्र भी रहेगा, तो बहुत शुभ माना जाता है।
धनु राशिफल आज हिंदी में, 31 जनवरी, 2025, शुक्रवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते के अटूट बंधन का प्रतीक है। रक्षाबंधन पर इस साल भद्रा लग रही है। सावन पूर्णिमा पर सुबह के समय राखी नहीं बांध पाएंगे। भाई-बहन का रिश्ता अटूट रहे, इसके लिए शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधना चाहिए, भद्राकाल में भूलकर भी राखी न बांधें।
Omkareshwar Temple: भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और मंदिर परिसर का फूलों से मनमोहक शृंगार किया गया। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन के साथ ही सजावट को निहार रहे हैं। ज्योतिर्लिंग के मूलस्वरूप का रजत मुकुट के साथ दोपहर में फूल, भांग और सूखे मेवों…
‘काल भैरव अष्टक’ का पाठ करना बहुत लाभकारी माना जाता है। फाल्गुन माह में यह व्रत 3 मार्च 2024, रविवार को रखा जाएगा।
आज का दिन कुछ राशियों के लिए लाभ और उन्नति लेकर आएगा, वहीं कुछ को स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और संबंधों में सावधानी रखनी होगी। मेहनत, धैर्य और संतुलन से सफलता संभव है। निवेश, यात्रा और पारिवारिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।