पशु न बोलने से और मनुष्य अधिक बोलने से कष्ट उठाता है, पढ़ें बोल से जुड़ी 5 बड़ी सीख

जीवन आपके द्वारा कहे गए शब्द आपके साथ होने वाले भले और बुरे का बहुत बड़ा कारण बनते हैं. ये आपकी वाणी या फिर कहें बोल ही होते हैं जो आपको जीवन से जुड़ी बड़ी से बड़ी सफलता को दिलाती है, जबकि इसी वाणी के चलते अक्सर लोगों के बने बनाए काम तक बिगड़ जाते हैं. किसी भी व्यक्ति का गुण हो या दुर्गुण बहुत देर तक नहीं छिपा रहता है, उसके मुंह से निकले हुए बोल उसकी सारी हकीकत बयां कर देते हैं. वाणी से ही व्यक्ति के दुर्जन या सज्जन होने का पता चलता है.

मनुष्य की वाणी दूसरों के साथ खुद को भी सुख और दु:ख पहुंचाने का बहुत बड़ा माध्यम बनती है. कई बार सच कहे गए बोल भी कष्ट का बहत कारण बनते हैं. ऐसे में इंसान को हमेशा सोच-समझकर ही बोलना चाहिए. कहा भी गया है कि इंसान के कटु शब्द अग्नि के समान संबंधों को जलाकर राख कर देते हैं तो वहीं मीठी वाणी अमृत के समान वर्षा करते हुए टूटे हुए संबंधों को भी जोड. देती है. आइए मनुष्य के बोल या फिर कहें वाणी के मायने समझने के लिए पढ़ते हैं सफलता के मंत्र.

कठोर वचन या फिर कहें बोल से अक्सर बने बनाए रिश्ते टूट जाते हैं, जबकि मीठी वाणी चमत्कारिक रूप से टूटे दिल और रिश्ते को भी जोड़ देती है.
पानी और वाणी में करीबी रिश्ता होता है. पानी के ज्यादा बढ़ने पर विनाश और वाणी के बिगड़ने पर सर्वनाश की आशंका बढ़ जाती है.
इंसान की वाणी उसे पूरा हाथी जितवा सकती है और उसकी वही वाणी उसे हाथी के पैरों के नीचे पहुंचा सकती है, इसलिए जब भी बोलें मीठा बोलें.
अपनी वाणी को जितना संभव हो सकते निर्मल रखना चाहिए और पवित्र बनाए रखना चाहिए ताकि मुंह से निकले शब्दों को यदि वापस भी लेना पड़े तो कोई तकलीफ न हो.
मनुष्य के पास कितनी भी धन दौलत हो लेकिन उसकी वाणी मणि से भी ज्यादा कीमती होती है क्योंकि इसी वाणी से उसका सुख-सौभाग्य बढ़ता है.

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