योगिनी एकादशी व्रत से हुआ था पांडवों का उद्धार- जानें इसका महत्व और विधि!

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथियाँ आती हैं और इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को उनके समस्त पापों से छुटकारा मिलता है, भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख की प्राप्ति होती है।

अपने इस विशेष ब्लॉग में आज हम बात करेंगे योगिनी एकादशी की, साथ जी जानेंगे इस एकादशी व्रत का क्या महत्व होता है, इस वर्ष योगिनी एकादशी किस दिन और किस मुहूर्त में मनाई जाएगी, क्या इस दिन किसी शुभ योग का निर्माण हो रहा है और साथ ही जानें योगिनी एकादशी के दिन किए जाने वाले कुछ उपायों की जानकारी भी जिन्हे करके आप भी अपने जीवन में श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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योगिनी एकादशी 2023

योगिनी एकादशी का व्रत 14 जून, 2023 बुधवार के दिन किया जाएगा। 

बात करें मुहूर्त की तो,

योगिनी एकादशी पारणा मुहूर्त : 05:22:44 से 08:10:14 तक 15, जून को

अवधि : 2 घंटे 47 मिनट

अधिक जानकारी: यहां दिया गया मुहूर्त नई दिल्ली के लिए मान्य है। यदि आप किसी अन्य शहर के लिए इस दिन का मुहूर्त जानना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें।  

योगिनी एकादशी व्रत महत्व 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि, योगिनी एकादशी का व्रत करने से जातक के जीवन में सुख समृद्धि और आनंद की वृद्धि होती है। मान्यता है कि यह इकलौता व्रत व्यक्ति को 88 हज़ार  ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य की प्राप्ति कराता है। इसके अलावा कहते हैं कि यह व्रत बीमारी या स्वास्थ्य समस्याओं से घिरे हुए लोगों के लिए भी वरदान होता है। ऐसे में अगर आपके जीवन में कोई भी स्वास्थ्य संबंधित परेशानी, त्वचा संबंधित दिक्कतें हैं तो इस दिन का व्रत अवश्य करें। आपको लाभ अवश्य मिलेगा। एकादशी व्रत व्यक्ति के जीवन से पापों को दूर करते हैं और बेहद ही शुभ फलदाई भी होते हैं।

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योगिनी एकादशी पूजा विधि 

इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान कर लें। हालांकि अगर ऐसा करना मुमकिन नहीं है तो आप घर में ही अपने स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर उससे स्नान कर लें। इसके बाद पूजा प्रारंभ करें। पूजा पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके शुरू करें। पूजा के दौरान मंदिर में दीपक जलाएँ।भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। उन्हें फूल और तुलसीदल अर्पित करें। भगवान विष्णु को सात्विक चीजें अर्पित करें, भोग अर्पित करें। इस दिन की कथा कहें, सुनें या पढ़ें।इसके बाद आरती करें। योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ पीपल के वृक्ष की पूजा का भी महत्व बताया गया है। आप चाहें तो इस दिन भगवान विष्णु की प्रसन्नता हासिल करने के लिए शाम के वक्त आसमान के नीचे, मंदिर में, पीपल के पेड़ के पास, तुलसी के पौधे में, दीपक अवश्य जलाएं। 

इसके अलावा इस दिन के बारे में ऐसी भी मान्यता है कि जो कोई भी व्यक्ति इस दिन पवित्र नदियों में दीपक दान करता है उनके जीवन से स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अवश्य ही दूर हो जाती हैं।

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एकादशी तिथियाँ 2023: संपूर्ण लिस्ट 

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहते हैं कि एकादशी तिथि भगवान विष्णु की प्रिय तिथि होती है। यही वजह है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उनकी प्रसन्नता हासिल करने के लिए लोग व्रत भी करते हैं। इस वर्ष में आगे और कौन-कौन सी एकादशी तिथि किस-किस दिन पर पड़ने वाली है इस बात की संपूर्ण जानकारी हम आपको नीचे प्रदान कर रहे हैं।

देवशयनी एकादशी (आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष) : 29 जून 2023

कामिका एकादशी (श्रावण मास कृष्ण पक्ष) : 13 जुलाई 2023

पद्मिनी एकादशी (श्रावण मास कृष्ण पक्ष) : 29 जुलाई 2023

परम एकादशी ( शुक्ल पक्ष) : 12 अगस्त 2023

पुत्रदा एकादशी (शुक्ल पक्ष) : 27 अगस्त 2023

अजा एकादशी (भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष) : 10 सितंबर 2023

परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष) : 25 सितंबर 2023

इंदिरा एकादशी (आश्विन मास कृष्ण पक्ष) : 10 अक्टूबर 2023

पापांकुशा एकादशी (आश्विन मास शुक्ल पक्ष) : 25 अक्टूबर 2023

रमा एकादशी (कार्तिक मास कृष्ण पक्ष) : 9 नवंबर 2023

देवउठनी एकादशी (कार्तिक मास शुक्ल पक्ष) : 23 नवंबर 2023

उत्पन्ना एकादशी (अगहन मास कृष्ण पक्ष) : 8 दिसंबर 2023

मोक्षदा एकादशी (अगहन मास शुक्ल पक्ष) : 22 दिसंबर 2023  

यह भी जान लें: कहते हैं, योगिनी एकादशी के दिन अगर भगवान विष्णु को दक्षिणावर्ती शंख से जल अर्पित किया जाए तो इससे बेहद ही शुभ और मनोवांछित परिणामों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही आप चाहें तो इस दिन भगवान की पूजा के बाद पीले चावल, चने की दाल, गुड, केला, इत्यादि जरूरतमंद लोगों को दान अवश्य करें। ऐसा करने से जीवन में सुख और समृद्धि की वृद्धि होती है। इसके अलावा योगिनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा का भी विधान बताया गया है। तुलसी पूजा शाम के समय अवश्य करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में धन-धान्य की बढ़ोतरी होने लगती है।

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योगिनी एकादशी उपाय 

एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित एक बेहद ही शुभ तिथि मानी गई है। कहते हैं इस दिन व्यक्ति यदि कुछ सरल उपाय भी अपना ले तो इससे व्रत के पुण्य फलों में वृद्धि होने लगती है। तो आइए आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं योगिनी एकादशी के दिन क्या कुछ उपाय करके आप भी अपने जीवन में श्रीहरि का असीम आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पंचामृत का भोग अवश्य लगाएं। पंचामृत में तुलसी अवश्य डालें। हालांकि एकादशी तिथि के दिन तुलसी भूल से भी ना थोड़े। आप एक दिन पहले ही तुलसी तोड़ कर रख सकते हैं। इस उपाय को करने से व्यक्ति के धन-धान्य में वृद्धि होती है। इस दिन पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें। कहते हैं पीपल के पेड़ में ही भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसे में इस उपाय को करने से भगवान विष्णु की प्रसन्नता हासिल होती है।योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के समक्ष बैठकर गीता का पाठ करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही यदि आपने योगिनी एकादशी के दिन पवित्र स्नान कर लिया तो इससे स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इस एकादशी तिथि पर पीली वस्तुओं का भोग अवश्य लगाएं। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस उपाय को करने से कुंडली में मौजूद दूसरों से छुटकारा मिलता है। 

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योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को अवश्य अर्पित करें ये चीज़ें  

योगिनी एकादशी के दिन भगवान को खीर अवश्य अर्पित करें। कहते हैं खीर भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। पंचामृत अर्पित करें। श्रीफल अर्पित करें। भगवान विष्णु को इस दिन तुलसी की पत्तियाँ अवश्य चढ़ाएं। तुलसी की पत्तियां भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। ऐसे में योगिनी एकादशी के दिन पूजा में इसे अवश्य शामिल करें।

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