अक्टूबर 2023 एक झलक: ग्रहण, गोचर और पर्वों से सजा ये महीना कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए?

अक्टूबर 2023: सर्दियों के मौसम का हम सभी को बेसब्री से इंतज़ार रहता है क्योंकि यह हमें गर्मियों से राहत देता है और अब हम साल के अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में, सितंबर का महीना हमसे विदा लेने और साल 2023 के दसवें महीने अक्टूबर में प्रवेश करने के लिए हम तैयार हैं। अक्टूबर 2023 का माह अपने साथ ठंडा मौसम और दिल को ठंडक देने वाली ठंडी हवाएं लेकर आता है। 

ऐसे में, आने वाले नए महीने के बारे में जानने के लिए हम सभी उत्सुक होते हैं। क्या इस महीने मिलेगी मनपसंद नौकरी? कैसा होगा सेहत का हाल? पारिवारिक जीवन में रहेगी ख़ुशहाली? ऐसे सवाल हमारे मन में लगातार उठते रहते हैं और इन सभी सवालों का जवाब मिलेगा आपको अक्टूबर 2023 के इस विशेष ब्लॉग में।

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एस्ट्रोसेज का यह विशेष ब्लॉग आपके मन और मस्तिष्क में उठने वाले सवालों के जवाब तो प्रदान करेगा ही, साथ में अक्टूबर की झलक भी दिखाएगा। इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको अक्टूबर 2023 में पड़ने वाले व्रत-त्यौहार, ग्रहण, गोचर और इस महीने जन्मे लोगों के व्यक्तित्व के बारे में बताएंगे। अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं अक्टूबर 2023 के बारे में।

अक्टूबर 2023 का ये ब्लॉग क्यों है इतना ख़ास?

अक्टूबर 2023 का यह ब्लॉग कई मायनों में बहुत ख़ास है क्योंकि इसके माध्यम से हम आपको अक्टूबर में आने वाले व्रत-त्योहारों की तिथियों से रूबरू कराएंगे जो इस माह को सबसे विशेष बनाती है। इसके अलावा, अक्टूबर में जन्म लेने वाले लोगों के व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ रोचक बातों से भी आपको अवगत कराएंगे।इस महीने में कब-कब है बैंक हॉलिडे?अक्टूबर के महीने में कब और कौन सा ग्रह करने जा रहा है राशि परिवर्तन? और इस माह लगने वाले सूर्य ग्रहण का कैसा होगा आपके जीवन पर असर? इसकी जानकारी भी हम प्रदान करेंगे। साथ ही, अक्टूबर 2023 राशि चक्र की सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में किस तरह के परिवर्तन लेकर आएगा? यह भी हम इस ब्लॉग में बताएंगे। 

तो आइये हम बिना देर किये शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और नज़र डालते हैं अक्टूबर के महीने पर। 

अक्टूबर 2023 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

साल 2023 के दसवें महीने अक्टूबर का आरंभ अश्विनी नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि यानी कि 01 अक्टूबर 2023 को होगा और इसका समापन 31 अक्टूबर 2023 को रोहिणी नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को होगा। इस महीने के पंचांग को जानने के बाद अब जानते हैं इस महीने के व्रत-त्योहारों की तिथियों के बारे में। 

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अक्टूबर 2023 में पड़ने वाले व्रत और त्यौहार

तिथिदिनपर्व या अवकाश02 अक्टूबर 2023सोमवारसंकष्टी चतुर्थी10 अक्टूबर 2023मंगलवारइन्दिरा एकादशी11 अक्टूबर 2023बुधवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)12 अक्टूबर 2023गुरुवारमासिक शिवरात्रि14 अक्टूबर 2023शनिवारअश्विन अमावस्या15 अक्टूबर 2023रविवारशरद नवरात्रि, घटस्थापना18 अक्टूबर 2023बुधवारतुला संक्रांति20 अक्टूबर 2023शुक्रवारकल्परम्भ20 अक्टूबर 2023शुक्रवारसरस्वती आवाहन21 अक्टूबर 2023शनिवारनवपत्रिका पूजा22 अक्टूबर 2023रविवारदुर्गा महा अष्टमी पूजा23 अक्टूबर 2023सोमवारदुर्गा महा नवमी पूजा24 अक्टूबर 2023मंगलवारदुर्गा विसर्जन, दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा25 अक्टूबर 2023बुधवारपापांकुशा एकादशी26 अक्टूबर 2023गुरुवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)28 अक्टूबर 2023शनिवारअश्विन पूर्णिमा व्रत

अक्टूबर 2023 में मनाये जाने वाले व्रत एवं त्योहारों की तिथियों को जानने के बाद अब हम बात करेंगे उन लोगों के व्यक्तित्व के बारे में जिनका जन्म अक्टूबर में हुआ है। 

कैसा होता है अक्टूबर में जन्म लेने वालों का व्यक्तित्व?

वैसे तो हर महीने की अपनी कुछ अलग ख़ासियत होती है और ऐसे ही, अक्टूबर का महीना भी अपने आपमें बेहद ख़ास होता है। लेकिन, जिन लोगों का जन्मदिन इस महीने में आता है उनके जीवन में अक्टूबर के महीने का अपना ही स्थान होता है। क्या आप जानते हैं कि कैसा होता है अक्टूबर में जन्मे लोगों का स्वभाव? कैसा होता है इनका व्यक्तित्व? यदि नहीं, तो चलिए जानते हैं इनके स्वभाव के बारे में कुछ रोचक तथ्य।

अगर हम बात करें अक्टूबर में जन्म लेने वालों के स्वभाव की, तो यह जातक दिखने में बेहद आकर्षक होते हैं और इन्हें देखकर आप मोहित हो सकते हैं। जैसे-जैसे इनकी उम्र बढ़ती है इनके सौंदर्य में भी बढ़ोतरी होती है जिसकी वजह से इनके चाहने वालों की संख्या भी बढ़ती जाती है।  साथ ही. यह लोग सुंदरता के प्रेमी होते हैं। इन लोगों का स्वभाव कोमल और शांत होता है और यह अपने दिल की बात हर किसी के सामने खुलकर ज़ाहिर नहीं कर पाते हैं। 

अक्टूबर में पैदा होने वाले लोगों में किसी भी व्यक्ति के दिल को जीतने का हुनर होता है। जब सवाल आता है लोकप्रियता का, तो अक्टूबर में जन्मे लोगों का नाम सबसे पहले आता है। इन जातकों का व्यक्तित्व सकारात्मक होता है जिसका प्रभाव आसपास के लोगों पर भी पड़ता है। ऊर्जावान होते हैं और ऐसे में, कुछ लोग इनसे ईर्ष्या करने लगते हैं। हालांकि, अक्टूबर में जन्मे जातक शांत होते हैं और ज्यादातर अपनी भावनाओं को अपने तक ही रखते हैं इसलिए इनके दोस्तों की लिस्ट दुश्मनों से ज्यादा लंबी होती है। जिन लोगों की सोच नकारात्मक होती है उनसे यह दूर रहना ही पसंद करते हैं।

प्यार के मामले में, अक्टूबर में जन्मे लोग बेहद रोमांटिक होते हैं और अगर यह किसी से प्रेम करते हैं, तो उनके सामने जताने में हिचकिचाते नहीं हैं। पार्टनर के साथ रहने के लिए और उसके साथ समय बिताने के लिए यह जी जान लगा देते हैं। ऐसे में, इन लोगों की भावनाओं के साथ खेलना सही नहीं होता है क्योंकि यह अपने रिश्ते को पूरी ईमानदारी के साथ निभाते हैं और जीवनसाथी से भी इसी की अपेक्षा रखते हैं। 

इन लोगों का अपनी भावनाओं पर पूरा नियंत्रण होता है इसलिए इन्हें गुस्सा बहुत कम आता है। अक्सर, यह अपने गुस्से को ज़ाहिर नहीं करते हैं। हालांकि, ईमानदारी और सच्चाई जैसे गुण इन्हें पसंद होते हैं तथा यह हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहते हैं। कभी भी किसी की पीठ पीछे बुराई नहीं करते हैं। लेकिन, धोख़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करते हैं।       

अक्टूबर में जन्म लेने वालों के लिए भाग्यशाली अंक: 06, 15, 24  

अक्टूबर में जन्म लेने वालों के लिए भाग्यशाली रंग: मैरून 

अक्टूबर में जन्म लेने वालों के लिए शुभ दिन: बुधवार, शुक्रवार

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अक्टूबर 2023 में आने वाले बैंक अवकाश   

दिनबैंक अवकाशकहाँ-कहाँ मान्य होगा2 अक्टूबर, 2023 (सोमवार)महा सप्तमीओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, मेघालय2 अक्टूबर, 2023 सोमवारगांधी जयंतीराष्ट्रीय अवकाश14 अक्टूबर, 2023 शनिवारबथुकम्मा का पहला दिनतेलंगाना14 अक्टूबर, 2023 शनिवारमहालय अमावस्याकर्नाटक, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर पश्चिम बंगाल15 अक्टूबर, 2023 रविवारघटस्थापनाराजस्थान15 अक्टूबर, 2023 रविवारमहाराजा अग्रसेन जयंतीहरियाणा21 अक्टूबर, 2023 शनिवारमहा सप्तमीओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, मेघालय22 अक्टूबर, 2023 रविवारमहाअष्टमीअरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मेघालय, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मणिपुर, उड़ीसा, राजस्थान, त्रिपुरा24 अक्टूबर, 2023 मंगलवारविजयादशमी राष्ट्रीय अवकाश (चंडीगढ़, दमन और दीव, मणिपुर और पांडिचेरी को छोड़कर) 28 अक्टूबर, 2023 शनिवारलक्ष्मी पूजाउड़ीसा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल28 अक्टूबर, 2023 शनिवारमहर्षि वाल्मीकि जयंतीहिमाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और पंजाब31 अक्टूबर, 2023 मंगलवारसरदार वल्लभ भाई पटेल जयंतीगुजरात

अक्टूबर 2023 का धार्मिक महत्व

धार्मिक दृष्टि से अक्टूबर महीने का अपना महत्व है क्योंकि इस महीने में कई हिंदू त्योहारों एवं व्रतों को मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अक्टूबर 2023 का आरंभ अश्विन माह के तहत होगा जबकि इसका अंत कार्तिक माह के अंतर्गत होगा। आपको बता दें कि अश्विन हिंदू वर्ष का सातवां महीना है और वर्ष 2023 में इसका प्रारंभ 30 सितंबर 2023 से होगा तथा इसका समापन 28 अक्टूबर 2023 को होगा। अश्विन माह की समाप्ति के साथ ही कार्तिक का पवित्र महीना लग जाएगा जो 29 अक्टूबर 2023 से लेकर 27 नवंबर 2023 तक रहेगा। 

अक्टूबर का पंचांग तो हमने जान लिया, लेकिन अब जानते हैं कि इन महीनों के महत्व के बारे में और सबसे पहले शुरुआत करते हैं अश्विन माह से। सनातन धन में अश्विन माह के प्रत्येक दिन को महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इस महीने में कई बड़े त्योहारों को धूमधाम से मनाया जाता है। साथ ही,आपको इस माह में पितरों का आशीर्वाद पाने का भी अवसर प्राप्त होता है। अश्विन 2023 का आरंभ पितृ पक्ष के साथ होगा। इसके तुरंत बाद, शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएंगे और 9 दिनों के लिए माँ दुर्गा अपने भक्तों के कष्ट हरने के लिए उनके घर पधारेंगी। इसके साथ ही, दशहरा, अष्टमी और महानवमी जैसे बड़े पर्व भी मनाये जाएंगे। यह माह देवी दुर्गा को समर्पित है और इस दौरान सूर्य धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगता है और शरद ऋतु अपने पैर पसारने लगती है। 

अश्विन माह की पूर्णिमा अर्थात शरद पूर्णिमा के बाद से कार्तिक का पावन माह लग जाएगा। कार्तिक माह को सभी महीनों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह महीना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। यह अवधि श्री हरि विष्णु और तुलसी पूजा के लिए सबसे ख़ास होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के चार महीनों में से एक होता है कार्तिक मास और इस महीने की देवोत्‍थान एकादशी के दिन ही विष्णु जी चार महीने की निद्रा से जागते हैं। शालिग्राम और तुलसी विवाह का आयोजन भी इस माह में ही किया जाता है। साथ ही, कार्तिक में दीप दान, गंगा स्नान, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फल देने वाले माने गए हैं।      

अक्टूबर 2023 में मनाये जाने वाले त्योहारों का महत्व 

2 अक्टूबर, 2023 (सोमवार) संकष्टी चतुर्थी: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर किया जाता है। संकष्टी चतुर्थी के व्रत से जुड़ी मान्यता है कि जो भक्तजन इस व्रत को सच्चे हृदय से करता है भगवान गणेश उसके जीवन में उत्पन्न सभी समस्याओं और संकटों को हर लेते हैं इसलिए संकष्टी चतुर्थी पर श्रीगणेश की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

10 अक्टूबर 2023 (मंगलवार) इन्दिरा एकादशी: पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी को पितरों के उद्धार के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पितृ एकादशी का व्रत करने वाले जातक की सात पीढ़ियों तक के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इंदिरा एकादशी हर साल अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को आती है। यह तिथि पितरों की  आत्मा की शांति के लिए फलदायी मानी जाती है। 

11 अक्टूबर 2023 (बुधवार), प्रदोष व्रत (कृष्ण): सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष स्थान प्राप्त है जो कि पंचांग के अनुसार, हर माह की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। आपको बता दें कि हर महीने में प्रदोष व्रत दो बार आते हैं। इसी क्रम में, सोमवार के दिन पड़ने वाले व्रत को सोम प्रदोष व्रत, मंगलवार के दिन आने वाले व्रत को भौम प्रदोष और जो व्रत शनिवार को पड़ता है, उसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। हर माह में आने वाला यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है।

12 अक्टूबर 2023 (गुरुवार) मासिक शिवरात्रि: हर महीने आने वाली शिवरात्रि यानी कि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि कहते हैं और इस दिन भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि को महत्वपूर्ण माना जाता है जो कि एक वर्ष में 12 बार आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जीवन में चल रही सभी प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है और शिव जी की आराधना की जाती है।

14 अक्टूबर 2023 (शनिवार) अश्विन अमावस्या: हर महीने अमावस्या तिथि आती है, लेकिन अश्विन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या विशेष महत्व रखती है। इस अमावस्या को अश्विन अमावस्या, विसर्जनी अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या के नाम से जाना जाता है। अश्विन अमावस्या के साथ ही श्राद्ध की भी समाप्ति हो जाती है और पूर्वज अपने लोक वापस लौट जाते हैं। अश्विन अमावस्या का दिन ज्ञात और अज्ञात लोगों का श्राद्ध करने के लिए श्रेष्ठ होता है। 

15 अक्टूबर 2023 (रविवार) शरद नवरात्रि: सनातन धर्म में एक वर्ष में चार बार नवरात्रि का त्यौहार आता है जो इस प्रकार हैं माघ, चैत्र, शरद और आषाढ़ आदि। लेकिन, इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। इस दौरान भक्तजन देवी दुर्गा को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए नौ दिनों तक व्रत करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों का अंत नवमी के दिन होता है।

15 अक्टूबर 2023 (रविवार) घटस्थापना: नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना की जाती है जिसे कलश स्थापना के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में कलश स्थापना को महत्वपूर्ण माना गया है जो नवरात्रि के आरंभ का प्रतिनिधित्व करती हैं। चाहे शरद नवरात्रि हो या चैत्र नवरात्रि, इन दोनों में ही घटस्थापना शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान से की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना में कलश को भगवान गणेश का स्वरूप मानकर पूजा जाता है।

18 अक्टूबर 2023 (बुधवार) तुला संक्रांति: सूर्य को वैदिक ज्योतिष में “राजा” का दर्जा प्राप्त है जो कि एक माह के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। जब कभी भी सूर्य अपना राशि परिवर्तन करते हैं, तो उस घटना को संक्रांति कहा जाता है और अब सूर्य देव 18 अक्टूबर 2023 को कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करेंगे इसलिए इस संक्रांति को तुला संक्रांति कहा जाएगा। हालांकि, सूर्य हर महीने अपना राशि परिवर्तन करते हैं और इस प्रकार, एक वर्ष में कुल 12 संक्रांति आती हैं। सूर्य गोचर की अवधि को दान-पुण्य तथा धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

20 अक्टूबर 2023 (शुक्रवार) कल्परम्भ: कल्परम्भ को काल प्रारंभ भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है देवी दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा का आरंभ षष्ठी तिथि से होता है। इस पर्व के संबंध में मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस तिथि पर प्रात: काल घट या कलश में जल भरकर देवी दुर्गा को समर्पित करते हुए इसकी स्थापना की जाती है। घट स्थापना के पश्चात महासप्तमी, महाअष्टमी और महानवमी, इन तीनों ही तिथियों पर माता दुर्गा की पूजा, आराधना और उपवास किया जाता है।

20 अक्टूबर 2023 (शुक्रवार) सरस्वती आवाहन: नवरात्रि पर्व के दौरान जिस दिन से देवी सरस्वती की पूजा आरंभ होती है उस दिन को ‘सरस्वती आवाहन’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता सरस्वती का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी उपासना की जाती है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिन विद्या और ज्ञान की देवी सरस्वती जी को समर्पित होते हैं। यह पूजा सरस्वती आवाहन के साथ शुरू होती है और विजयदशमी पर सरस्वती विसर्जन के साथ समाप्त होती है।

21 अक्टूबर 2023 (शनिवार) नवपत्रिका पूजा: नवरात्रि पर्व में दुर्गा पूजा की शुरुआत महासप्तमी तिथि से होती है और इस दिन ही नवपत्रिका पूजा की जाती है। नवपत्रिका को कलाबाऊ पूजा भी कहा जाता है और यह पूजा मुख्य रूप से बंगाल, असम, ओडिशा आदि राज्यों में नौ तरह की पत्तियों को मिलाकर की जाती है। इस पूजा में इस्तेमाल किये जाने वाले नौ पत्तों में से हर पत्ते को देवी के नौ अलग-अलग स्वरूप माना जाता है।

22 अक्टूबर 2023 (रविवार) दुर्गा महा अष्टमी पूजा: नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दूसरे दिन महाष्टमी का पर्व मनाया जाता है जो संसार में महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी प्रसिद्ध है। महाष्टमी तिथि पर देवी दुर्गा की पूजा का विधान भी महासप्तमी के समान रहता है। लेकिन आपको बता दें कि महाष्टमी के अवसर पर प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जाती है। महाष्टमी के दिन महास्नान के बाद मां दुर्गा का षोडशोपचार पूजन करने की परंपरा है।

23 अक्टूबर 2023 (सोमवार) दुर्गा महानवमी पूजा: वर्ष 2023 में शारदीय नवरात्रि की नवमी 23 अक्टूबर को पड़ेगी और यह नवरात्रि पूजा का अंतिम दिन होता है। महानवमी तिथि मां सिद्धिदात्री को समर्पित होती है। सनातन धर्म में महानवमी तिथि देवी दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए विशेष मानी गई है। इस दिन मां दुर्गा की षोडशोपचार पूजा करने के बाद हवन आदि करने का विधान है। यह दुर्गा पूजा का तीसरा और अंतिम दिन होता है।  

24 अक्टूबर 2023 (मंगलवार) दुर्गा विसर्जन, शरद नवरात्रि पारणा: शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी गयी है। इस दिन नवरात्रि की समाप्ति के साथ-साथ दुर्गा पूजा का समापन दुर्गा विसर्जन के साथ होता है। साथ ही, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को नवरात्रि पारणा भी किया जाता है और नवरात्रि के नौ दिनों का भी अंत होता है।      

24 अक्टूबर 2023 (मंगलवार) दशहरा: हिंदू धर्म में दशहरा का त्यौहार विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है जो कि प्रत्येक वर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर आता है। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दशहरा के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकापति रावण का वध करके अपने अर्धांगिनी सीता जी को रावण की कैद से मुक्त कराया था। साथ ही, इस दिन कुछ लोग शस्त्र पूजा भी करते हैं।

25 अक्टूबर 2023 (बुधवार) पापांकुशा एकादशी: पापांकुशा एकादशी हर साल शारदीय नवरात्रि की समाप्ति के बाद और दशहरा के अगले दिन पड़ती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘पापांकुशा एकादशी’ कहते हैं। इस एकादशी पर श्रीहरि विष्णु का पूजन किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर विष्णु जी की पूजा करने से भगवान विष्णु अपने भक्त से प्रसन्न होकर धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं और सभी पापों से मुक्ति प्रदान करते हैं।

28 अक्टूबर 2023 (शनिवार) अश्विन पूर्णिमा व्रत: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को आश्विन पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इसे शरद पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहते हैं। ज्योतिष की मानें तो, पूरे वर्ष में केवल शरद पूर्णिमा के दिन ही चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं में दर्शन देते हैं और इससे निकलने वाली किरणें अमृत समान मानी जाती है।

अक्टूबर में होने वाले ग्रहण और गोचर 

अगर हम बात करें अक्टूबर में होने वाले ग्रहण और गोचर की तो, इस महीने दो ग्रहण लगने जा रहे हैं जबकि 7 प्रमुख ग्रहों का गोचर होने जा रहा है। हालांकि, इस दौरान एक ग्रह दो बार अपनी राशि परिवर्तन करेगा। तो आइये बिना देर किये जानते हैं इन गोचरों की तिथियों एवं समय के बारे में।

बुध का कन्या राशि में गोचर (01 अक्टूबर 2023): बुध ग्रह को बुद्धि का कारक ग्रह माना गया है जो कि अब 01 अक्टूबर, 2023 की रात 08 बजकर 29 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहा है।

शुक्र का सिंह राशि में गोचर (02 अक्टूबर 2023): वैदिक ज्योतिष में शुक्र को स्त्री और सुंदरता का कारक ग्रह माना गया है और यह 02 अक्टूबर, 2023 की रात 12 बजकर 43 मिनट पर सिंह राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

मंगल का तुला राशि में गोचर (03 अक्टूबर 2023): ज्योतिष में मंगल ग्रह को योद्धा और सेनापति का दर्जा प्राप्त है और अब यह 03 अक्टूबर 2023 की शाम 05 बजकर 12 मिनट पर तुला राशि में गोचर करेंगे।

सूर्य का तुला राशि में गोचर (18 अक्टूबर 2023): वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों में प्रमुख ग्रह माना जाता है जो 18 अक्टूबर 2023 की दोपहर 01 बजकर 18  मिनट पर तुला राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

बुध का तुला राशि में गोचर (19 अक्टूबर 2023): बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह बुध 19 अक्टूबर 2023 की दोपहर 01 बजकर 06 मिनट पर कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर कर जाएंगे। 

राहु का मीन राशि में गोचर (30 अक्टूबर 2023): वर्ष 2023 में राहु वक्री चाल चलते हुए मंगल महाराज की मेष राशि से निकलकर 30 अक्टूबर की दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे।

केतु का कन्या राशि में गोचर (30 अक्टूबर 2023): केतु महाराज एक राशि में डेढ़ वर्ष तक रहने के बाद दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। वर्ष 2023 में केतु 30 अक्टूबर, 2023 की दोपहर 02 बजकर 13 मिनट पर शुक्र ग्रह की राशि तुला में गोचर करेंगे। 

अब अक्टूबर में पड़ने वाले ग्रहण पर नज़र डालते हैं 

सूर्य ग्रहण (14 अक्टूबर 2023): साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को लगने जा रहा है जो कंकणाकृती सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण की शुरुआत 14 अक्टूबर की रात 08 बजकर 34 मिनट पर होगी और इसका अंत आधी रात को 02 बजकर 25 मिनट  पर होगा।    

चंद्र ग्रहण (29 अक्टूबर 2023): वर्ष 2023 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 29 अक्टूबर की देर रात 01 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा और इसका अंत 02 बजकर 24 मिनट पर होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए सूतक काल मान्य होगा।

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सभी 12 राशियों के लिए अक्टूबर 2023 का राशिफल 

मेष राशि 

करियर में मेष राशि वालों की मेहनत को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है और ऐसे में,कामों में देरी देखने को मिल सकती है। आर्थिक दृष्टि से महीना अनुकूल रहेगा, लेकिन फिर भी सोच-समझकर धन खर्च करें। इस दौरान परिवार में तनाव का माहौल रह सकता है और सदस्यों के बीच सामंजस्य की कमी नज़र आ सकती है। प्रेम जीवन के लिए अक्टूबर शानदार रहेगा और आप पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। हालांकि, साथी की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है।   

उपाय: शनिवार के दिन हनुमान जी के लिए हवन/यज्ञ करें।

वृषभ राशि

व्यापार करने वाले जातकों को बिज़नेस में समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। संभव है कि आपको भाग्य का साथ न मिले।  छात्रों के लिए यह महीना विशेष रह सकता है और इसके परिणामस्वरूप आपको शिक्षा में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अक्टूबर में परिवार का माहौल खुशियों और सद्भाव से भरा रहेगा। आपस में तालमेल देखने को मिलेगा। धन के मामलों में यह माह चुनौतीपूर्ण रह सकता है और आपके खर्चों में भी अपार बढ़ोतरी हो सकती है। इस अवधि में आपको स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। साथ ही, सेहत पर भी धन ख़र्च हो सकता है। 

उपाय:  प्रतिदिन 24 बार “ॐ भार्गवाय नम:” का जाप करें।

मिथुन राशि    

करियर में आपको कड़ी मेहनत और प्रयासों के बाद सकारत्मक परिणाम प्राप्त होंगे।   छात्रों को पढ़ाई के सिलसिले में विदेश जाने का मौका मिल सकता है। इन जातकों का वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और यह पार्टनर के साथ यादगार समय बिताएंगे।  आर्थिक रूप से आप प्रगति हासिल करेंगे और ऐसे में, आप अच्छा पैसा कमाएंगे। इस माह आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा, लेकिन तनाव लेने से बचें। 

उपाय: प्रतिदिन 41 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।

कर्क राशि

व्यापार करने वालों को इस माह प्रतिद्वंदियों से कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है। नौकरीपेशा जातकों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में कुछ समस्याएं छात्रों के मार्ग में आ सकती हैं इसलिए ध्यान से आगे बढ़ें।परिवार का माहौल बिगड़ सकता है और सदस्यों में सामंजस्य की कमी दिखाई दे सकती है।   आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है और आप नौकरी में बदलाव करने पर मज़बूर हो सकते हैं। 

उपाय: सोमवार के दिन चंद्र देव के लिए यज्ञ/हवन करें।

सिंह राशि

नौकरीपेशा जातकों को अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे और पदोन्नति के भी योग बनेंगे। इस माह आपको कमाई के अच्छे अवसर मिलेंगे और धन की बचत भी कर सकेंगे। अक्टूबर का महीना प्रेम और वैवाहिक जीवन दोनों के लिए ही शानदार रहेगा। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा और आपको सुख-शांति का अनुभव होगा। सिंह राशि के जातकों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा और आप खुद को फिट रख सकेंगे। 

उपाय: प्रतिदिन आदित्य हृदयम का जाप करें।

कन्या राशि

इस माह करियर में समस्याओं के बावजूद भी आपका प्रदर्शन शानदार रहेगा।व्यापार करने वाले जातकों को औसत लाभ की प्राप्ति हो सकती है। अक्टूबर में आपके खर्चों में वृद्धि होगी। साथ ही, नुकसान होने की आशंका है। कन्या राशि वालों को सिरदर्द और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। जो रिलेशनशिप में हैं, उन्हें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

उपाय: प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

तुला राशि

कार्यस्थल पर आप समय पर काम पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे और यह बात आपको असंतुष्ट कर सकती है। आपको धन के मामलों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है इसलिए सतर्क रहें। शिक्षा के क्षेत्र में अनुकूल परिणामों की प्राप्ति होगी और आप ज्ञान अर्जित करने में सक्षम होंगे। जो जातक विवाह करने की सोच रहे हैं, तो यह समय ऐसा करने के लिए ठीक नहीं कहा जाएगा। सेहत को लेकर सावधान रहना होगा क्योंकि आपको पाचन और त्वचा से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। 

उपाय: मंगलवार के दिन राहु-केतु के लिए यज्ञ/हवन करें।

वृश्चिक राशि 

करियर के क्षेत्र में अक्टूबर का महीना आपको अच्छे-बुरे दोनों तरह के परिणाम दे सकता है। बिज़नेस करने वालों के लिए समय थोड़ा मुश्किल होगा और लाभ भी कम होने की संभावना है।आर्थिक मामलों में मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे और खर्चों में भी वृद्धि होगी। इस माह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हालांकि, माता की सेहत का ध्यान रखें। जो लोग रिश्ते में हैं उन्हें आपसी समझ की कमी का अनुभव हो सकता है। 

उपाय: रोजाना 27 बार “ॐ हनुमते नमः” का जाप करें। 

धनु राशि 

तीसरे भाव में बैठे वक्री शनि जातकों को नौकरी में धीमी गति से प्रगति दे सकते हैं और विदेश से नौकरी के अवसर भी।  व्यापार करने वालों का बिज़नेस तेज़ गति से आगे बढ़ेगा और आप अच्छा लाभ प्राप्त करेंगे। परिवार का वातावरण शांतिपूर्ण रहेगा और सदस्यों के बीच आपसी समझ भी दिखाई देगी। धन से जुड़े मामलों में भाग्य आपका साथ देगा और ऐसे में, आपको अच्छा लाभ प्राप्त होगा। इन जातकों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप ऊर्जावान बने रहेंगे। 

उपाय: गुरुवार के दिन गरीब को भोजन दान करें।

मकर राशि

अक्टूबर का महीना आपके करियर के लिए अच्छे-बुरे दोनों तरह के परिणाम लेकर आ सकता है।इस माह छात्रों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। मकर राशि के जातकों को इस माह लाभ और हानि दोनों उठानी पड़ सकती है। प्रेम और वैवाहिक जीवन के लिए समय कठिन रहेगा और ऐसे में, आपका पार्टनर के साथ विवादों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कोई बड़ी समस्या आपको परेशान नहीं करेगी, लेकिन छोटी-मोटी समस्या आपको घेर सकती है। 

उपाय: प्रतिदिन 21 बार “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।

कुंभ राशि

नौकरीपेशा जातकों के लिए अक्टूबर का महीना चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आपके मार्ग में आ सकती हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता हासिल करने में परेशानी का अनुभव हो सकता है। कुंभ राशि वालों को धन की कमी के चलते धन से जुड़ी बाधाओं से दो-चार होना पड़ सकता है। इस दौरान आपको पेट में दर्द, तनाव, चिंता जैसे रोगों की शिकायत भी हो सकती हैं। इन जातकों के रिलेशनशिप में अशांति बनी रह सकती है। 

उपाय: मंगलवार के दिन लाल फूलों से हनुमान जी की पूजा करें। 

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को सहकर्मियों और वरिष्ठों के साथ कुछ समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।व्यापार करने वालों के लिए समय मुश्किल भरा रहेगा और नुकसान होने की भी संभावना है। धन कमाने के मार्ग में समस्याएं आपके मार्ग में उत्पन्न हो सकती हैं और कुछ खर्चें भी आ सकते हैं। इस माह मीन राशि वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर रहने की आशंका है जिसके चलते आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं।  जो जातक रिश्ते में हैं उनके विवाह होने के योग बनेंगे। 

उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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