अगस्त्य ऋषि ने एक घूंट में पी लिया इंद्र द्वारा गिराया गया वर्षा का पानी, क्या था वह प्रसंग
शिवजी ने भगवान विष्णु का रूप धारण कर अगस्त्य ऋषि के पास जाकर उन्हें भोजन कराया। भगवान ने कहा, तृप्तोस्मि, और इस प्रकार जगत के सभी प्राणियों का पेट भी भर गया। यह घटना दर्शाती है कि जब जगन्नाथ तृप्त होते हैं, तो सम्पूर्ण जगत तृप्त हो जाता है।
