आज भ्रमण पर निकलेंगी दंतेश्वरी भवानी, दंतेवाड़ा शक्तिपीठ की 610 साल पुरानी परंपरा, जानें रोचक रहस्य
कहा जाता है कि दंतेवाड़ा में माता के दांत गिरे थे. इसलिए इनका नाम ही दंतेश्वरी पड़ गया. आमतौर पर मंदिरों में माता के दो ही नवरात्रे मनाए जाते हैं, लेकिन शंखनी-डंकनी नदी के तट पर स्थित इस मंदिर में चैत्र और शारदीय नवरात्र के अलावा फाल्गुन नवरात्रों पर भी मेला लगता है.
