गजकेसरी, बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि योग बना रहे इस शरद पूर्णिमा को शुभ

शरद पूर्णिमा 2022: शरद पूर्णिमा सनातन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन को देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को ध्यान में रखते हुए मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उद्देश्य से अनेक अचूक उपाय किये जाते हैं, जिन्हें करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

हिन्दू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर पड़ती है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है। इसलिए इसे रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और कौमुदी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से उपन्न हुई थीं। इसलिए इस दिन धन की देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं और अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। साथ ही, शरद पूर्णिमा पर चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति के जीवन से तमाम दुख एवं कष्ट मिट जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष उपायों को करने से व्यक्ति की हर समस्या का समाधान हो जाता है। साथ ही, धन, वैभव और सुख की भी प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा 2022 पर किन उपायों को करना होगा लाभदायी।

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शरद पूर्णिमा/अश्विन पूर्णिमा व्रत मुहूर्त 2022

पूर्णिमा तिथि आरंभ: 9 अक्टूबर, 2022 की सुबह 3 बजकर 44 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 10 अक्टूबर, 2022 की सुबह 2 बजकर 26 मिनट तक

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शरद पूर्णिमा से जुड़ी मान्यताएं और महत्व 

पौराणिक मान्यताएं: सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा 2022 का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा की रात में उत्तर और मध्य भारत में खीर बनाई जाती है और फिर उस खीर को चाँद की रोशनी में रख दिया जाता है। इसके पीछे ऐसी मान्यता है कि जब खीर पर चंद्रमा की पवित्र किरणें पड़ती हैं तो वह कई गुना लाभदायक और गुणकारी हो जाती है। शरद पूर्णिमा के व्रत को कई जगहों पर कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है।

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महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और व्रत करना शुभ माना जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए देवी-देवताओं का पूजन और उपवास करती हैं। साथ ही, शरद पूर्णिमा पर चांद पृथ्वी के बेहद करीब होता है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात यदि चंद्रमा की किरणें किसी व्यक्ति के शरीर पर पड़ जाएं तो इसे उस व्यक्ति के लिए फलदायी माना जाता है।

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शरद पूर्णिमा 2022 के दिन करें ये उपाय

धन की कमी के लिए: आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें 5 कौड़ियां चढ़ाएं। अगले दिन लाल या पीले रंग के कपड़े में इन कौड़ियों को लपेटकर तिजोरी में रख दें।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए: यदि परिवार का कोई सदस्य बीमार रहता है, तो शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में छत पर खीर रखें और अगली दिन जो व्यक्ति बीमार रहता है उसे इसका सेवन कराएं। साथ ही इस दिन चंद्र मंत्र का जाप करें – “ॐ सोम सोमाय नमः”।

व्यापार और नौकरी में लाभ के लिए: व्यापार में बढ़ोतरी के साथ नौकरी में प्रमोशन के लिए शरद पूर्णिमा के दिन हनुमान जी के सामने चौमुखी (चारमुख वाला) दीपक जलाएं। इसके बाद इस मंत्र – “ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः” का ग्यारह माला जाप करें।

तुलसी पूजा: शरद पूर्णिमा के दिन स्नान करने के बाद तुलसी पूजा करें और शाम को तुलसी के सामने दीपक जलाएं। ऐसा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी।

सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं : मां तुलसी को सफेद रंग की कोई मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त होती है।

 प्रेम जीवन को बेहतर बनाने के लिए: रात को चंद्रमा को जल अर्पित करें और फिर इस मंत्र का जाप करें – “ॐ राधावल्लभाय नमः”।

मां लक्ष्मी को लगाएं इन चीज़ों का भोग: शरद पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी को सिंघाड़े, दही, मखाने, बताशे और पान का भोग लगाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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शरद पूर्णिमा के दिन के दिन बन रहे हैं ये विशेष योग

शरद पूर्णिमा पर गजकेसरी योग बनेगा और शास्त्रों के अनुसार गजकेसरी योग को बहुत शुभ माना गया है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने वाले जातक के जीवन में आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।इस दिन बुधादित्य राजयोग भी बन रहा है और इस योग का निर्माण उस राशि में होगा जिसमें बुध गोचर कर रहा है और यह प्रत्येक जातक के लिए शुभ साबित होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग को किसी भी तरह की खरीदारी और मांगलिक कार्यों की शुरूआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। 

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शरद पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि

शरद पूर्णिमा के दिन अनेक तरह के धार्मिक अनुष्ठान किये जाते हैं जो इस प्रकार हैं:

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी, तालाब या सरोवर में स्नान करें और उसके बाद व्रत का संकल्प लें।देवताओं की मूर्तियों को वस्त्र और गहनें इत्यादि पहनाएं।इसके पश्चात, आचमन (पूजा के आरंभ से पहले शरीर के शुद्धिकरण की प्रक्रिया) करने के बाद देवी-देवताओं के सामने हाथ जोड़कर उनका आवाहन करें।अब भगवान का पूजन करते हुए उन्हें वस्त्र, इत्र, अक्षत, पुष्प, दीप, नैवेद्य, तांबूल (सुपारी या पान) और दक्षिणा आदि अर्पित करें।गाय के दूध से खीर बनाये और फिर इसमें घी और चीनी मिलाकर आधी रात को भगवान को भोग लगाएं। रात के समय चंद्र देव की पूजा करें और उन्हें नैवेद्य के रूप में खीर का भोग लगाएं।अब खीर के बर्तन को चांद की रोशनी में रख दें। अगले दिन इस खीर का खुद भी सेवन करें और दूसरों को भी प्रसाद के रूप में दें।इस दिन आश्विन पूर्णिम की कथा अवश्य सुननी चाहिए।कथा कहने से पहले एक लोटे में जल और गिलास में गेहूं, पत्ते के दोने में रोली व चावल रखें। फिर कलश की पूजा करें और दक्षिणा  चढ़ाएं। इस दिन भगवान शिव-माता पार्वती के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय की भी पूजा की जाती है।

शरद पूर्णिमा 2022 के दिन राशि अनुसार करें ये उपाय

मेष : मेष राशि के लोग यदि शरद पूर्णिमा के दिन गुड़ का दान करें, तो इससे आर्थिक जीवन में स्थिरता आएगी।वृषभ: शरद पूर्णिमा के दिन चीनी का दान करने से जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होगी।मिथुन: मिथुन राशि के जातकों को शरद पूर्णिमा के दिन हरी मूंग की दाल का दान करना चाहिए। ऐसा करने से आपको उन सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा जो आपके शादीशुदा जीवन में चल रही है।कर्क: शरद पूर्णिमा पर चावल का दान करें। इससे आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होगी।सिंह: सिंह राशि के जातक शरद पूर्णिमा के दिन गेहूं का दान करें। इससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।कन्या: कन्या राशि के जातक इस दिन पशुओं को हरा चारा खिलाएं। ऐसा करने से आपको सभी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।तुला: तुला राशि के जातक इस दिन छोटी कन्याओं में खीर बांटें। इससे आपको जीवन में ऐश्वर्य और वैभव की प्राप्ति होगी।वृश्चिक: शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए शरद पूर्णिमा के दिन बंदरों को गुड़ के साथ चने खिलाएं।धनु : शरद पूर्णिमा के दिन मंदिर में चने का दान करें। इससे आपके जीवन में खुशी बरकरार रहेगी।मकर : शरद पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों को कंबल का दान करें। इससे नौकरी में आ रही समस्याएं दूर होने लगेगी।कुंभ: व्यापार में स्थिरता पाने के लिए काली उड़द की दाल का दान करें। मीन : हल्दी और बेसन से बनी मिठाई का दान करें। ऐसा करने से जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।

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