गुरु का कर्क राशि में गोचर: राजनीति, व्यापार और समाज में बड़ा बदलाव

एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको बृहस्‍पति का कर्क राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि गुरु के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा।

बता दें कुछ राशियों को गुरु के गोचर से बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग में गुरु ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया व शेयर मार्केट पर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे।

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

बता दें कि गुरु का कर्क राशि में गोचर 19 अक्टूबर 2025 की दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर होगा। तो आइए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं किस राशि के जातकों को इस दौरान शुभ परिणाम मिलेंगे और किन्हें अशुभ।

गुरु का कर्क राशि में गोचर: ज्योतिष में बृहस्पति का महत्व

ज्योतिष में बृहस्पति, जिस गुरु या बृहस्पति देव भी कहा जाता है, ज्ञान, समृद्धि और विस्तार का ग्रह माना जाता है। यह शिक्षा, आध्यात्मिकता, नैतिकता, धन, भाग्य और उच्च ज्ञान का प्रतीक है। इसलिए इसे अक्सर देवताओं का गुरु भी कहा जाता है। ज्योतिष में बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है, जो जिस भी कुंडली में स्थिति होते हैं, वहां आशावाद, प्रगति, दानशीलता और दिव्य आशीर्वाद लाते हैं। 

यदि बृहस्पति मजबूत हो तो व्यक्ति को धन, ज्ञान, मान-सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। वहीं यदि बृहस्पति कमजोर या अशुभ स्थिति में हो तो जीवन में आर्थिक अस्थिरता, गलत फैसले लेने की आदत या सोच में उलझन जैसी परेशानियां आ सकती हैं। बृहस्पति धनु और मीन राशि के स्वामी होते हैं। यह कर्क राशि में उच्च का और मकर राशि में नीच के होते हैं। 

कुंडली के दूसरे, पांचवें, नौवें और ग्यारहवें भाव पर इसका विशेष प्रभाव रहता है। इसलिए यह ग्रह भौतिक सफलता और आध्यात्मिक संतुलन दोनों के बीच राह दिखाने वाला मार्गदर्शक माना जाता है।

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

गुरु का कर्क राशि में गोचर: विशेषताएं

बृहस्पति ज्ञान, आध्यात्मिकता और समृद्धि का ग्रह है, जो हमें आत्म-प्रकाश और आध्यात्मिक विकास की राह दिखाता है। कर्क राशि संवेदनशीलता, भावनाओं और सहज-बुद्धि से जुड़ी होती है, ये हमारे पोषण करने वाले, स्नेह और देखभाल करने वाले पक्ष को दर्शाती है।

जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति कर्क राशि में स्थित होता है, तो यह संयोजन भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास के लिए अनुकूल होता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपनी सहज-बुद्धि का सही उपयोग कर जीवन की जटिल परिस्थितियों को समझ सकता है और उनमें सफलता पा सकता है।

कर्क में बृहस्पति व्यक्ति के भीतर विस्तार, सफलता और आध्यात्मिक जागृति को प्रोत्साहित करता है। यह व्यक्ति को ज्ञान और विवेक का सहज अनुभव देता है, साथ ही उसकी देखभाल करने वाला और स्नेही प्रकृति को भी मजबूत करता है। इस प्रभाव से किसी व्यक्ति की भावनात्मक बुद्धिमत्ता बढ़ती है, जिससे वह रिश्तों और परिस्थितियों की गहराई को बेहतर समझ पाता है। 

जिन्हें अपनी सहज-बुद्धि का सही इस्तेमाल करना आता है, वे इन परिस्थितियों से लाभ उठाकर अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में तरक्की कर सकते हैं। कर्क राशि में बृहस्पति का प्रभाव व्यक्ति को धैर्य, समझदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण से काम करने की क्षमता देता है, जिससे जीवन में चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है।

गुरु का कर्क राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का कर्क राशि में गोचर बेहद फलदायी रहने वाला है। इस समय भाग्य के स्वामी ग्रह जो अब तक आपके नौवें और द्वादश भाव में स्थित था, आपके चौथे भाव में प्रवेश कर रहा है। इस गोचर से आपको आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्धता मिलेगी और मातृस्नेह का अत्यंत सशक्त समर्थन मिलेगा। इस दौरान आप अपने भौतिक और आर्थिक लक्ष्यों को भी आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। धार्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी और तीर्थयात्राओं का आयोजन या भागीदारी अधिक होगी। 

मित्र और सहकर्मी आपकी मदद करेंगे और आपको नए-नए अनुभवों और जगहों से परिचित कराएंगे। साथ ही, बहनोंं के साथ आपके रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे, जिससे आपके जीवन में आनंद और संतोष की अनुभूति होगी। व्यापारिक मामलों में भी यह समय अनुकूल है। बृहस्पति की आठवें, दसवें और बारहवें भाव पर दृष्टि आपके व्यवसाय में वृद्धि, वैवाहिक, प्रेम में सुधार, रिश्तों में सामंजस्य और आय में संभावित वृद्धि लाएगी। 

कुल मिलाकर, यह गोचर मेष राशि के जातकों के लिए धार्मिक, पारिवारिक, आर्थिक और व्यावसायिक सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लाएगा। इस समय का सही उपयोग करने से जीवन में संतुलन और समृद्धि दोनों की प्राप्ति होगी।

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए कर्क राशि में बृहस्पति का गोचर शुभ रहेगा। इस समय आपका भाग्य और सफलता का ग्रह बृहस्पति आपके द्वितीय भाव में प्रवेश कर रहा है, जो परिवार, वाणी और आय का कारक होता है। खास बात यह है कि बृहस्पति अपने ही राशि में स्थित होने से आपके जीवन पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव डालेगा। इस गोचर से आपके बच्चों से जुड़े सुखद समाचार मिलेंगे। यदि आप माता-पिता बनने की इच्छा रखते हैं, तो इस अवधि में आपके सपने पूरे होने की संभावना है।

शिक्षा और अध्ययन के क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त होगी। आप अपने सीखने के लक्ष्यों को आसानी से हासिल करेंगे और अध्ययन में आपकी रुचि और भी बढ़ेगी। विवाह के अवसर भी इस समय बढ़ेंगे। यदि आप अविवाहित हैं, तो शादी के लिए अनुकूल समय है। विवाहित जोड़ों के लिए यह गोचर वैवाहिक जीवन सामंजस्य और प्यार बढ़ाएगा, जिससे संबंधों में संतोष और खुशी बढ़ेगी।

व्यवसाय और आय के क्षेत्र में भी लाभ के योग बनेंगे। इस समय आपको समाज के प्रतिष्ठित और प्रभावशाली लोग मिल सकते हैं, जो आपके व्यवसाय और सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने में मदद करेंगे। आय में वृद्धि और लाभकारी व्यावसायिक अवसरों का लाभ लेने का यह समय अनुकूल रहेगा। कुल मिलाकर यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए परिवार, शिक्षा, विवाह, व्यवसाय और सामाजिक उन्नति सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बृहस्पति आपके पहले भाव में गोचर कर रहे हैं। बृहस्पति का यह गोचर आपके जीवन में धार्मिकता, दान और समाजसेवा के कामों को बढ़ावा देगा। इस समय आप धर्म, पूजा, तीर्थयात्रा और सामाजिक कल्याण के कार्यों में अधिक रुचि लेंगे। इससे न केवल मानसिक संतोष मिलेगा बल्कि दूसरों के बीच आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा। धार्मिक यात्रा और लंबी दूरी की यात्राओं की संभावना बढ़ जाएगी। यदि आप पूरी मेहनत और प्रयास करेंगे, तो विदेश यात्रा और अध्ययन के अवसर भी मिल सकते हैं। इस दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

मोटापे या पेट संबंधी समस्याओं के कारण कभी-कभी पेट या पाचन से जुड़े रोग हो सकते हैं। साथ ही, बृहस्पति के चौथे, छठे और आठवें भाव पर प्रभाव के कारण कुछ खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं। इस गोचर के दौरान परिवार के सुख संपत्ति और सामंजस्य बढ़ेगा। पारिवारिक वातावरण में संतुलन आएगा और आप अपने घर की स्थिति से अधिक संतुष्ट महसूस करेंगे। ससुराल से भी खुशखबरी मिलने की संभावना है। 

अक्टूबर में बृहस्पति का आपके राशि में प्रवेश करना आपके लिए सौभाग्यशाली रहेगा। शिक्षा, धन, संतान, वैवाहिक जीवन, व्यवसाय और भाग्य में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। यह समय राजयोग जैसे फल देने वाला माना जा सकता है। दिसंबर में बृहस्पति का बारहवें घर में वक्री होना स्वास्थ्य और खर्चों में कुछ बढ़ोतरी कर सकता है इसलिए इस समय अतिरिक्त सावधानी और व्यय प्रबंधन की आवश्यकता होगी। कुल मिलाकर, कर्क राशि के जातकों के लिए यह अवधि धार्मिकता, पारिवारिक सुख, शिक्षा और भाग्य में वृद्धि के लिहाज से बेहद शुभ रहेगी।

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करे। 

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बृहस्पति आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। इस समय आपके लिए विदेश में सफलता के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होंगी। धन अर्जित करना आसान होगा और आपकी आय में सुधार आएगा। नौकरी या व्यवसाय में आपके उचित वेतन और लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी। पुराने आर्थिक मसले सुलझेंगे और धन संबंधित मामलों में राहत महसूस होगी। बृहस्पति का चौथे, छठे और आठवें भाव पर दृष्टि बनी रहने के कारण वैवाहिक मामलों में भी सुधार आएगा।

यदि आप अविवाहित हैं, तो शादी के अवसर बढ़ सकते हैं। प्रेम संबंध अधिक मजबूत और रोमांचक रहेंगे। संतान से जुड़े मामलों में वृद्धि होगी, यदि आपकी इच्छा है तो माता-पिता बनने का अवसर भी मिल सकता है। शैक्षिक क्षेत्र में भी इस समय सफलता प्राप्त होगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय अध्ययन और परीक्षा में अच्छे परिणाम लाने वाला रहेगा। साथ ही, अचानक धन लाभ की संभावना भी बनी रहेगी। 

किसी तरह की संपत्ति का उत्तराधिकार में मिलना या गुप्त धन प्राप्त होना संभव है। भाई-बहनों के साथ संबंध सुधारने का भी यह समय उपयुक्त है। परिवार में मेलजोल और सहयोग बढ़ेगा। कुल मिलाकर, सिंह राशि जातकों के लिए यह अवधि धन, विदेश में अवसर, शैक्षिक सफलता और पारिवारिक संबंधों में सुधार के लिहाज से अत्यंत शुभ रहेगी। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बृहस्पति धन (द्वितीय भाव) और लाभ (एकादश भाव) के स्वामी हैं। वर्ष 2025 में यह आपकी राशि के छठे भाव से गोचर करेंगे। इस दौरान आपके धन कमाने के अवसर बढ़ेंगे। आप आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे और आपकी योजनाएं सफल होंगी। मनचाही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं और आमदनी में बढ़ोतरी के अच्छे योग बनेंगे। नौकरीपेशा लोग तरक्की पा सकते हैं और चाहे तो इस समय नौकरी बदलने का भी सही मौका मिलेगा।

बृहस्पति की दृष्टि आपके दूसरे आठवें भाव और दसवें भाव पर रहेगा। इसका असर यह होगा कि आपकी संतान में अच्छे संस्कार और संस्कृति आएगी। पढ़ाई-लिखाई में आपको सफलता मिलेगी। उच्च शिक्षा और डिग्री प्राप्त करने के बाद अच्छे अवसर मिलने के योग हैं। इस समय आप धन कमाने के नए-नए रास्ते खोजेंगे। बच्चों से जुड़ी कोई शुभ खबर मिल सकती है। 

स्वास्थ्य में सुधार होगा और पुराने रोगों से राहत मिलेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि आपके निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे आप सही फैसले ले पाएंगे। कुल मिलाकर, कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर धन, नौकरी, शिक्षा, संतान और स्वास्थ्य सभी मामलों में सकारात्मक परिणाम लाने वाले रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का यह गोचर बहुत महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि बृहस्पति आपकी राशि लग्न और कर्म भाव (दसवें भाव) दोनों के स्वामी हैं। यह गोचर आपकी राशि के पांचवें भाव में होगा। इस समय आप अपने काम में पूरी मेहनत और ध्यान देंगे, जिससे आपको कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आपकी मेहनत रंग लाएगी और उन्नति के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी क्योंकि बृहस्पति यहां से आपके भाग्य (नौवें भाव) लाभ (एकादश भाव) और लग्न (प्रथम भाव) को देखेगा। इससे आपके जीवन में लंबी उम्र और ससुराल पक्ष को भी मिलेगा।

इस दौरान ससुराल पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। काम के सिलसिले में आपको एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करनी पड़ सकती है। अक्टूबर का समय बच्चों के लिए और धन कमाने के लिहाज़ से बहुत अच्छा रहेगा। इस समय प्रेम संबंधों में भी सफलता मिलेगी और रिश्ते मजबूत होंगे।

लेकिन दिसंबर से जब बृहस्पति वक्री होकर चौथे भाव में आएगा, तब पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है। परिवार में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। ऐसे समय में आपको अधिक धैर्य और मेहनत करनी होगी। काम और घर दोनों जगह जिम्मेदारियों को निभाने में सतर्क रहना जरूरी रहेगा। कुल मिलाकर, यह गोचर आपके लिए काम, धन, संतान और प्रेम जीवन में शुभ रहेगा, लेकिन साल के अंत में परिवार से जुड़े मामलों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी।

गुरु का कर्क राशि में गोचर: इस राशि पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

कन्या राशि

कन्‍या राशि वालों के लिए बृहस्पति चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। साल 2025 में जब बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करेंगे, तब यह आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में रहेंगे। इस दौरान आपको कार्यस्थल पर कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार आप जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में आकर अपने काम को अधूरा छोड़ सकते हैं या काम की गति धीमी हो सकती है।

इसलिए इस समय आपको बेहद समझदारी और चतुराई से काम करना होगा। ऐसे हालात में जरूरी है कि आप जिन कामों को नहीं जानते, उनकी जिम्मेदारी उठाना सीखें और धीरे-धीरे उन्हें पूरा करें। यही समय है जब आपको अपने परिवार की जरूरतों की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। इस गोचर के दौरान बृहस्पति आपकी राशि के तृतीय, पंचम और अष्टम भाव पर दृष्टि डालेगा। इससे आपके अंदर धन कमाने और संपत्ति बढ़ाने की इच्छा जागेगी। आप अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि जितना हो सके उतना धन एकत्रित कर सकें।

गुरु का कर्क राशि में गोचर: उपाय

बृहस्पति जब कर्क राशि में आते हैं तो यह उच्च का हो जाता है। इसे बहुत ही शक्तिशाली और शुभ गोचर माना जाता है, क्योंकि यह आध्यात्मिक प्रगति, धन, ज्ञान और सफलता को बढ़ावा देता है। फिर भी हर व्यक्ति की जन्म कुंडली अलग होती है। इसलिए कई बार कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती है। ऐसे में उपाय करने से कठिनाइयां कम होती हैं और शुभ फल और भी अच्छे प्राप्त होते हैं।

“ॐ गुरुवे नमः” या बृहस्पति बीज मंत्र (प्रतिदिन 108 बार) का जाप करें।

गुरुवार को गुरु पूजा करें और भगवान विष्णु या भगवान बृहस्पति को पीले फूल या मिठाई अर्पित करें।

गुरुवार को हल्दी, चना दाल, पीले कपड़े या केले जैसी पीली वस्तुएं दान करें।

शिक्षकों, पुजारियों या आध्यात्मिक मार्गदर्शकों की मदद करें, उनका समर्थन करने से बृहस्पति का आशीर्वाद बढ़ता है।

गुरुवार का व्रत रखें (सूर्यास्त तक मांसाहार, शराब और नमकीन खाद्य पदार्थों का त्याग करें)।

सत्य और विनम्रता का अभ्यास करें, बृहस्पति नैतिकता और धर्म को पुरस्कृत करता है।

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

गुरु का कर्क राशि में गोचर: विश्वव्यापी प्रभाव

शासन, राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध

नेता शासन में ज्यादा नरम और दयालु तरीके अपना सकते हैं।

जनता के लिए कल्याणकारी योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास सुधारों पर जोर दिया जाएगा।

नैतिक नेतृत्व और न्याय आधारित फ़ैसलों की ओर बढ़ावा मिलेगा।

देश आपसी शांति समझौतों और सहयोगी समझौतों की दिशा में काम कर सकते हैं।

शरणार्थियों या विस्थापित लोगों की मदद और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी।

विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति और करुणा से सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

अर्थव्यवस्था, व्यापार और व्यवसाय

रियल एस्टेट, कृषि, खाद्य और पानी से जुड़े उद्योगों में विस्तार देखने को मिलेगा। 

परिवार से जुड़े बिज़नेस, हॉस्पिटैलिटी और देखभाल से जुड़े क्षेत्रों में तरक्की होगी। 

आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव होंगे, लेकिन भावनाओं पर आधारित फैसले बाजार की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

मानवता, आध्यात्मिकता और शिक्षा क्षेत्र में वृद्धि

कर्क राशि पालन-पोषण, सुरक्षा और देखभाल का प्रतीक है और गुरु (बृहस्पति) बच्चों के स्वाभाविक कारक माने जाते हैं। इस स्थिति में बृहस्पति लोगों में परिवार, बच्चों और समाज की भलाई के प्रति चिंता को और बढ़ा देगा।

खाद्य सुरक्षा योजनाओं, बच्चों की देखभाल से जुड़े कार्यक्रमों, मानवीय प्रोजेक्ट्स और महिलाओं को प्राथमिकता देने वाली नीतियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कर्क राशि परंपरा से जुड़ी है, इसलिए बृहस्पति का यह गोचर सांस्कृतिक इतिहास, पूर्वजों की परंपराओं और प्राचीन ज्ञान के प्रति लोगों की रुचि को फिर से जगा सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार होंगे, जहां आधुनिक विज्ञान के साथ-साथ नैतिकता, मूल्य और सांस्कृतिक अध्ययन पर भी ज़ोर दिया जाएगा।

गुरु का कर्क राशि में गोचर: शेयर मार्केट रिपोर्ट

गुरु का कर्क राशि में गोचर का शेयर बाजार में प्रभाव जानें तो, रियल एस्टेट, कृषि, खाद्य, जल स्वास्थ्य और घरेलू सेक्टर के लिए तेजी लेकर आ सकता है। लेकिन  वैश्विक बाजारों में भावनात्मक उतार-चढ़ाव और संरक्षणवादी नीतियां देखने को मिल सकती हैं। निवेशक सुरक्षित संपत्तियों और परिवार केंद्रित निवेशों को प्राथमिकता देंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार थोड़ा धीमा हो सकता है।

इस दौरान निर्माण कंपनियों, आवास वित्त, सीमेंट और निर्माण सामग्री उद्योगों में स्थिर वृद्धि देखी जा सकती है।

किफायती आवास योजनाओं और रियल एस्टेट को समर्थन देने वाली सरकारी नीतियों से बाज़ारों को बढ़ावा मिल सकता है।

कृषि, डेयरी, जैविक खेती, पैकेज्ड फ़ूड और जल-आधारित उद्योग फल-फूल सकते हैं।

सिंचाई, उर्वरक, अनाज और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ी कंपनियों का विस्तार हो सकता है।

यदि मांग आपूर्ति से अधिक होती है, तो खाद्य मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती है।

कृषि, डेयरी, जैविक खेती, पैकेज्ड फ़ूड और जल-आधारित उद्योग फल-फूल सकते हैं।

सिंचाई, उर्वरक, अनाज और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ी कंपनियों का विस्तार हो सकता है। यदि मांग आपूर्ति से अधिक होती है, तो खाद्य मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती है।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. बृहस्पति किस राशि में और कब गोचर करेगा?

बृहस्पति 19 अक्टूबर, 2025 को कर्क राशि में गोचर करेगा।

2. कर्क राशि पर किस ग्रह का आधिपत्य है?

चंद्रमा

3. बृहस्पति की नीच राशि पर किस ग्रह का आधिपत्य है?

शनि

The post गुरु का कर्क राशि में गोचर: राजनीति, व्यापार और समाज में बड़ा बदलाव appeared first on Online Astrological Journal – AstroSage Magazine.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *