जन्माष्टमी
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में हुआ था। इसलिए, जिस दिन मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि पड़ती है, उसी दिन जन्माष्टमी का व्रत और पूजा करना शुभ माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में हुआ था। इसलिए, जिस दिन मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि पड़ती है, उसी दिन जन्माष्टमी का व्रत और पूजा करना शुभ माना जाता है।
मार्च में 3 ग्रहों के राशि परिवर्तन की वजह से 5 राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं।
नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा की आराधना को समर्पित है। अष्टभुजी देवी सूर्यलोक में निवास करती हैं और अपने तेज से ब्रह्मांड को आलोकित करती हैं। विधि-विधान से पूजा करने पर रोग, शोक और बाधाओं का नाश होता है तथा भक्तों को आयु, यश, बल, आरोग्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
पीपल के पेड़ के सामने दीपक जलाने के कुछ नियम बताए गए हैं, इनका पालन जरूर करना चाहिए। अगर इनका पालन न किया जाए, तो अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
Mangal Gochar 2025: मंगल देव का 2025 में तुला राशि में गोचर सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक जातकों पर बड़ा असर डालेगा। करियर, धन, रिश्तों और स्वास्थ्य में बदलाव होंगे। सिंह और तुला जातकों को करियर में प्रगति, कन्या को पारिवारिक सावधानी और वृश्चिक को व्यय पर ध्यान देना होगा। उपाय करने से लाभ मिलेगा।
तुला राशिफल आज हिंदी में, 05 मार्च, 2025, बुधवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
कोई भी ग्रह एक निश्चित अवधि में एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते रहते हैं। इसी क्रम शुक्र ग्रह भी गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष में शुक्र के गोचर का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि शुक्र ग्रह को भौतिक सुख सुविधाओं का प्रतीक माना जाता है। इस ग्रह की मदद से ही…