जानिए रत्न धारण करने से क्यों मिलते है शुभ फल? राशि के अनुसार कौन सा रत्न करें धारण
रत्नों का प्रयोग प्राचीन काल से ही ज्योतिष, आध्यात्मिक और रोगों के उपचार में किया जाता रहा है. रत्न में सकारात्मक शक्तियों का समावेश होता है.
रत्नों का प्रयोग प्राचीन काल से ही ज्योतिष, आध्यात्मिक और रोगों के उपचार में किया जाता रहा है. रत्न में सकारात्मक शक्तियों का समावेश होता है.
न्याय के देवता और कर्मों के कारक शनिदेव (Shani Dev) 13 जुलाई को मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वह 28 नवंबर 2025 तक यानी 138 दिनों तक उल्टी चाल चलेंगे। लिहाजा, वह जो भी फल देंगे, वह बहुत तेजी से देंगे और बहुत ज्यादा मात्रा में देंगे। जानिए किन 4 राशियों के…
Shani Dev: शनि के गोचर का असर कई जातकों के जीवन पर देखने को मिलेगा। ऐसा माना जाता है कि जिन व्यक्तियों का शनि शुभ स्थिति में होता है। उन्हें जीवन में सभी सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
शनि गोचर 2024: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को न्याय के देवता और कर्मफल दाता कहा गया है जो लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यह एक ऐसे ग्रह हैं जिनके नाम से भी इंसान भयभीत हो जाता है क्योंकि अगर यह किसी से नाराज़ हो जाते हैं, तो इन्हें उस इंसान…
तुला राशिफल आज, 09 अगस्त, शुक्रवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
Ashadha Masik Shivratri 2023: आषाढ़ मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक है।
हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार, हर माह में दो पक्ष होते हैं। इसमें से एक को कृष्ण पक्ष और दूसरे को शुक्ल पक्ष कहते हैं और प्रत्येक की अवधि 15 दिन होती है। अमावस्या कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन होता है, जबकि शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के साथ समाप्त होता है। पूर्णिमा के साथ ही…