तीनों लोक में रावण जैसा महाज्ञानी-महापराक्रमी नहीं था कोई, भगवान राम को दिया था जीत का आशीर्वाद
रावण वेद ज्ञाता था. खासकर सामवेद में वह पारंगत था. इसके अलावा वास्तुशास्त्र, ज्योतिष शास्त्र, संगीत शास्त्र और आयुर्वेद शास्त्र का वह ज्ञानी था. वह कविता और श्लोक भी लिखता था.
