तुलसी पूजा के शुभ मुहूर्त, सुबह से शाम तक यह है चौघडि़या, अभिजीत मुहूर्त, विजय, गोधूलि समय, अमृत काल
इसी दिन श्रीहरि का चार माह का शयन काल समाप्त होता है। इसी दिन के बाद से मांगलिक कार्य विवाह आदि कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इस साल देव उठनी एकादशी पूजन के दिन शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।
