त्रेता युग से जुड़ा है इस मंदिर का इतिहास, माता सीता ने यहीं कराया था लव-कुछ का मुंडन संस्कार!
ऐतिहासिक मंदिर में अखंड ज्योति और मां के दर्शन करने से भक्तों के मनोकामना पूरी होती है. भक्त कहते हैं कि मां तपेश्वरी माता सीता के बाद प्रकट हुईं. उनको मंदिर में एक पिंडी के रूप में स्थापित किया गया था.
