द्वापरयुग से जल रही जालौनी मां की ज्योति, डकैतों की रही है आस्था, जानें रोचक रहस्य
मान्यता है कि द्वापर युग में महर्षि वेदव्यास ने इस मंदिर को स्थापित किया था. वहीं जब पांडवों को वनवास हुआ था, तब इस मंदिर पर उन्होंने तपस्या की थी, जिसके बाद स्वयं देवी मां प्रकट हुई थीं.
