धन लाभ और सुख-समृद्धि के लिए जरूर जाप करें दुर्गा सप्तशती के ये 6 मंत्र

अभी चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और हर दिन मां दुर्गा के एक नए स्वरूप की पूजा-उपासना विधि-विधान के साथ की जा रही है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 9 दिनों तक चलेगा. नवरात्रि पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दिनभर पूजा-पाठ और मंत्रों का जाप किया जाता है. नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा सभी तरह की मनोकामनाओं को जल्द पूरा कर देती हैं.

दुर्गा सप्तशती के पाठ में कुछ 13 अध्याय है जिसमें मां दुर्गा की महिमा का वर्णन मिलता है. ऐसी मान्यता है जो देवी भक्त नवरात्रि पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते है उनके जीवन में सुख-समृद्धि और सपन्नता का वास होता है.

दुर्गा सप्तशती पाठ करने की विधि

नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है. नवरात्रि के हर दिन स्नान करके साफ-सुथरा वस्त्र पहने और जहां पर कलश स्थापित हो वहां पर बैठकर मां दुर्गा की प्रतिमा को फूल चढ़ाएं और कुमकुम से माथे पर तिलक लगाएं. फिर इसके बाद धूप-दीप जलाएं. दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करने से पहले भगवान गणेशजी का पूजन-अर्चना करें. इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ करें.

दुर्गा सप्तशती पाठ के मंत्र

कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए-

1-ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥

संकट से मुक्ति के लिए

2-रक्तबीजवधे देवी चण्डमुण्ड विनाशनी।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

रोगों से मुक्ति के लिए

3-स्तुवद्भ्यो भक्तिपूर्वं त्वां चण्डिके व्याधिनाशिनि।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

जल्द विवाह के लिए

4-पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्।
तारिणी दुर्ग संसार सागरस्य कुलोभ्दवाम्॥

नौकरी और कार्यस्थल में पदोन्निति के लिए

5-वन्दिताप्राधियुगे देवी देव सौभाग्यदायिनी
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

सौभाग्य प्राप्ति के लिए

6-देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥

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