धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी, मत-पंथ के अनुसार देखने को मिलेंगी अनूठी कान्हा की भक्ति और पूजन की परंपराएं
Janamashtami 2025: अहिल्या की नगरी में जगदगुरु भगवान कृष्ण के जन्म का उल्लास विभिन्न पंथ और मत को मानने वाले 15 एवं 16 अगस्त को हर्षोल्लास से मनाएंगे। हर मत-पंथ की अपनी-अपनी अनूठी मान्यता और परंपराए है। कृष्ण जन्म मनाने के लिए कहीं तिथि की महत्ता देखी जाती है तो कहीं सूर्योदय में रोहणी नक्षत्र के होने को महत्व दिया जाता है।
