पितृपक्ष 10 से 25 सितंबर तक, तर्पण से पितरों को मिलती है शांति, नोट करें श्राद्ध कर्म की तिथियां
अगर विधि विधान से मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों का तर्पण पिया पिंडदान ना किया जाए तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।
अगर विधि विधान से मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों का तर्पण पिया पिंडदान ना किया जाए तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।
Kalashtami 2024 भगवान काल भैरव को शिव जी का ही रूप माना जाता है। भगवान काल भैरव की आराधना करने से व्यक्ति को जीवन में कभी दुखों का सामना नहीं करना पड़ता है।
Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। माता इससे प्रसन्न होती है। भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
Mahabharat Katha in Hindi: भगवान कृष्ण कहते हैं, ‘सुखी जीवन जीने और स्वर्ग प्राप्त करने के लिए तपस्या और दान जैसे कुछ कार्य करने चाहिए। पुण्य कर्म करने से अनजाने में किए गए पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार मनुष्य को नरक में नहीं जाना पड़ता।’
तुलसी विवाह का बड़ा धार्मिक महत्व है। हर साल इस खास दिन पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। भगवान कृष्ण के सभी मंदिरों को शानदार तरीके से सजाया जाता है।
5 जनवरी राशिफल: सुनिए क्या कहती है आपकी राशि
Aquarius Career Horoscope 2023: कुंभ राशि के जातकों का करियर साल 2023 में ठीक-ठाक रहेगा। इस राशि में 17 जनवरी से शनि का गोचर होने से कई चीजें अचानक होंगी। हालांकि करियर धीमी गति से आगे बढ़ेगा। प्रमोशन के