प्रेम के कारक शुक्र देव का गोचर, इन राशियों का जीवन भर देगा धन-धान्य एवं ऐश्वर्य से!

वैदिक ज्योतिष में शुक्र देव को प्रमुख ग्रह माना गया है जो कि प्रेम, विवाह, भोग-विलास एवं ऐश्वर्य आदि के कारक हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो, शुक्र ग्रह की कृपा से व्यक्ति का प्रेम जीवन हमेशा ख़ुशहाल और सुखी बना रहता है। अब साल 2024 के अंतिम एवं बारहवें महीने दिसंबर में शुक्र का मकर राशि में गोचर होने जा रहा है और यह राशियों सहित देश-दुनिया में कई बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र देव शुभ स्थिति में होते हैं, उनकी लव लाइफ  शानदार होती है। इसके विपरीत, कमज़ोर शुक्र वाले जातकों को प्रेम जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करन पड़ता है। इस क्रम में, शुक्र का यह गोचर आपकी राशि को सकारात्मक या नकारात्मक किस तरह से प्रभावित करेगा? क्या साथी के साथ रिश्ते में बढ़ेंगी परेशानियां? आदि के जवाब आपको हम प्रदान करेंगे। 

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एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में आपको “शुक्र का मकर राशि में गोचर” से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त होगी जैसे समय, तिथि आदि। जैसे कि हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि ग्रहों के गोचर संसार को प्रभावित करते हैं और ऐसे में, शुक्र के इस गोचर से मानव जीवन का कोई पहलू जैसे करियर, व्यापार, वैवाहिक जीवन आदि अछूता नहीं रहेगा इसलिए यहाँ हम आपको राशि चक्र की सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पहले से ही अवगत करवा रहे हैं ताकि आप बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। साथ ही, शुक्र गोचर के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सरल उपाय भी प्रदान कर रहे हैं। तो आइए आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जानते हैं शुक्र का मकर राशि में गोचर की तिथि और समय। 

शुक्र का मकर राशि में गोचर: तिथि और समय

ज्योतिष के अनुसार, शुक्र महाराज लगभग 27 दिनों में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर कर जाते हैं। बता दें कि अब शुक्र ग्रह 02 दिसंबर 2024 की सुबह 11 बजकर 46 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस राशि के स्वामी शनि ग्रह हैं और यह शुक्र ग्रह के मित्र माने गए हैं। ऐसे में, इनका प्रभाव कुछ राशियों के लिए बहुत शुभ रहेगा जबकि कुछ राशियों के लिए यह समस्याएं लेकर आ सकते हैं। चलिए अब हम जानते हैं शुक्र के महत्व के बारे में। 

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शुक्र ग्रह का ज्योतिषीय महत्व 

वैदिक ज्योतिष में शुक्र महाराज का संबंध धन-समृद्धि, सौंदर्य, आकर्षण, ख़ुशी, प्रेम संबंध और प्रेम जीवन में संतुष्टि से माना गया है। इन्हें राशि चक्र में वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। वहीं, करियर में शुक्र ग्रह कला, रचनात्मकता, कविता, संगीत, डिजाइनिंग, आभूषण, कीमती रत्न, लक्ज़री और फैशन आदि को दर्शाते हैं। हालांकि, सूर्य और चंद्रमा के अलावा कोई ग्रह या तारा सबसे ज्यादा चमकदार है, तो वह शुक्र ग्रह है। शुक्र ग्रह को सफेद रंग अति प्रिय है इसलिए इनको प्रसन्न करने के लिए सफेद चीज़ों जैसे सफेद खाद्य पदार्थ, चांदी के आभूषण, सफेद कपड़े, और हीरे आदि का उपयोग एवं दान किया जाता है। 

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कुंडली के 12 भाव और शुक्र का प्रभाव  

प्रथम/लग्न भाव में शुक्र

कुंडली के पहले/लग्न भाव में शुक्र ग्रह की उपस्थिति आपको सुंदर और तेजस्वी बनाती है। आप शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे और आप नए-नए कपड़ों के शौकीन होंगे। 

दूसरे भाव में शुक्र

जब शुक्र महाराज दूसरे भाव में बैठे होते हैं, तो जातक बेहद सुंदर और आकर्षक व्यक्तित्व का होता है। वह बुद्धिमान और मधुर बोलने वाले होते हैं। 

तीसरे भाव में शुक्र

तीसरे भाव में शुक्र देव की मौजूदगी जातक को उत्साह से भरती है और इनका स्वभाव बेहद विनम्र और मौज-मस्ती करने वाला होता है। साथ ही,घूमने-फिरने के शौक़ीन होते हैं। 

चौथे भाव में शुक्र

जिन जातकों की कुंडली में शुक्र चौथे भाव में स्थित होते हैं, वह जातकों को जीवन के अधिकतर क्षेत्रों में शुभ परिणाम देते हैं। यह लोग दिल के अच्छे और हमेशा खुश रहने वाले होते हैं। 

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पांचवें भाव में शुक्र

शुक्र महाराज की पांचवें भाव में उपस्थिति जातक के लिए बहुत शुभ रहती है। ऐसे लोग भगवान को मानने वाले और दान-पुण्य करने वाले होते है। 

छठे भाव में शुक्र

कुंडली के छठे भाव में शुक्र ग्रह की स्थिति व्यक्ति को अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिणाम देती है। यहां बैठे शुक्र आपको विवेकवान बनाने के साथ-साथ डरपोक भी बनाने का काम करते हैं। 

सातवें भाव में शुक्र

अगर शुक्र आपके सातवें भाव में विराजमान होते हैं, तो आपको मिले-जुले परिणाम देते हैं। इन जातकों का स्वभाव चंचल होने के साथ-साथ विलासिता पसंद करने वाला होता है। 

आठवें भाव में शुक्र 

शुक्र ग्रह के आठवें भाव में बैठे होने से आप बेहद सुंदर होंगे। साथ ही, आप ख़ुश रहने वाले निडर स्वभाव के इंसान होंगे। संभव है कि आप विद्वान और धर्मात्मा आदि हों।

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नौवें भाव में शुक्र

जिन जातकों की कुंडली में शुक्र देव नौवें भाव में बैठे होते हैं, वह शारीरिक रूप से मज़बूत होते हैं और इनमें अनेक गुण मौजूद होते हैं। साथ ही, इन्हें भगवान पर काफ़ी विश्वास होता है। 

दसवें भाव में शुक्र

दसवें भाव में विराजमान शुक्र आपको शारीरिक रूप से आकर्षक बनाते हैं। साथ ही, इन लोगों का स्वभाव बहुत शांत और मिलनसार होता है इसलिए आप विवादों से बचना पसंद करते हैं। 

ग्यारहवें भाव में शुक्र

यदि किसी की कुंडली में शुक्र ग्रह ग्यारहवें भाव में स्थित होते हैं, तो आपको शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा और साथ ही, आपकी रुचि नृत्य में होगी। 

बारहवें भाव में शुक्र

कुंडली में शुक्र बारहवें भाव में बैठे होने के कारण आप तेजस्वी होंगे और लोगों को मान-सम्मान देने वाले होंगे। आपको जीवन में कभी भी धन-संपत्ति की कमी नहीं होती है। 

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शुक्र गोचर के दौरान करें ये सरल उपाय 

शुक्र ग्रह को मज़बूत एवं प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन व्रत करें।प्रतिदिन शुक्र देव के मंत्र “शुं शुक्राय नम:” का 108 बार जाप करें।कुंडली में शुक्र को बली करने के लिए शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे कि दही, दूध, आटा, चीनी, घी आदि का दान करना चाहिए।रत्नों के राजा कहे जाने वाले हीरे को शुक्र का रत्न माना गया है इसलिए कुंडली में शुक्र की स्थिति को मजबूत करने के लिए आप हीरा धारण कर सकते हैं। लेकिन, इसे पहनने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें।गाय को सुबह-सुबह रोटी खिलाएं।

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शुक्र का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शुक्र महाराज आपके दूसरे भाव और सातवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह आपके लग्न और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह गोचर करके आपके नौवें… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो कि अब आपके आठवें… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब गोचर… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि वालों की कुंडली में शुक्र महाराज तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह आपके दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब इनका गोचर आपके पांचवें… (विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके लग्न और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके चौथे… (विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके सातवें और बारहवें भाव के अधिपति देव हैं। अब यह… (विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दूसरे भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि वालों की कुंडली में शुक्र महाराज आपके पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह गोचर… (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके चौथे एवं नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह गोचर करके आपके बारहवें… (विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि वालों की कुंडली में शुक्र महाराज आपके तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके ग्यारहवें… (विस्तार से पढ़ें)

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मकर राशि में शुक्र कितने दिन रहेंगे?

ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह एक राशि में करीब 27 दिन रहते हैं।

2. क्या शनि और शुक्र शत्रु हैं?

नहीं, शनि और शुक्र ग्रह आपस में मित्रवत संबंध रखते हैं। 

3. मकर राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र में शनि देव को मकर राशि का स्वामित्व प्राप्त है। 

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