बुध का मेष राशि में गोचर: जानें सभी राशियों पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव!

बुध ग्रह का मेष राशि में गोचर:  ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 26 मार्च 2024 को मेष राशि में गोचर करेंगे और फिर 09 अप्रैल 2024 को अपनी राशि में परिवर्तन करेंगे। बुध ग्रह को बुद्धि, विद्या, व्यापार, वाणी व तर्क-वितर्क इत्यादि का कारक माना जाता है। इसके अलावा, सूचना प्रसारण, दूरसंचार, वाद-संवाद इत्यादि पर भी बुध ग्रह का ही नियंत्रण माना गया है। अतः बुध का गोचर करके नीच राशि में जाना इन तमाम क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकता है। इस गोचर के चलते इन सभी क्षेत्रों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि मेष राशि में रहना बुध के लिए यह मित्र अवस्था रहेगी। यहां पर बुध ग्रह बृहस्पति के साथ रहेंगे। हालांकि बुध और बृहस्पति के बीच के रिश्ते अच्छे नहीं माने गए इसके बावजूद भी शिक्षा जगत व अर्थव्यवस्था के लिए यह स्थिति कुछ हद तक फेवर कर सकती है। यही कारण है कि बाजारों में अचानक से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। विशेष कर सकारात्मकता का ग्राफ अधिक रह सकता है। आइए जानते हैं कि बुध के इस राशि परिवर्तन का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा।

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बुध का मेष राशि में गोचर: 12 राशियों पर प्रभाव और उपाय

मेष राशि

बुध आपकी कुंडली में तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर आपके पहले भाव में जा रहें हैं। हालांकि बुध यहां पर मित्र राशि में रहेंगे, इसके बावजूद भी आपको अपनी वाणी पर संयम रखना है। किसी की चुगली बिल्कुल नहीं करनी है, न ही किसी की चुगली सुननी है, अन्यथा संबंधों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। अपने संबंधियों का पूरा आदर करना भी समझदारी का काम होगा। दूरभाष इत्यादि पर बात करते समय बहुत ही शालीनता का परिचय देना जरुरी रहेगा। जानबूझकर किसी से विवाद करने से भी बचना समझदारी का काम होगा।

उपाय: नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना शुभ रहेगा। 

वृषभ राशि

बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके द्वादश भाव में गोचर करने जा रहे हैं। द्वादश भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। हालांकि लाभ भाव के स्वामी की संगति में होने के कारण बुध बहुत अधिक नकारात्मकता नहीं देंगे लेकिन फिर भी आर्थिक मामले में किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना है। साथ ही साथ आप जिससे प्रेम करते हैं अथवा किसी भी प्रियजन के साथ आपके संबंध बिगड़ने न पाएं, इस बात की भी कोशिश लगातार करनी है। स्वयं को चिंता मुक्त रखने की भी कोशिश जरूरी रहेगी।

उपाय: नियमित रूप से केसर का टीका लगाना शुभ रहेगा। 

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मिथुन राशि

बुध आपकी लग्न या राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके चौथे भाव के भी स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके लाभ भाव में गोचर करने जा रहे हैं। लग्न या राशि स्वामी का लाभ भाव में जाना सामान्य तौर पर विभिन्न माध्यमों से लाभ प्राप्ति का संकेतक होता है। अतः बुध का यह गोचर आपकी आमदनी में बढ़ोत्तरी करवा सकता है। व्यापार करने की स्थिति में व्यापारिक लाभ मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। स्वास्थ्य सामान्य तौर पर अच्छा रहेगा। संतान मित्र आदि से सुख मिलने के भी योग मजबूत होंगे।

उपाय: गाय को हरा पालक खिलाना शुभ रहेगा। 

कर्क राशि

बुध आपकी कुंडली में तीसरे तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और मेष राशि में जाने की स्थिति में यह आपके दशम भाव में गोचर करेंगे। अतः बुध से आप अनुकूल परिणाम की उम्मीद रख सकते हैं। बुध का यह गोचर आपको पद प्रतिष्ठा दिलाने में मददगार बन सकता है। आप अपने विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों से बेहतर स्थिति में देखे जा सकेंगे। व्यापार करने की स्थिति में अच्छा व्यापारिक लाभ मिल सकता है। हालांकि कुछ खर्च भी रह सकते हैं लेकिन लाभ का प्रतिशत अधिक रहेगा। इस अवधि में की गई यात्राएं फायदेमंद रह सकती हैं।

उपाय: मंदिर में दूध और चावल का दान करना शुभ रहेगा। 

सिंह राशि

बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके भाग्य भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर बुध के गोचर को भाग्य भाव में अच्छा नहीं माना गया है। हालांकि लाभ भाव के स्वामी का भाग्य भाव में जाना धार्मिक क्रियाकलापों से लगाव दे सकता है। साथ ही साथ पिता या पिता तुल्य के व्यक्तियों के सहयोग से कुछ लाभ भी मिल सकता है लेकिन इन सब के बावजूद भी भाग्य के भरोसे बैठता उचित नहीं रहेगा। साथ ही साथ अपने कामों को निष्ठा पूर्वक करने की सलाह भी हम आपको देना चाहेंगे। ऐसा कुछ भी नहीं करना है जिसे मान सम्मान को ठेस लगे।

उपाय: मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर किसी धार्मिक स्थान पर दान करना शुभ रहेगा। 

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कन्या राशि

बुध आपकी कुंडली में आपके लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म भाव के भी स्वामी होते हैं तथा वर्तमान में यह आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहे हैं। वैसे तो आठवें भाव में बुध के गोचर को अच्छा माना गया है लेकिन लग्न या राशि के स्वामी का आठवें भाव में जाना स्वास्थ्य इत्यादि के मामलों में कमजोर परिणाम दे सकता है। विशेषकर ऐसी स्थिति में जब की बुध ग्रह पर शनि की दृष्टि भी रहेगी। अत: इस अवधि में संयमित ढंग से काम करना जरूरी रहेगा, तभी आप अच्छे परिणामों की उम्मीद रख सकते हैं। समझदारी पूर्वक निर्वाह करने की स्थिति में कामों में सफलता मिलेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिल सकती है। साथ ही साथ आकस्मिक रूप से धन की प्राप्ति भी संभावित है।

उपाय: किन्नरों को हरे कपड़े और हरी चूड़ियां भेंट करना शुभ रहेगा।  

तुला राशि

बुध आपकी कुंडली में भाग्य तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं। सप्तम भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। उस पर भी द्वादश भाव के स्वामी का सप्तम भाव में जाना। व्यापार व्यवसाय में कुछ कठिनाइयां या नुकसान देने का काम कर सकता है। पार्टनर के साथ कुछ विवाद या मतभेद भी रह सकता है। शासन प्रशासन से जुड़े लोगों के साथ बुध के इस गोचर की अवधि में किसी भी तरीके का विवाद नहीं करना है। वाणी पर पूरी तरह से संयम रखना भी जरूरी रहेगा। किसी भी तरीके का बड़ा व्यापारिक निवेश आदि इस समय अवधि में करना उचित नहीं रहेगा।

उपाय: नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा।  

वृश्चिक राशि

बुध आपकी कुंडली में आठवें तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। छठे भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। अतः बुध का यह गोचर आपको अच्छा लाभ दिलवाना चाहेगा। विशेषकर नौकरीपेशा लोग इस अवधि में काफी अच्छा करते हुए देखे जाएंगे। व्यापारिक मामलों में भी कुछ कठिनाई के बाद अच्छा लाभ मिल सकता है। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जा सकेंगे। मान सम्मान में बढ़ोत्तरी देने का काम भी बुध का यह गोचर कर सकता है। बुध के इस गोचर के चलते कला-साहित्य, लेखन या शिक्षण आदि के क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों को काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा। 

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धनु राशि

बुध आपकी कुंडली में सातवें तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके पंचम भाव में गोचर कर रहे हैं। हालांकि सामान्य तौर पर बुध के गोचर को पंचम भाव में अच्छा नहीं कहा गया है, क्योंकि ऐसा गोचर मानसिक अशांति देने का काम करता है। योजनाओं में व्यवधान देता है और संतान संबंधी मामलों में कुछ परेशानियां देता है लेकिन बुध के बृहस्पति के संगति में रहने के कारण आपको अच्छे परिणाम भी दे सकेंगे। विशेष कर विद्यार्थियों को काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आपको आपके प्रियजन के साथ मिलने या बात करने के भी अच्छे मौके मिल सकते हैं। अर्थात बुध का यह गोचर आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है।

उपाय: गाय को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा। 

मकर राशि

बुध आपकी कुंडली में छठे तथा भाग्य भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं। चौथे भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा माना गया है। अतः भूमि-भवन इत्यादि से संबंधित चल रहे विवादों में अब अनुकूलता देखने को मिल सकती है। पिता अथवा पिता तुल्य व्यक्तियों के सहयोग से कुछ अच्छे कार्य भी पूर्णाहुति की ओर जा सकते हैं। घरेलू सुख सुविधाओं को एकत्र करने में भी बुध का यह गोचर मददगार बन सकता है। बड़े लोगों से मित्रता करवाने में भी बुध का यह गोचर अहम भूमिका निभा सकता है।

उपाय: चिड़ियों को दान चुगाना शुभ रहेगा।  

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कुंभ राशि

बुध आपकी कुंडली में पांचवें तथा आठवें भाव के स्वामी होकर आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। तीसरे भाव में बुध के गोचर को मिलेजुले परिणाम देने वाला कहा गया है। बुध का यह गोचर कई बार भाई बंधुधों और पड़ोसियों से विवाद करवाने का काम कर सकता है। अतः इन मामलों में सावधानी दिखाने की आवश्यकता रहेगी। आर्थिक मामले में भी किसी भी प्रकार का रिस्क लेना उचित नहीं रहेगा लेकिन कम दूरी की यात्राएं करवाने में बुध का यह गोचर मददगार बन सकता है। साथ ही साथ नए मित्रों के बनने की संभावनाओं को भी बुध का यह गोचर मजबूती दे सकेगा।

उपाय: अस्थमा रोगियों को दवा खरीदने में मदद करना शुभ रहेगा। 

मीन राशि

बुध आपकी कुंडली में चौथे तथा सातवें भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके दूसरे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। दूसरे भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऐसी स्थिति में घर परिवार से संबंधित मामलों में अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। कुछ पैसे खर्च करके आप घरेलू सुख सुविधाओं को एकत्र करने का काम कर सकते हैं। आभूषण इत्यादि खरीदने की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को यह गोचर अच्छे परिणाम दे सकेगा। अच्छा भोजन दिलाने तथा संबंधियों के माध्यम से लाभ करवाने में भी बुध का यह गोचर मददगार बन सकता है।

उपाय: मांस, मदिरा व अंडे आदि का त्याग कर शुद्ध और सात्विक रहना शुभ रहेगा। 

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