बुध गोचर से बनेगा त्रिग्रही योग- आपकी राशि पर पड़ेंगे कैसे प्रभाव- एक क्लिक में जानें जवाब!

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुधि, वाणी, तर्क आदि से संबंधित ग्रह माना गया है। इसके अलावा बुध ग्रह को एक महत्वपूर्ण ग्रह का दर्जा भी प्राप्त है। फरवरी के महीने में यही अहम ग्रह कुंभ राशि में गोचर करने वाला है। बुध का कुंभ राशि में यह गोचर 20 फरवरी को होगा। 

आज अपने इस खास ब्लॉग में हम इसी विषय पर बात करेंगे और जानेंगे बुध का कुंभ राशि में गोचर सभी 12 राशियों को किस तरह से प्रभावित करेगा, आपकी राशि पर इसका क्या असर होगा, इसके नकारात्मक प्रभाव से बचने के क्या कुछ उपाय किए जा सकते हैं और साथ ही जानेंगे बुध ग्रह से जुड़ी कुछ बेहद ही दिलचस्प और जानने योग्य बातें। सबसे पहले जान लेते हैं बुध का कुंभ राशि में गोचर कब होगा।

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बुध का कुंभ राशि में गोचर: समय 

सबसे पहले बात करें समय की तो बुध का यह गोचर 20 फरवरी 2024 को होने वाला है जब सुबह 5:48 पर बुध कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

मजबूत और पीड़ित बुध का प्रभाव 

जैसा कि हमने पहले भी बात की कि बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, विद्या, ज्ञान आदि से संबंधित ग्रह माना गया है। ऐसे में अगर यह ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है जिससे व्यक्ति जीवन में सफलता हासिल करके हर क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त करते हैं। इसके अलावा ऐसे जातक व्यापार करने में सफलता प्राप्त करते हैं, इन्हें महत्वपूर्ण फैसले लेने में कोई परेशानी नहीं होती। 

वहीं इसके विपरीत अगर बुध ग्रह कुंडली में अशुभ ग्रहों के प्रभाव में हो तो ऐसे जातकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मंगल, राहु या केतु के साथ अगर बुध ग्रह मौजूद हो तो ऐसे में जातकों की वाणी कठोर हो सकती है, उनके अंदर एकाग्रता की कमी, आवेग या तैश की वृद्धि, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती है।

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बुध के इस गोचर से बनेगा त्रिग्रही योग

बुध के इस गोचर से कुम्भ राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण होने वाला है। दरअसल बुध का ये गोचर 20 फरवरी को होगा जब वो कुम्भ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यहाँ पहले से ही शनि अस्त अवस्था (11 फरवरी) में और सूर्य (!3 फरवरी) को गोचर करने वाले हैं। ऐसे में कुम्भ राशि में तीन महत्वपूर्ण ग्रहों का संयोजन त्रिग्रही योग का निर्माण करेगा। 

बुध ग्रह को इन ज्योतिषीय उपायों से आज ही बनाएं मजबूत 

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि, बुध ग्रह बेहद महत्वपूर्ण ग्रह होता है। ऐसे में अगर यह किसी व्यक्ति की कुंडली में मजबूत स्थिति में नहीं होता है तो ज्योतिष की जानकारी उन्हें इस ग्रह से संबंधित उपाय करने की सलाह देते हैं। क्या कुछ हैं ये उपाय आइये जान लेते हैं।

अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा हरे रंग के कपड़े शामिल करें। बहन, बेटियों और छोटी कन्याओं का हमेशा सम्मान करें और समय-समय पर उन्हें तोहफे आदि देते रहें।व्यापार या जो भी काम आप कर रहे हैं उसमें ईमानदारी हमेशा बरतें। भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान बुध की आराधना करें। विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें। मुमकिन हो तो बुधवार के लिए व्रत शुरू करते हैं। इससे धन लाभ भी होता है और गृह क्लेश से छुटकारा भी मिलता है। इसके अलावा आप चाहे तो बुध ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करके भी बुध ग्रह को मजबूत बना सकते हैं। बुध ग्रह से संबंधित चीजे होती हैं: हरी घास, साबुत मूंग, पालक, नीले रंग के फूल, हरे रंग के कपड़े, आदि। अपने घर या कार्यक्षेत्र में आप बुध यंत्र को स्थापित भी कर सकते हैं।इसके अलावा आप विधारा मूल की जड़ पहन सकते हैं जिससे बुध ग्रह के कुप्रभाव कम किया जा सकते हैं। अगर आप रुद्राक्ष पहनने में दिलचस्पी रखते हैं तो वह बुध ग्रह की शुभता के लिए आप चार मुखी या फिर 10 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं। 

अब आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं बुध का कुंभ राशि में गोचर सभी राशियों को किस तरह से प्रभावित करने वाला है।

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बुध ग्रह से जुड़ी कुछ बेहद ही दिलचस्प जानकारी 

हमारे सौरमंडल में कुल आठ ग्रहों का जिक्र है जिनमें से सबसे छोटा और सूर्य के सबसे निकटतम ग्रह है बुध जिसे अंग्रेजी में मरकरी के नाम से जाना जाता है। बुध ग्रह एक संदेश वाहक रोमन देवता के नाम पर पड़ा है। बुध ग्रह आकाश में काफी तेजी से गमन करता है। लगभग 88 दिनों में ही यह अपना एक परिक्रमण पूरा भी कर लेता है। इसके अलावा बुध ग्रह की बात करें तो यह पृथ्वी के बाद दूसरा सबसे घना ग्रह अर्थात यहां खनिज की अधिकता मौजूद है। यह ग्रह मुख्य रूप से भारी धातुओं और चट्टानों की विशाल संरचना से बना हुआ है। बुध ग्रह पर जीवन बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है क्योंकि यहां का वायुमंडल मौसम रहित होता है। इसका औसत तापमान – 173 से 427 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहता है अर्थात यह वह तापमान है जो किसी भी जीव को पल भर में जमाने और पिघला देने के लिए काफी है। बुध ग्रह की सतह के नीचे पृथ्वी की तरह टैकटोनिक प्लेट्स भी मौजूद हैं जिसके चलते इस ग्रह पर भी भूकंप जैसी घटनाएं होती रहती हैं। सौरमंडल में पांच ऐसे ग्रह हैं जिन्हें आसमान में नग्न आंखों से देखा जा सकता है शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि और बुध। बुध ग्रह पर एक दिन पृथ्वी के 176 दिनों के बराबर माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिकों की माने तो यह ग्रह निरंतर सिकुड़ता जा रहा है।इसके अलावा बुध ग्रह के बारे में बात करें तो इसका कोई अपना प्राकृतिक उपग्रह या चंद्रमा नहीं है। बुध ग्रह से संबंधित रंग की बात करें तो हर रंग बुध से संबंधित माना गया है। दिशाओं में उत्तर दिशा बुध से संबंधित मानी गई है और अंकों में पांच अंक बुध ग्रह का अंक होता है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में बुध की महादशा चल रही हो तो बुधवार के दिन उन्हें जीवन में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। सभी राशियों में कन्या और मिथुन का स्वामित्व बुध ग्रह के पास होता है। इसके अलावा रत्न में पन्ना रत्न भी बुध को समर्पित होता है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का बुध कमजोर होता है तो ज्योतिष के जानकारी उन्हें पन्ना रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। हालांकि हम हमेशा यह सलाह देते हैं कि कोई भी रत्न धारण करने से पहले विद्वान ज्योतिषों से परामर्श अवश्य लें और तभी कोई रत्न धारण करें।

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बुध का कुंभ राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय

मेष राशि 

मेष राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और यह आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके दसवें भाव….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि वालों की कुंडली मेंपहले और चौथे भाव पर बुध शासन करते हैं और अब यह आपके नौवें भाव में….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कर्क राशि 

कर्क राशि वालों के लिएबुध ग्रह आपके तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिएबुध देव आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके सातवें भाव में….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कन्या राशि 

कन्या राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज को आपके पहले और दसवें भाव पर आधिपत्य प्राप्त है और यह अब आपके छठे भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिएबुध आपके नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह अब आपके पांचवें भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें) 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिएबुध आठवें औरग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और यह अब आपके चौथे भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें) 

धनु राशि 

धनु राशि वालों के लिए बुधमहाराज आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके तीसरे भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मकर राशि 

मकर राशि वालों के लिए बुध छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके दूसरे भाव में गोचर….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कुंभ राशि 

कुंभ राशि वालों की कुंडली में बुध देव आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके पहले भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके बारहवें भाव में गोचर ….(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

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