मुंगेर का चंडिका स्थान जहां होती है मां के नेत्र की पूजा, दानी कर्ण रोज करते थे यहां सवा मन सोना दान
अंगराज कर्ण माता चंडिका की पूजा कर उनसे हर रोज सवा मन सोना प्राप्त करते थे और उन्हें दान कर देते थे. सवा मन सोना प्राप्त करने के रहस्य का पता लगाने एक दिन भेष बदलकर राजा विक्रमादित्य पहुंचे तो देखा..
