राजा विक्रमादित्य ने 11 बार सिर काटकर मां के चरणों में रखा, सबसे अनोखी है इस मंदिर की कहानी
उज्जैन के आध्यात्मिक और पौराणिक इतिहास की कथाओं में इस मंदिर का वर्णन किया गया है. माता के 51 शक्तिपीठों मे यह एक ऐसा चमत्कारी शक्तिपीठ है. जहां की मान्यता है कि यहां स्तंभ पर दीपक लगाने से हर मन्नत पूरी होती है.
