राशि परिवर्तन करते ही अस्त हो जाएंगे बुध: जानें आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव!

ज्योतिष शास्त्र में बुध को शुभ ग्रह माना गया है। बुध महाराज के सकारात्मक प्रभाव जातकों के लिए फलदायी होते हैं। हालांकि, बुध देव 27 फरवरी 2023 को कुंभ राशि में गोचर करने के तुरंत बाद, अगले दिन यानी कि 28 फरवरी 2023 को कुंभ राशि में ही अस्त हो जाएंगे। इस ज्योतिषीय घटना का राशि चक्र की सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। एस्ट्रोसेज के इस ब्लॉग में हम बुध के अस्त होने से जुड़ी सारी बातों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। हम यह भी जानेंगे कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी ग्रह के अस्त होने का क्या मतलब है और इसके प्रभाव क्या होते हैं।

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ज्योतिष में बुध देव का महत्व

मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध का हमारे जीवन पर अहम प्रभाव पड़ता है। बुध महाराज के कुंडली में मज़बूत होने से जातकों को शानदार संवाद कौशल, तार्किक शक्ति की प्राप्ति होती है। सूर्य देव और शुक्र देव से बुध की मित्रता है, जबकि चंद्रमा और मंगल इनके शत्रु ग्रह माने जाते हैं। बुध देव को हरे रंग से दर्शाया जाता है और बुधवार का दिन इन्हीं को समर्पित है। रत्नों के बारे में बात करें बुध देव के लिए सबसे शुभ रत्न पन्ना माना जाता है। 

किसी ग्रह का अस्त होना क्या होता है?

वैदिक ज्योतिष के मुताबिक कुंडली में ग्रह 10 तरह की अवस्थाओं में मौजूद होते हैं। अगर इन 10 अवस्थाओं की बात करें तो ये हैं: स्वस्थ, मुदित, शक्त, षान्त, विकल, खल, दीप्त, दीन, भीत, पीड़ित। जब कोई ग्रह अस्त होता है, तो विकल अवस्था में अस्त होता है।

अब बात करते हैं अस्त होने की तो जब कोई ग्रह सूर्य के निकट अंशों तक आ जाता है तो सूर्य के प्रभाव से वह बलहीन हो जाता है। इस स्थिति में अस्त ग्रह प्रभाव रहित हो जाता है या उसके प्रभावों में कमी आ जाती है। इस घटना को उस ग्रह का अस्त होना कहा जाता है। अगर आसान शब्दों में समझा जाए तो, अस्त ग्रह का मतलब है एक बिना शक्ति का राजा। एक ऐसा राजा जो बल हीन है, जो कुछ भी करने में सक्षम नहीं है।

बुध कुंभ राशि में अस्त: तिथि और समय

बुध 28 फरवरी, 2023 को सुबह 8 बजकर 03 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। गौरतलब है कि बुध देव ने 27 फरवरी 2023 को ही कुंभ राशि में गोचर किया था। बुध के अस्त होते ही, सभी राशियों के जीवन में अहम बदलाव आएंगे। तो आइए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

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बुध कुंभ राशि में अस्त: राशि अनुसार प्रभाव एवं उपाय

मेष

मेष राशि के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और यह आपके एकादश भाव में अस्त होंगे। बुध कुंभ…(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ

बुध आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके दशम भाव में अस्त होंगे। बुध कुंभ राशि में…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के राशि स्वामी बुध ही हैं यानी कि यह आपके पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं और…(विस्तार से पढ़ें)

कर्क

कर्क राशि के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और इस दौरान यह आपके आठवें भाव में अस्त…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और इस अवधि में यह आपके सप्तम…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या

यदि आपका जन्म कन्या राशि में हुआ है तो बुध आपके राशि स्वामी हैं यानी कि यह आपके पहले और…(विस्तार से पढ़ें)

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तुला

तुला राशि के जातकों के लिए बुध पंचम भाव में अस्त होंगे। यह आपके नवम और द्वादश भाव के स्वामी…(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक

बुध वृश्चिक राशि से चतुर्थ भाव में अस्त होंगे। यह आपके अष्टम और एकादश भाव के स्वामी हैं। बुध कुंभ…(विस्तार से पढ़ें)

धनु

यदि आप धनु राशि में जन्मे जातक हैं तो बुध आपकी राशि से तीसरे भाव में अस्त होंगे। यह आपके लिए…(विस्तार से पढ़ें)

मकर

बुध आपकी राशि से द्वितीय भाव में अस्त होंगे। यह आपके छठे और नवम भाव के स्वामी हैं। आपके…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ

बुध कुंभ राशि में अस्त होंगे यानी कि आपके प्रथम भाव में अस्त होंगे। यह आपके पांचवें और आठवें भाव के…(विस्तार से पढ़ें)

मीन

यदि आप मीन राशि में जन्मे हैं तो बुध आपकी राशि से द्वादश स्थान में अस्त होंगे। यह आपकी राशि के लिए चौथे…(विस्तार से पढ़ें)

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