वैशाख की गर्मी से बाबा महाकाल को बचाने के उपाय शुरू, मिट्टी के कलशों से प्रवाहित होगी शीतल जलधारा
धर्मशास्त्र की मान्यता में वैशाख मास पुण्य के भंडारण का महीना है। इसमें तीर्थ स्नान, घट दान, शिव व विष्णु की पूजा तथा तुलसी सेवा का विशेष महत्व बताया गया है।
