शनिदेव ने दिया था हनुमान जी को वचन, जानिए बजरंगबली को क्यों कहा जाता है पवन पुत्र
Hanuman Janmotsav 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है।
Hanuman Janmotsav 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है।
लोक परंपराओं में होलिका दहन के समय गाय के गोबर से बने चार उपलों को अलग से निकालने का विशेष महत्व बताया गया है। घर के बड़े-बुजुर्गों द्वारा सिखाई गई यह परंपरा परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा से जुड़ी है।
आज छह जुलाई से एक नवंबर के बीच की अवधि में संत, महंत एक एक जगह रहकर जप, तप, स्वाध्याय, भजन-कीर्तन, प्रवचन आदि करते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल आठ जून से ही गुरू और शुक्र के अस्त होने के कारण वैवाहिक कार्यक्रम पहले से ही बंद थे, लेकिन अब देवशयन के बाद अन्य…
Rangbhari Ekadashi 2023: हिंदू धर्म में जिस एकादशी को भगवान श्री विष्णु की साधना-आराधना के लिए जाना जाता है, उस तिथि पर बाबा विश्वनाथ की नगरी में आखिर क्यों मचती है धूम, जानें मसाने में खेली जाने वाली रंगभरी एकादशी तिथि की पूजा का महत्व एवं शुभ मुहूर्त.
13 जुलाई 2025 को शनि के मीन राशि में वक्री होने से सभी राशियों पर गहरा असर पड़ेगा। इस परिवर्तन से करियर, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, प्रेम और पारिवारिक जीवन में बदलाव होंगे। कुछ राशियों को लाभ और अवसर मिलेंगे, जबकि कुछ को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Aaj Ka Rashifal: 25 जनवरी 2026 का दिन सभी राशियों के लिए कैसा रहने वाला है, इस बारे में जानने के लिए दैनिक राशिफल पढ़िए। आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में दैनिक राशिफल को ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनके प्रभावों
ज्योतिष में सूर्य और शुक्र ग्रह का बहुत अधिक महत्व है। मान-सम्मान, उच्च पद और नेतृत्व क्षमता के कारक ग्रह सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा जाता है और वहीं आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम और वैभव के कारक ग्रह शुक्र सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह है। बाकी ग्रहों की तरह सूर्य और शुक्र भी…