श्रावण पूर्णिमा पर मनाए जाएंगे कई अन्य त्योहार, जानें महत्व, मुहूर्त एवं अनुष्ठान विधि।
एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में आपको श्रावण पूर्णिमा व्रत 2022 से जुड़ी सभी जानकारियां मिलेंगी जैसे कि श्रावण पूर्णिमा का क्या महत्व है? इसे कैसे मनाया जाता है? इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है? इसकी पूजन विधि क्या है? यह ब्लॉग हमारे विद्वान और अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा ख़ास आपके लिए इस विशेष तिथि की ज्योतिषीय गणना करने बाद तैयार किया गया है।
हिन्दू धर्म में श्रावण पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह त्योहार भगवान शिव को समर्पित होता है और सावन का महीना भी भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। इसी दिन रक्षाबंधन मनाई जाती है। साथ ही कुछ अन्य त्योहार भी मनाए जाते हैं, जिनके बारे में आपको आगे विस्तार से जानने को मिलेगा। आइए जानते हैं श्रावण पूर्णिमा का महत्व और शुभ मुहूर्त।
श्रावण पूर्णिमा से संबंधित अन्य चीजों को जानने के लिए, करें विद्वान ज्योतिषियों से बात
श्रावण पूर्णिमा व्रत 2022: मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 11 अगस्त, 2022 की सुबह 10 बजकर 39 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 12 अगस्त, 2022 की सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक
नोट: यह समय नई दिल्ली के लिए मान्य है। यदि आप अपने शहर का सही समय जानना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
रक्षाबंधन 11 अगस्त को मनाई जाएगी या 12 अगस्त को?
हममें से कई लोग इस चीज़ को लेकर असमंजस में हैं कि रक्षाबंधन की सही तिथि क्या है? रक्षाबंधन 11 अगस्त को मनाई जाएगी या 12 अगस्त को? ऐसा इसलिए है क्योंकि पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त 2022 की सुबह 10 बजकर 40 मिनट से शुरू हो रही है और समाप्त हो रही है 12 अगस्त 2022 की सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर।
ऐसे में हम सूर्योदय की गणना के अनुसार रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाएंगे। सूर्योदय के हिसाब से देखा जाए तो 11 अगस्त 2022 सही तिथि है क्योंकि राखी बांधने का सही समय दोपहर के आस-पास माना जाता है। यही वजह है कि ज़्यादातर लोग 11 अगस्त, 2022 को ही रक्षाबंधन मनाएंगे।
यदि आप 12 अगस्त, 2022 को राखी का त्योहार मनाना चाहते हैं तो आप एक विशेष अभिजीत मुहूर्त के दौरान अपने भाई को राखी बांध सकते हैं।
12 अगस्त, 2022 का अभिजीत मुहूर्त: 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक
रक्षाबंधन के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें
श्रावण पूर्णिमा व्रत 2022: महत्व
हिन्दू पंचांग के अनुसार, श्रावण महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन श्रावण पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन लोग यज्ञोपवीत, उपनयन जैसे विभिन्न अनुष्ठान करते हैं क्योंकि ये सब अनुष्ठान करने के लिए यह तिथि बेहद शुभ मानी जाती है। यही वजह है कि कई ब्राह्मण श्रावण पूर्णिमा के दिन शुद्धिकरण भी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से मनुष्य को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है तथा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दिन रक्षाबंधन के अलावा कई अन्य त्योहार भी मनाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि वे अन्य त्योहार कौन-कौन से हैं।
नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर
श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले अन्य त्यौहार
कजरी पूर्णिमा
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई भारतीय प्रान्तों में श्रावण पूर्णिमा के दिन कजरी पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं गमलों में कुछ पेड़ पत्ते और मिट्टी भरकर, उसमें जौ बोती हैं। फिर उन गमलों को अपने सिर पर उठाकर पास के किसी तालाब/जलाशय/जल निकाय तक ले जाती हैं और अच्छी फसल की प्राप्ति के लिए देवी भगवती की पूजा करती हैं। साथ ही अपने पुत्रों की लंबी आयु और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
पवित्रोपना
यह त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मुख्यतः गुजरात में मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण शिवलिंग की पूजा करते हैं और भगवान शिव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा पुराने पापों से मुक्ति मिलती है।
नारली पूर्णिमा
नारली पूर्णिमा विशेष रूप से महाराष्ट्र और कोंकण तट के मछुआरे समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है, जो कि श्रावण पूर्णिमा के दिन पड़ता है। इस दिन लोग भगवान वरुण को नारियल अर्पित करते हैं तथा सच्ची निष्ठा से पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसा करके वे भगवान से शांत पानी और प्राकृतिक आपदाओं से बचने की प्रार्थना करते हैं।
अमरनाथ यात्रा का समापन
प्राणों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा एक बेहद ही पवित्र और धार्मिक प्रक्रिया है, जो गुरु पूर्णिमा के दिन से शुरू होती है और श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस दिन कांवड़िए शिवलिंग पर जल चढ़ाकर, महादेव की पूजा करते हैं और अपनी यात्रा समाप्त करते हैं।
श्रावण पूर्णिमा व्रत 2022: पूजा अनुष्ठान
इस दिन लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं और रुद्राभिषेक करते हैं।मान्यता है कि इस दिन सच्चे दिल से पूजा करने से मानसिक शांति का अनुभव होता है तथा सभी पापों से मुक्ति मिलती है।सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन गाय को चारा खिलाएं और दान-पुण्य आदि करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भाग्य चमकता है और सभी काम बनने लगते हैं।पूर्णिमा तिथि होने की वजह से इस दिन कई लोग श्री हरि भगवान विष्णु की भी पूजा करते हैं।इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए पूजा करती हैं तथा उनकी कलाई पर रक्षासूत्र यानी कि राखी बांधती हैं।बदले में भाई अपनी बहनों को तोहफ़ा देते हैं तथा उन्हें सभी प्रकार की बुराइयों से बचाने की शपथ लेते हैं।इस दिन चंद्र देव की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
The post श्रावण पूर्णिमा पर मनाए जाएंगे कई अन्य त्योहार, जानें महत्व, मुहूर्त एवं अनुष्ठान विधि। appeared first on AstroSage Blog.
