सावन के दूसरे सोमवार पर कर्क संक्रांति का योग, इस मंत्र की जाप से बढ़ेगी पद प्रतिष्ठा
Kark Sankranti 2023: सावन महीने में कर्क संक्रांति पर पूजा-अर्चना से कई गुना फल प्राप्त होता है। कर्क चंद्रमा की राशि है।
Kark Sankranti 2023: सावन महीने में कर्क संक्रांति पर पूजा-अर्चना से कई गुना फल प्राप्त होता है। कर्क चंद्रमा की राशि है।
Govardhan Leela: जब देवराज इंद्र के अहंकार के कारण ब्रज पर मूसलाधार बारिश का संकट आया, तब श्रीकृष्ण ने विशाल गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा) पर उठाकर सात दिनों तक ब्रजवासियों की रक्षा की। यह केवल एक चमत्कार नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक कारण छिपे थे।
सूर्य देव 15 जून की सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर वृषभ राशि की यात्रा समाप्त करेंगे और मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। यहां ये 16 जुलाई की दोपहर 11 बजकर 19 मिनट तक गोचर करेंगे। ग्रहों का गोचर सभी राशियों पर प्रभाव डालता है। कुछ राशियों पर शुभ, तो कुछ पर अशुभ प्रभाव होता…
14 का राशिफल: सुनिए क्या है आपकी राशि
माघी पूर्णिमा के पूजन के समय ही शोभन योग बन रहा है। ऐसे मुहूर्त में पूजा-पाठ करने के विशेष फल मिलता है।
Samudrik Shastra on Eyes Shape : ‘इस मुल्क की सरहदों को कोई छू नहीं सकता, जिस मुल्क की सरहद की निगेहबान हैं आंखें’….’इन आंखों की मस्ती के परवाने हजारों हैं’…जैसे गीत आंखों की उपयोगिता बताने के लिए काफी हैं। माना जाता
Surya Sankranti 2024: ज्योति शास्त्र में सूर्य देव को ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत माना जाता है। सूर्य के बिना पृथ्वी का अस्तित्व संभव नहीं है। भास्कर को पुरुष तत्व का ग्रह माना गया है।