सूर्य का मीन राशि में गोचर: क्या सूर्य की तरह चमकेगी आपकी किस्मत?

सूर्य का मीन राशि में गोचर:15 मार्च 2023 की सुबह 06 बजकर 13 मिनट पर ग्रहों के राजा सूर्य अपने शत्रु की राशि कुंभ को छोड़कर अपने मित्र गुरु की राशि मीन में प्रवेश कर गए हैं। वैसे तो गुरु ग्रह सूर्य के मित्र हैं लेकिन तात्कालिक मित्रता के अनुसार, सूर्य के लिए यह सम भाव वाली राशि होगी। फिर भी सूर्य और गुरु की युति सामान्य तौर पर सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी गई है।

ऐसे में काफी हद तक सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। “काफी हद तक” शब्द का प्रयोग हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि मीन राशि जल तत्व की राशि है और सूर्य अग्नि तत्व का ग्रह है। ऐसी स्थिति में अग्नि और जल का संबंध कुछ हद तक कमजोर माना गया है। यही कारण है कि सूर्य, गुरु की युति मीन राशि में होने पर कमाल के परिणाम मिलने चाहिए थे लेकिन सामान्य तौर पर औसत से बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। ध्यान रहे कि यहां हम सभी 12 राशियों के लिए सूर्य-गुरु युति से मिलने वाले फल की बात कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि आपकी राशि पर सूर्य के इस गोचर का क्या असर पड़ेगा। 

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सूर्य का मीन राशि में गोचर: राशि अनुसार राशिफल और उपाय

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी हैं और भाग्य भाव के स्वामी गुरु के साथ द्वादश भाव में गोचर करेंगे। इसका अर्थ है कि यहां पर दो स्थितियां सकारात्मक तो एक स्थिति कमजोर कही जाएगी। वैसे तो सूर्य के द्वादश भाव में गोचर को व्यर्थ की भागदौड़ करवाने वाला कहा गया है। कुछ बेवजह के खर्चे भी सूर्य का यह गोचर करवा सकता है। इसके अलावा सूर्य के इस गोचर के लिए कहा गया है कि यह राज्य दंड दिलवाने का काम करता है अर्थात शासन-प्रशासन से कुछ दिक्कतें हो सकती है और नेत्र व पैरों में कष्ट होने की आशंका बनी रहती है लेकिन मेष राशि वालों को शायद इतने नकारात्मक परिणाम नहीं मिलने चाहिए क्योंकि आपकी कुंडली के पंचम और भाग्य भाव के स्वामी की युति हो रही है और यह युति आपको काफी हद तक सकारात्मक परिणाम भी दे सकती है। ऐसे में, आपको बेवजह के खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है और शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्ति से उलझने से भी बचें। विदेश से संबंधित कोई काम है तो उसमें सफलता मिलने की संभावना है। निवेश की सोच रहे हैं, तो उसमें भी आप को लाभ मिल सकता है क्योंकि निवेश के रूप में खर्च, वास्तव में खर्च नहीं होता। भले ही आपके पास से पैसे गए हों लेकिन उसकी वैल्यू तो आपको मिल ही जाती है जिससे भविष्य में आपको उसका फायदा भी मिल सकता है। भले ही ज्योतिषी द्वादश भाव में गोचर को खराब मानते हैं लेकिन आपके लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम दे सकता है। 

उपाय: नियमित रूप से मंदिर जाकर लाल फल चढ़ाएं।

आइए अब चर्चा करते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर वृषभ राशि के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा? 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य आपके चतुर्थ भाव के स्वामी हैं। चतुर्थ भाव के स्वामी का लाभ भाव में गोचर एक अच्छी स्थिति मानी जाती है और इस गोचर से आपको विभिन्न माध्यमों से लाभ मिल सकता है। आमदनी में वृद्धि और पदोन्नति की संभावना दिख रही हैं। इसके अलावा, पिता से संबंधित मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलते हुए प्रतीत हो रहे हैं। यदि पिछले दिनों से कोई स्वास्थ्य समस्या रही है तो अब सूर्य, शनि से मुक्त हो गए हैं यानी कि सूर्य शनि की राशियां अलग अलग हो गई है। ऐसे में आपका स्वास्थ्य अब अनुकूल रहना चाहिए। इस समय पिता से संबंधित मामलों में भी बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। पिता की पदोन्नति या किसी न किसी माध्यम से पिता को लाभ मिल सकता है।

उपाय: मांस-मदिरा का त्याग करना शुभ रहेगा। 

आइए जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर मिथुन राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा? 

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य आपके पराक्रम भाव के स्वामी हैं और अब यह गोचर करके आपके कर्म स्थान पर जा रहे हैं। लिहाज़ा, आप अपनी मेहनत और पराक्रम के दम पर कई कामों को संपन्न करने में सफल रह सकते हैं। आपके भाई बंधु और मित्र आपका सहयोग कर सकते हैं। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। शासन-प्रशासन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। यदि आप नौकरीपेशा हैं तो इस बीच में पदोन्नति से संबंधित मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलते हुए प्रतीत हो रहे हैं। पिता या पिता से संबंधित मामलों में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। 

उपाय: काले और पर्पल रंग के कपड़े पहनने से बचें।

आइए जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर कर्क राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा? 

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य आपके दूसरे भाव के स्वामी हैं और परिवार भाव के स्वामी भाग्य भाव में गए हैं। वैसे देखा जाए तो यह एक सकारात्मक स्थिति कही जाएगी, लेकिन ज्योतिष के ग्रंथों के अनुसार, सूर्य का नवम भाव में गोचर अच्छे परिणाम में बाधा देने वाला कहा गया है और इसके अनुसार नवम भाव में सूर्य का गोचर आपत्ति, भाग्य बाधा व कामों में व्यवधान और भाइयों से विरोध देता है। शायद आप के मामले में इतने प्रतिकूल परिणाम न मिलें, फिर भी घर-परिवार के लोगों के साथ सामंजस्य बनाकर रहने की जरूरत होगी। यदि आपके पड़ोसी या भाई बंधु किसी कारण से आप से नाराज हैं तो उन्हें सकारात्मक दृष्टांत या उदाहरण देते हुए समझाने की कोशिश करें। क्योंकि बृहस्पति धर्म-कर्म और अच्छी सोच का कारक माना गया है तो ऐसी किस्से, कहानियां और दृष्टांत जिनमें आपस में मिलकर रहने के फायदे बताए गए हो, अपने भाई बंधुओं को सुनाने से संबंधों में अनुकूलता बनी रह सकती है। इस समय आपको अतिआत्मविश्वास से बचने की सलाह दी जाती है। 

उपाय: सूर्य भगवान को नियमित रूप से जल चढ़ाना शुभ रहेगा।

आइए अब जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर सिंह राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

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सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य आपके राशि के स्वामी हैं और यह अष्टम भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर इसे अच्छा नहीं कहा जाएगा। सूर्य के अष्टम भाव में गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है। सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं और आठवें भाव में चले गए हैं जो व्यवधान देने का काम कर सकते हैं। इस अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा। यदि आंखों से संबंधित कोई परेशानी है तो नेत्र चिकित्सक से अच्छी तरह से परीक्षण करवाना आपके लिए जरूरी होगा। सरकारी कर्मचारियों से उलझने से बचने की सलाह भी आपको दी जाती है। यदि आप स्वयं सरकारी कर्मचारी हैं तो इस बीच में कोई भी गलत काम बिल्कुल न करें। सिंह राशि के लोगों को इस समय खानपान बिल्कुल परफ़ेक्ट रखना चाहिए जिससे पेट से संबंधित कोई समस्या न होने पाए। 

उपाय: नियमित रूप से कुमकुम मिला जल सूर्य भगवान को अर्पित करें। 

आइए अब जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर कन्या राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य आपके द्वादश यानी कि 12वें भाव के स्वामी हैं और ये सप्तम भाव में आए हैं। ऐसी स्थिति में यदि विदेश से संबंधित कोई मामला लंबित पड़ा हुआ था तो उस मामले में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि, ज्योतिष ग्रंथों में सप्तम भाव में सूर्य के गोचर को विवाहित लोगों के लिए ठीक नहीं कहा गया है क्योंकि सूर्य का यह गोचर पति-पत्नी में कलह की परिस्थितियों को निर्मित करता है। जैसे कि आपकी कुंडली में सूर्य सप्तमेश गुरु के साथ ही रहेंगे, लिहाजा कोई बड़ा व्यवधान नहीं आने पाएगा। फिर भी आपस में ईगो या अहंकार के टकराव से बचें। एक-दूसरे की बातों को सुनना, समझना और बर्दाश्त करना ही सुखद दांपत्य का सूत्र है। यदि आप इसे अपनाएंगे तो इस तरीके की कोई समस्या नहीं आएगी। इस समय दूर की यात्रा भी संभावित हैं लेकिन शायद यात्राओं में कुछ छोटे-मोटे व्यवधान या कष्ट भी देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान व्यापार-व्यवसाय में कोई बड़ा निवेश करने से बचना होगा। अगर निवेश करना बहुत जरूरी हो तो कई एक्सपर्ट्स की राय लेने के बाद ही आप ऐसा कदम उठाएं, तभी परिणाम संतोषप्रद रह सकते हैं। इस समय आंख में पीड़ा अथवा सिर में दर्द जैसी शिकायतें भी देखने को मिल सकती हैं। 

उपाय: नमक कम खाएं और रविवार को नमक का सेवन न करें। 

आइए जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर तुला राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

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तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सूर्य आपके लाभ भाव के स्वामी हैं और अब लाभ भाव के स्वामी का छठे भाव में जाना वैसे तो कमजोर माना गया है। लेकिन सूर्य का छठे भाव में गोचर काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। साथ ही, तीसरे और छठे भाव के स्वामी के साथ लाभ भाव के स्वामी की युति आप से मेहनत तो करवाएगी लेकिन मेहनत के अच्छे परिणाम भी दे सकती है। इस समय आपका आत्मविश्वास अच्छा रहेगा और आपका बर्ताव भी काफ़ी हद तक संतुलित रहेगा। आप समझदारी दिखाते हुए कई कामों को बहुत अच्छी तरह से संपन्न कर सकेंगे और उत्तम परिणाम प्राप्त करने में सक्षम होंगे। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार, सूर्य का यह गोचर आपको हर तरह की प्रतिस्पर्धा में आगे रख सकता है। शत्रु के द्वारा की गई कोशिश आप पर प्रभावहीन रह सकती है। कामों में सफलता मिलना और शासन-प्रशासन से लाभ मिलना भी इस गोचर के दौरान संभव है। सामान्य तौर पर सूर्य का गोचर तुला लग्न या तुला राशि वाले लोगों के लिए अच्छे परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। 

उपाय: नियमित रूप से गंगाजल का सेवन करना शुभ रहेगा।

आइए अब जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में कर्म स्थान के स्वामी हैं और यह अब पंचम भाव में आये हैं। हालांकि, ज्योतिष के ग्रंथों के अनुसार, पंचम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है लेकिन पंचम भाव में ही धन भाव तथा पंचम भाव के स्वामी बृहस्पति के साथ कर्म स्थान के स्वामी सूर्य युति कर रहे हैं, तो इसके परिणामस्वरूप जातकों को बुद्धि और विवेक से जुड़े कामों में सफलता दे सकती हैं। साथ ही, उन कामों के सफल होने से अच्छा धनार्जन भी हो सकता है। इस बीच यदि आप अहंकार से बचेंगे तो मित्रों का अच्छा सहयोग भी मिल सकता है। यदि आपको ऐसा लगे कि कोई मित्र आपसे किसी कारण से दूरी बना रहा है तो स्वयं को विनम्र बनाते हए मित्र से जाने कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रहा है? यदि जरूरत पड़े तो आप मित्र से क्षमा याचना भी कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको लाभ मिलेगा, अन्यथा इस भाव में गोचर को ज्योतिष ग्रंथ कमजोर कहते हैं। यदि आप बेहतर परिणाम चाहते हैं तो इन आदतों को अपनाना जरूरी रहेगा। हालांकि, खानपान पर ध्यान रखना और संतान के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना जरूरी होगा। इस दौरान यदि आप अपने विषय पर फोकस करने की कोशिश करेंगे तो आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।  

उपाय: नियमित रूप से सरसों के तेल की आठ बूंदों को कच्ची मिट्टी पर टपकाएं। 

आइए अब जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर धनु राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा? 

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धनु राशि 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली के भाग्य भाव के स्वामी हैं जो अब चौथे भाव में गए हैं। सूर्य का चौथे भाव में गोचर मानसिक परेशानी देता है, अर्थात आप कुछ हद तक तनाव में रह सकते हैं। घर-परिवार में कुछ विवादास्पद घटनाक्रम होने की आशंका है तथा जमीन-जायदाद से संबंधित कुछ समस्याएं भी बनी रह सकती हैं क्योंकि आपके चतुर्थ भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में ही है। ऐसे में, हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस तरह के नकारात्मक परिणाम नहीं मिलने चाहिए, लेकिन अगर ऐसे परिणाम मिलते भी है, तो वह बेहद कम रहने की संभावना है। आपको कुछ सावधानियां बरतनी होगी क्योंकि समझदारी दिखाने के बाद ही आपके लिए अच्छे फल की प्राप्ति संभावित है। इस गोचर के कारण प्रॉपर्टी या वाहन की प्राप्ति भी संभव है। हालांकि, प्रॉपर्टी के मामले में इस बात का ख्याल रखना होगा कि आप जो प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग में हैं वह सरकारी नियमों के अनुसार सही है या नहीं? इसकी पड़ताल आपको अच्छी तरह से करनी चाहिए। यदि माता जी किसी बात को लेकर नाराज चल रही है तो माताजी को मनाने की कोशिश करनी चाहिए। इस सावधानियों को रखने के बाद आप अच्छे परिणाम प्राप्त करने में सफल रहे सकते हैं। 

उपाय: जरूरतमंद को भोजन कराना शुभ रहेगा।

आइए अब जानते हैं कि मीन राशि में सूर्य का गोचर मकर राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य आपके अष्टम भाव के स्वामी हैं और अब यह तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। हालांकि, तीसरे भाव में सूर्य के गोचर को ज्योतिष के ग्रंथों में अच्छा माना जाता है। इस गोचर के बारे में ज्योतिषियों का मानना है कि सूर्य का गोचर आपको स्थान लाभ करवाता है। यह गोचर आरोग्यता देता है, शासन-प्रशासन से अच्छे संबंध बनवाता है, कॉन्फिडेंस बेहतर करता है, शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति भी होती है। हालांकि, अष्टम भाव का स्वामी होने के कारण यह आपके कॉन्फिडेंस को ओवर कॉन्फिडेंस में बदल सकता है। ऐसे में आपको इससे बचने की जरूरत होगी। साथ ही, किसी भी मामले को लेकर थोड़ी भी लापरवाही बरतना उचित नहीं होगा क्योंकि कुछ बाधाएं अप्रत्याशित रूप से आ सकती हैं। यदि आप खुद को सतर्क रखेंगे और हर तरीके की समस्याओं को दूर करने का प्लान बना कर चलेंगे तो आपको कोई समस्याएं नहीं आएगी। सारांश यह कि पहली बात तो किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।  यदि आती भी है और आप स्वयं को हर परिस्थितियों के लिए तैयार रखते हैं और इसके परिणामस्वरूप आप सहजता के साथ परिस्थितियों को नियंत्रण में करके अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। 

उपाय: मंदिर में दूध का दान करें। 

आइए अब जानते हैं कि कुंभ राशि वाले लोगों के लिए यह गोचर कैसे परिणाम देने वाला रह सकता है? 

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कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली के सप्तम भाव के स्वामी हैं और अब यह दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। यह गोचर पारिवारिक मामलों के लिए थोड़ा सा कमजोर कहा जाता है। हालांकि, गुरु का सहयोग मिलने के कारण आप पारिवारिक समस्याओं को दूर करने में भी सक्षम होंगे। आर्थिक मामलों में भी कुछ कठिनाइयों के बाद संतोषप्रद परिणाम मिलना संभावित हैं। ऐसे में, व्यर्थ के खर्चों से बचने की जरूरत होगी और परिजनों के साथ सामंजस्यपूर्ण व्यवहार करना होगा। अगर आप इन सावधानियों को ध्यान में रखेंगे तो सामान्य तौर पर आपको बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

उपाय: शिव मंदिर में सूखे नारियल चढ़ाएं।

आइए जानते हैं कि सूर्य का मीन राशि में गोचर मीन राशि वाले लोगों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा? 

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली के छठे भाव के स्वामी हैं और जो अब लग्न भाव में गोचर कर रहे हैं। भले ही, यह लग्नेश के साथ है, तो ऐसे में आपके लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं खड़ी करेंगे, लेकिन छठे भाव के स्वामी होने के कारण यह स्वास्थ्य पर कुछ प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। अतः ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना होगा। इस समय व्यर्थ के अहंकार से बचें और खान-पान पर संयम रखना आपके स्वास्थ्य के लिए फलदायी रहेगा। यदि आप पित्त प्रकृति के हैं अर्थात एसिडिटी इत्यादि की शिकायत रहती है, तब तो ख़ास कर अपनी प्रकृति के अनुसार आहार-विहार रखें। इस समय जहां तक संभव हो विवाद से दूरी बनाए रखें। 

उपाय: आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना शुभ रहेगा।

उम्मीद है कि सूर्य के इस गोचर का पूर्वानुमान को जानने के बाद आप परिस्थितियों के अनुसार आचार-व्यवहार करके बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। भगवती सबका कल्याण करें! 

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