सूर्य-बुध की युति कुम्भ राशि में बनाएगी बुधादित्य योग- जानें किसे होगा लाभ, कौन उठाएगा नुकसान!

बुध का कुंभ राशि में गोचर: ऐस्ट्रोसेज हमेशा से यह कोशिश करते आया है कि किसी भी ज्योतिषीय घटना की जानकारी हम समय से पूर्व अपने रीडर्स को दे सकें ताकि आप समय रहते ही उसके बारे में तैयार हो पाएँ। ऐसी ही एक ज्योतिषीय घटना जल्द होने वाली है जब बुध 20 फरवरी 2024 को कुंभ राशि में गोचर कर जाएगा जहां पहले से ही सूर्य 13 फरवरी से मौजूद है। 

ऐसे में इन दोनों ग्रहों की युति बुधादित्य योग का निर्माण करेगी जिससे मुख्य तौर पर उन लोगों को इसका लाभ मिलेगा जिनकी कुंडली में यह युति बनने जा रही है।

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ज्योतिष में बुध और सूर्य

बुध ग्रह को ज्योतिष में राजकुमार का दर्जा दिया गया है और इसे देवताओं का दूत भी कहा जाता है। यह ग्रह तर्क और बुद्धि से जुड़ा हुआ है। बुध ग्रह हमारी वाणी को भी नियंत्रित करता है। कुंडली में जब बुध ग्रह सकारात्मक स्थिति में होता है तो ऐसे व्यक्तियों को मजबूत वक्ता बनने से कोई नहीं रोक सकता है। अगर कुंडली में बुध अशुभ या कमजोर स्थिति में होता है तो व्यक्ति को मानसिक तनाव और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। यहां तक की कभी-कभी यह व्यक्ति को गूंगा भी बनाने की क्षमता रखता है। 

वहीं दूसरी तरफ सूर्य की बात करें तो सूर्य को पिता का कारक माना जाता है और इसे आत्म कारक ग्रह भी कहा जाता है। सूर्य बुध के साथ मित्रता का भाव रखता है और उसके साथ मिलकर अनुकूल परिणाम प्रदान करता है। इन ग्रहों को समझने के बाद चलिए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि बुधादित्य योग क्या है और इसका क्या लाभ होता है।

कुंभ राशि में सूर्य बुध की युति- क्या रहेगा समय?

सूर्य 13 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर कर जाएगा और बुध 20 फरवरी को शनि द्वारा शासित कुंभ राशि में गोचर करेगा। इन दोनों ही ग्रहों की युति 5 बजकर 48 मिनट पर बुधादित्य योग का निर्माण करेगी। चलिए अब जानते हैं कि सभी 12 राशियों के जीवन में यह किस तरह के सकारात्मक या नकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला है और सभी बारह राशियों पर इसका क्या कुछ प्रभाव पड़ेगा।

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कब बनता है बुधादित्य योग?

बुधादित्य योग तब बनता है जब यह दोनों ही ग्रह एक ही घर में स्थित होते हैं। योग चाहे किसी भी राशि में बनता हो लेकिन जिस घर में बनता हो वह मायने रखता है। इन दोनों ग्रहों के बीच दोस्ती का रिश्ता है और यह मिलकर बेहद ही शुभ और लाभकारी परिणाम जातकों को देते हैं। जिससे व्यक्ति को व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफलता और शक्ति प्राप्त होती है। जानकारी के लिए बता दें यह योग सबसे उत्तम तब माना जाता है जब बुध सूर्य के पीछे 15 डिग्री पर होता है।

3 डिग्री से नीचे और 16 डिग्री से अधिक जाने पर यह योग शक्तिहीन हो जाता है। इसी के चलते यह योग बहुत सी कुंडलियों में बनता तो है लेकिन हर किसी को लाभकारी परिणाम नहीं दे पता है। सूर्य जातक को राजसी सुख, सुविधा का आशीर्वाद देता है और बुध व्यक्ति को चतुर और सफल व्यवसायी बनाता है। इन दोनों से बनने वाला बुधादित्य योग व्यक्ति को जीवन में सभी प्रकार की सुख, सुविधा और समृद्धि प्रदान करेगा। यह व्यक्ति को उच्च ऊर्जा स्तर, मानसिक रूप से मजबूती, अच्छी शिक्षा, सरकारी नौकरी पाने की अच्छी संभावनाएं भी देने के काबिल है। यह योग व्यक्ति को बुद्धिमान और मजबूत व्यक्तित्व के साथ-साथ एक विद्वान व्यक्ति के रूप में विकसित होने में भी मददगार साबित होता है।

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बुधादित्य योग और इसके लाभ

बुधादित्य योग के फल स्वरुप व्यक्ति को बहुत अच्छी शिक्षा और बौद्धिक कौशल प्राप्त होता है। व्यक्ति का दृष्टिकोण सकारात्मक रहता है, व्यक्ति परिश्रमी एवं आत्मविश्वासी बनता है, व्यक्ति का अपने परिवार के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ता बनता है, व्यक्ति अपने सभी कर्तव्य और जिम्मेदारियां को पूरा करने में कामयाब रहता है, ऐसे व्यक्तियों को जीवन में समृद्धि और प्रचुरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है, ऐसे व्यक्तियों के पास कई तरह की संपत्तियां, लग्जरी कारें और मकान हो सकते हैं।

बुधादित्य योग के नियम

जब सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुभ भाव में स्थित हों तभी यह योग बनता है। यह ग्रह छह, आठवें या 12वें भाव में नहीं होने चाहिए और सूर्य और बुध की नीच राशि तुला और मीन में नहीं होना चाहिए। केंद्र और त्रिकोण भाव में बुधादित्य योग का निर्माण होना चाहिए। अगर सूर्य बुध से अधिक शक्तिशाली है तो आपको उसकी दशा, अवधि के दौरान सूर्य से अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं और इसके विपरीत भी अगर शुभ सूर्य अशुभ बुध के साथ युति में हो तो पितृ दोष बनता है जिसका विश्लेषण आप जानकार ज्योतिषियों द्वारा करवा कर इसका उपचार जान सकते हैं।

चलिए आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं इस युति का सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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कुंभ राशि में सूर्य बुध की युति: सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य पांचवे और बुध तीसरे और छठे घर का स्वामी है। बुध और सूर्य अब आपके लाभ, सामाजिक नेटवर्क, बड़े भाई बहन, आदि के 11वें घर में स्थित हो जाएगा। इन ग्रहों की यह स्थिति मेष राशि के जातकों को सामाजिक संपर्क के माध्यम से पदोन्नति और बेहतर नौकरी के अवसर प्राप्त करने में मददगार साबित होगी। आपके भाई बहन आपका सहयोग करेंगे, आपको अपनी संतान के माध्यम से भी कोई अच्छी और बड़ी खबर मिल सकती है क्योंकि सूर्य अपने पंचम भाव पर दृष्टि डालेगा। यह एक अच्छा संयोग है। मेष राशि के अधिकांश जातकों को इस अवधि में करियर में लाभ मिलेगा। इसके अलावा इस राशि के जो जातक विवाह करना चाहते हैं उनके लिए भी यह समय अनुकूल है और संभावना है कि आप प्रेम विवाह कर सकते हैं।

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य और बुध दोनों ही वृषभ लग्न के लिए लाभकारी ग्रह है जो क्रमशः चौथे और दूसरे और पांचवें घर के शासक स्वामी हैं। यह योग वृषभ राशि के दसवें भाव में बनने जा रहा है। दसवां घर पेशे, अधिकार, प्रसिद्धि को दर्शाता है। वृषभ राशि के जातक इस गोचर के दौरान अच्छी खबर और विकास प्राप्त करेंगे। साथ ही आपको पदोन्नति के रूप में सफलता की सीढ़ियां भी चढ़ने को मिलेगी। आपको कार्यक्षेत्र में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिकाएँ और जिम्मेदारियां सौंप जा सकती हैं। 

बुध और सूर्य मिलकर आपको विलासिता और आराम से संबंधित वस्तुएं अर्जित करने में कामयाबी देंगे। अगर आप कोई नई संपत्ति या वाहन खरीदना चाह रहे हैं तो उसके लिए यह समय अनुकूल है। जो लोग पहले से व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें अपनी योग्यता और संचार कौशल का उपयोग करने और बुद्धिमानी से काम लेने पर लाभ प्राप्त हो सकता है। यहां तक की जो लोग नौकरी पेशा भी हैं वह उच्च पद प्राप्त करने और अपनी अच्छी नौकरी के अवसर प्राप्त करने में कामयाब रहने वाले हैं।

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम और चतुर्थ भाव का स्वामी है और सूर्य तीसरे घर का स्वामी है। बुधादित्य योग मिथुन राशि के जातकों के लिए नवम भाव में बनने जा रहा है। इसके प्रभाव स्वरूप इस राशि के जातक प्रभावशाली व्यक्तित्व और उच्च बुद्धि के धनी बनेंगे। बुधादित्य योग जातकों को आर्थिक लाभ और प्रखर बुद्धि का आशीर्वाद प्रदान करेगा। इस राशि के जो जातक उच्च अध्ययन या बेहतर नौकरी के अवसरों की तलाश कर रहे हैं उन्हें विदेश जाने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा बेहतर व्यावसायिक अवसर और लाभ के लिए विदेश की लंबी दूरी की यात्रा भी इस दौरान मुमकिन है। 

व्यवसाई जातकों को इस दौरान उच्च स्तर का लाभ प्राप्त होगा। मिथुन राशि के जातक अपनी मेहनत से आजीविका कमाएंगे। बुधादित्य योग मिथुन राशि के ज्यादातर जातकों को खुशहाल जीवन जीने में मदद करेगा। आप समृद्ध और धनवान बनेंगे और फिर किसी संगठन या फिर कंपनी के प्रशंसक भी बन सकते हैं। मिथुन राशि के जातकों में उत्कृष्ट संचार कौशल देखने को मिलेगा। साथ ही आप ठोस व्यवसाई बनाने के लिए आवश्यक प्रेरक शक्ति भी अपने अंदर महसूस करेंगे।

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और 12वें घर का शासक स्वामी है और सूर्य दूसरे घर का स्वामी है। बुधादित्य योग आपके अष्टम भाव में बनने जा रहा है। यह भाव कुंडली में बुधादित्य योग के लिए एक अच्छा स्थान माना गया है। कर्क राशि के जातक इस योग के प्रभाव से धनवान बनेंगे और उन्हें अचानक से धन की प्राप्ति होगी। शेयर बाजार और लॉटरी में निवेश करने से आपको फायदा मिलने वाला है। इस अवधि के दौरान आपको अपने माता-पिता और दादा-दादी से विरासत में संपत्ति प्राप्त हो सकती है।

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सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और 11वें घर का स्वामी है और सूर्य लग्न का स्वामी है अर्थात पहले घर का स्वामी है। बुधादित्य योग आपके सप्तम भाव में बनने वाला है जिससे आपको अत्यधिक लाभ, अत्यधिक बुद्धि और आत्मविश्वास का वरदान प्राप्त होगा। सिंह राशि के जातकों के चेहरे पर ज्यादा चमक और ऊर्जा देखने को मिलेगी। इस राशि के जो जातक निजी फर्म में प्रशासनिक पद पर काम करते हैं उन्हें किसी व्यक्ति से बहुत ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है जिसके दम पर आप करियर में नई ऊंचाइयों को छूने में कामयाब रहेंगे। इसके अलावा सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग ढेरों वित्तीय लाभ भी लेकर आ रहा है। कोई बड़ा प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी आपको मिल सकती है जिससे समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। साथ ही आपकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम और दशम घर का स्वामी है और सूर्य बारहवें घर का स्वामी है। बुधादित्य योग आपके रोग, प्रतिस्पर्धा, ऋण, शत्रु और रोग के छठे भाव में बनने जा रहा है। छठे भाव में बुधादित्य योग के निर्माण होने के चलते आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में कामयाब होंगे। इस राशि के जातक अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करेंगे क्योंकि छठे भाव से उन्हें कई ग्राहक मिलने की संकेत मिल रहे हैं। इस राशि के जातक अदालती मामलों में सफलता प्राप्त करेंगे साथ ही इस दौरान आपके लिए निवेश करना भी बेहद शुभ साबित होगा।

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए बुध नवम और बारहवें घर का शासक स्वामी है और सूर्य को ग्यारहवें घर का स्वामित्व प्राप्त है। बुध और सूर्य के साथ आने से बनने वाला यह बुधादित्य योग आपके पंचम भाव में बनेगा। ऐसे में इस राशि के जातकों के पास धन अर्जित करने के कई स्रोत आने वाले हैं। साथ ही आपके जीवन में आय का प्रवाह निरंतर बना रहेगा। इस राशि के जातक जो मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मकता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें सफलता मिलेगी। आप उत्कृष्ट लेखक, पत्रकार और निर्देशक भी हो सकते हैं। इन लोगों को भी सफलता मिलने वाली है। इसके अलावा इस राशि के जातकों की अरेंज मैरिज भी होने की संभावना बन रही है।

वृश्चिक राशि 

बुध आपके अष्टम भाव का स्वामी है और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और सूर्य दशम भाव का स्वामी है। यह दोनों ही ग्रह मिलकर जो युति कर रहे हैं वह आपके चतुर्थ भाव में बुधादित्य योग का निर्माण करेगी।  इस राशि के विवाहित जातकों को अपने वैवाहिक जीवन का भरपूर आनंद लेने में कामयाबी मिलेगी। साथ ही आपके जीवन में धन, आलीशान घर, वाहन और विदेश यात्रा के भी सुख मिलने वाले हैं। इस राशि के जातक विद्वान और श्रेष्ठ लोगों से मिलना जुलना पसंद करेंगे और उन्हें इस तरह के ढेरों अवसर भी इस अवधि में मिलने वाले हैं।

वृश्चिक राशि के जातकों को सफलता तो निश्चित प्राप्त होगी हालांकि कानूनी मामलों में आपको कोई बड़ा झटका मिल सकता है। इसके अलावा आपको अपनी मां के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। यह योग व्यक्ति को वाहन सुख, विदेश यात्रा, सार्वजनिक सुख, घर आदि प्रदान करता है। इसके अलावा मित्रों, सहकर्मियों का सहयोग और प्रेम भी आपको प्राप्त होगा। आपके जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता मजबूत होगा और आप दोनों एक दूसरे को भर-भर कर सहयोग करते नजर आएंगे।

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धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सप्तम और दशम भाव का स्वामी है और सूर्य नवम भाव का स्वामी है। यह दोनों ही ग्रह युति आपके तीसरे भाव में करने वाले हैं जिससे बुधादित्य योग का निर्माण होगा। धनु राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिलेगा और आप जो भी कार्य करेंगे उसमें भाग्यशाली साबित होंगे। साथ ही आप अपने करियर में असाधारण रूप से सफलता भी प्राप्त करेंगे। बुधादित्य योग होने के साथ-साथ केंद्र त्रिकोण राजयोग भी बनने वाला है इसलिए इन जातकों को दोगुना लाभ मिलने वाला है। आपको अपने पिता और गुरुओं से भरपूर सहयोग मिलेगा और आप समाज में सफल और प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में अपनी छवि बनाएंगे।

मकर राशि 

बुध आपके छठे और नवम भाव का स्वामी है और सूर्य अष्टम भाव का स्वामी है। यह योग आपके दूसरे भाव में बनने जा रहा है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली के दूसरे घर में बुधादित्य योग का निर्माण होता है तो उसे सुखी वैवाहिक जीवन का साथ प्राप्त होता है। इसके अलावा उन्हें हर चीज के बारे में जानकारी हासिल करना पसंद होता है इसीलिए इस राशि के जातक ज्यादा समय किताबों को पढ़ने में बताते हैं। मकर राशि के विवाहित जातकों का वैवाहिक जीवन शानदार रहेगा। व्यापार में आपको अच्छी सफलता मिलेगी। यह लोग दूसरों के पैसों से व्यापार करके सफल होते हैं। इस भाव में बुधादित्य योग बनने पर पुराने कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है। इसके अलावा यह योग इस भाव में धन, संपत्ति और कई अन्य शुभ फल लेकर आता है।

कुंभ राशि 

बुध आपके पांचवें और आठवें घर का स्वामी है और सूर्य के पास सातवें भाव का स्वामित्व है। बुध और सूर्य प्रथम भाव में यह युति करके बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। ऐसे में कुंभ राशि के प्रथम भाव में बुधादित्य योग बनने से इस राशि के जातकों को मान, सम्मान और प्रसिद्धि प्राप्त होगी। ऐसे जातक चतुर और बुद्धिमान होते हैं लेकिन ऐसे लोगों को बचपन से ही स्वास्थ्य के मामले में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इनका स्वभाव बेहद ही क्षमाशील, उदार, साहसी और स्वाभिमानी होता है। यह व्यक्ति अपने करियर के प्रति बहुत ही ज्यादा गंभीर, केंद्रित और दृढ़ संकल्प वाले होते हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने से कभी भी पीछे नहीं हटते हैं। 

इस अवधि के दौरान इस राशि के जातकों को प्रेम विवाह करना ज्यादा अनुकूल रहेगा। इसकी उच्च संभावना बन रही है क्योंकि पांचवें और सातवें घर के स्वामी दोनों ही पहले घर में युति बना रहे हैं। आपका जीवन साथी आपका बहुत ज्यादा सहयोग करेगा और अगर आप व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं तो उच्च संभावना बन रही है कि आप बहुत अच्छा करने में कामयाब रहेंगे और ऐसे निर्णय लेंगे जिससे लंबे समय में आपके व्यवसाय को लाभ मिलेगा।

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मीन राशि 

मीन राशि के जातकों के लिए बुध चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है और सूर्य छठे घर का स्वामी है। अब यह दोनों ही ग्रह मिलकर आपके बारहवें भाव में बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली के 12वें भाव में बुधादित्य योग बनता है तो यह धन के मामले में ज्यादा अनुकूल नहीं कहा जाता है। पारिवारिक विवाद, चाचा-ताऊ में मतभेद और उनकी संपत्ति से संबंधित नकारात्मक परिणाम आपको इस दौरान उठाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा कई बार अचानक आया पैसा मुनाफे वाले बिजनेस में फंसकर नुकसान करवा सकता है। जुए और सट्टे में फंसने से भी धन हानि हो सकती है और इधर-उधर से आपके जीवन में पैसा तो आ सकता है लेकिन खर्च ज्यादा होने वाला है। इस योग के जातकों को विदेश में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही आपको आध्यात्मिक उन्नति भी मिलती है।

कुंभ राशि में बुधादित्य योग: प्रभावशाली ज्योतिषीय उपाय 

बुध ग्रह के लिए नियमित रूप से हवन करें। रोजाना सूर्य की पूजा करें और तांबे के लोटे में जल और उसमें कुछ गुलाब के पंखुड़ियां डालकर अपने पिता और बड़ों का सम्मान करें। रोज सुबह स्नान के बाद आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। बुध ग्रह के बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए गाय को चारा खिलाएं और पक्षियों और गरीबों को भी भोजन कराएं। 

नोट यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बुध युति के पहले कुछ दिनों तक अस्त रहेगा और राशियों को उपरोक्त भविष्यवाणी में उल्लेखित सभी परिणाम नहीं देगा। जैसे ही बुध अपनी अस्त अवस्था से बाहर आएगा तब अधिक प्रमुख होकर आपके जीवन पर प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा व्यक्तिगत कुंडली में बुध और सूर्य की स्थिति भी इस दौरान मिलने वाले परिणाम के संदर्भ में असर डाल सकती है।

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