14 अगस्‍त को मनाया जाएगा श्रीकृष्ण के अग्रज बलदाऊ का जन्मोत्सव हलषष्ठी

हलषष्ठी व्रत संतान की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख के लिए बहुत खास है। मान्यता है कि बलरामजी, जो शेषनाग के अवतार हैं, शक्ति और धर्म के प्रतीक हैं। इस व्रत को रखने से बच्चों को बीमारी, डर और बुराइयों से सुरक्षा मिलती है। उन्हें संतान नहीं है, उनके लिए यह व्रत फलदायी हो सकता है। परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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