27 अप्रैल से बनेगी गुरु-शुक्र की शुभ युति, अब इन राशियों को करोड़पति बनने से कोई नहीं रोक सकेगा !

वैदिक ज्योतिष में गुरु बृहस्पति और शुक्र को शुभ ग्रहों की संख्या दी गई है। कारकतत्व की बात करें तो जहाँ गुरु बृहस्पति को वैवाहिक सुख, ज्ञान, शिक्षक, संतान, बड़े भाई, शिक्षा, धार्मिक कार्य, पवित्र स्थल, धन, दान, पुण्य और वृद्धि का कारक प्राप्त होता है। वहीं शुक्र जातक के जीवन में भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। 

ऐसे में इन दोनों शुभ ग्रहों का एक साथ आना यानी किसी राशि में एक-साथ उपस्थित होते हुए युति बनाना, कई मायनों में जातकों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहने वाला है।

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गुरु बृहस्पति व शुक्र ग्रह की शुभ युति

एस्ट्रोसेज के ज्योतिषाचार्य की माने तो अप्रैल 2022 में राशिचक्र की अंतिम राशि मीन में दो प्रमुख व शुभ ग्रह अर्थात गुरु बृहस्पति व शुक्र ग्रह की युति होने वाली है। यानी शुक्र और गुरु मीन राशि में एक-साथ विराजमान होंगे। जिस कारण ये अवधि सभी जातकों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण रहेगी। क्योंकि इन दोनों ही ग्रहों का एक-दूसरे के साथ बेहद ही अनोखा रिश्ता होता है। आइये डालते हैं गुरु-शुक्र के संबंधों पर एक नज़र… 

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गुरु बृहस्पति और शुक्र का अनोखा रिश्ता

यूँ तो गुरु और शुक्र को शुभ ग्रह माना गया है, परंतु नैसर्गिक मैत्री चक्र के अनुसार ये दोनों ग्रह आपस में शत्रुता का भाव रखते हैं। ज्योतिष में गुरु ग्रह को देवताओं का गुरु, जबकि शुक्र ग्रह को दैत्यों का गुरु माना गया है।गुरु बृहस्पति को पुरुष ग्रह की उपाधि दी गई है, तो वहीं शुक्र एक स्त्री ग्रह माने जाते हैं। इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो गुरु बृहस्पति को भगवान विष्णु के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। वहीं शुक्र ग्रह को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। अब अप्रैल के अंत में इन दोनों ही ग्रहों की मीन राशि में युति होगी।

इस युति की समयावधि  

ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो बीते 13 अप्रैल 2022 की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर बृहस्पति  अपना गोचर करते हुए अपनी स्वराशि मीन में विराजमान हो गए हैं। बृहस्पति का अपनी स्वराशि मीन में ये गोचर लगभग 12 वर्षों के बाद हुआ है। इसलिए भी ये स्थान परिवर्तन बहुत ख़ास रहने वाला है। वहीं अब शुक्र भी 27 अप्रैल 2022, बुधवार को शाम 06 बजकर 06 मिनट पर मीन राशि में ही अपना गोचर करते हुए, वहां पहले से मौजूद गुरु बृहस्पति के साथ युति करेंगे। गुरु-शुक्र की ये युति 23 मई 2022 तक रहेगी, फिर उसके बाद शुक्र अपनी गोचरीय अवस्था में मीन से निकलकर मेष में विराजमान हो जाएंगे। ऐसे में इन दोनों ही ग्रहों का मीन राशि में मिलन, ज्योतिष दृष्टि से कई मायनों में बेहद ख़ास और शुभ सिद्ध होगा। 

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मीन राशि को मिलेगा युति से विशेष लाभ

चूंकि अपनी स्वराशि मीन में गुरु बृहस्पति का ये अनोखा गोचर 12 वर्षों के अंतराल के बाद होगा, इसलिए इससे सबसे अधिक मीन राशि के जातकों के जीवन में शुभ और भाग्य की वृद्धि होने के योग बनेंगे। धन पक्ष के लिहाज़ से भी शुक्र-गुरु की युति आपको उत्तम परिणाम देगी, जिससे आप अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकेंगे। व्यक्तिगत जीवन में इस युति से जातक के आत्मविश्वास और साहस में बढ़ोतरी होगी और इससे वे अपने सभी अधूरे पड़े अहम निर्णयों को लेने में इस समयावधि के दौरान सफल सिद्ध होंगे। करियर में भी इस युति का अनुकूल फल मिलने से आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लाभ अर्जित करेंगे। इसके अलावा गुरु और शुक्र की इस युति से मीन जातकों के ज्ञान और तर्क शक्ति का भी विकास होगा और उनका रुझान धार्मिक कार्यों की ओर भी अधिक केंद्रित दिखाई देगा। 

इन 4 राशियों के जीवन में इस युति से आएगी अनुकूलता

शुक्र-गुरु की इस अनोखी युति का प्रभाव यूँ तो करीब-करीब सभी राशियों पर पड़ेगा, परंतु मीन के अलावा भी मुख्यतौर पर 4 राशियों के जीवन में इस युति से कई सकारात्मक बदलाव आने की संभावना रहने वाली है।

कर्क राशि:-

शुक्र-गुरु की ये युति आपकी राशि के नवम भाव में बनेगी, साथ ही गुरु की नवम दृष्टि भी आपकी ही राशि पर होगी। ऐसे में इसका प्रभाव आपके भाग्य में वृद्धि करते हुए आपको कार्यस्थल पर तरक्की मिलने के योग बनाएगा। जिसका सबसे अधिक अनुकूल फल नौकरीपेशा जातकों को मिलने की संभावना रहेगी। क्योंकि इस समय उनके कार्यस्थल पर कोई बड़ा परिवर्तन आ सकता है, जिससे उन्हें कोई नई जिम्मेदारी मिल सकेगी। यदि आप नया व्यवसाय शुरु करने का सोच रहे हैं तो उसके लिए भी अवधि उत्तम रहेगी। 

कन्या राशि:-

कन्या जातकों पर इस युति के दौरान गुरु-शुक्र की सप्तम दृष्टि होगी। ऐसे में गुरु-शुक्र का आपके शुभ भाव में होना दोनों ग्रहों को और अधिक बलवान बनाएगा। जिसका सबसे अधिक अनुकूल फल जातकों को अपने प्रेम संबंधों में मिलने वाला है। ऐसे में यदि आप किसी रिलेशनशिप में हैं तो आपका प्रेम परवान चढ़ेगा। वहीं शादीशुदा जातकों के दांपत्य जीवन में भी नयापन व खुशहाली देखने को मिलेगी। आपका साथी/प्रेमी आपको पूर्ण रूप से सहयोग देगा, जिससे आप अपने जीवन की दूसरी चुनौतियों को हल करने में सफल रहेंगे। 

वृश्चिक राशि:-

शुक्र-गुरु की ये युति आपकी राशि के पंचम भाव में बनेगी और इसी दौरान आप पर गुरु की नवम दृष्टि होगी। ऐसे में इस राशि के छात्रों को इस युति से सबसे अधिक सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। जिसके चलते वे अपनी शिक्षा और हर प्रतियोगिता परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन देते हुए बेहतर अंक प्राप्त करेंगे। दांपत्य जातकों की संतान को भी इससे अधिक अनुकूल फल मिलने की संभावना है। क्योंकि ये युति आपकी शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि करते हुए आपका विकास करने में भी मददगार सिद्ध होगी। 

मकर राशि:-

मकर जातकों के लिए गुरु और शुक्र की युति इस राशि के द्वितीय यानी आय भाव में बनेगी। जिसके फलस्वरूप आपकी आमदनी में अच्छा मुनाफ़ा होने की संभावना है। व्यापारी जातक भी कई स्रोतों से अच्छी कमाई करने में सफल रहेंगे। आप अपने धन का संचय करने में भी सक्षम होंगे। पारिवारिक जीवन में भी आपको सुख की प्राप्ति होगी और आप अपनी सभी पारिवारिक इच्छाओं से संतुष्ट हो सकेंगे।  

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