5 जून से शनि हो जाएंगे वक्री, साढ़ेसाती से जूझ रहीं इन राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, इन उपायों से मिलेगा लाभ

सूर्य पुत्र शनि 5 जून से वक्री होने जा रहे हैं. ऐसे में शनिदेव (Shani dev) कुछ राशियों को फायदा देंगे, तो कुछ राशियों के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकते हैं. शनि 141 दिन के लिए वक्री चाल चलेंगे. बीते 29 अप्रैल 2022 को शनि का राशि परिवर्तन हुआ था, तब शनि अपनी ही राशि कुंभ में पहुंचे थे. वक्री चाल के दौरान शनि मकर राशि में दोबारा से प्रवेश करेंगे. वे 12 जुलाई को मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इस राशि में 17 जनवरी 2023 तक रहेंगे. इसके बाद फिर से कुंभ राशि में पहुंचेंगे. मकर राशि में पहुंचने के साथ एक बार फिर से उन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी, जिन पर इसका प्रभाव शनि के कुंभ राशि में पहुंचने से समाप्त हुआ था.

वर्तमान में मकर, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है. माना जा रहा है कि अगला एक महीना इन राशियों के लिए थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है. ऐसे में इन राशियों को शनि से संबन्धित कुछ उपाय करने चाहिए, जिससे इनकी मुश्किलें कम हो सकती हैं.

ये उपाय आएंगे काम

शनि साढ़ेसाती से पीड़ित लोग इस बीच महादेव की पूजा करें. नियमित रूप से शिवलिंग में काले तिल डालकर जल अर्पित करें.

गरीब और जरूरतमंदों को दान करें. उनकी मदद करें. किसी भी असहाय को न सताएं. इससे शनि नाराज होते हैं.

नियमित रूप से आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालें. खाना खाने के बाद रोटी में सरसों का तेल लगाकर कुत्ते को खिलाएं. अगर कुत्ता काला हो, तो बहुत ही अच्छा है.

शनिवार के दिन किसी पात्र में सरसों का तेल डालकर उसमें अपनी परछाईं देखें. इसके बाद उस तेल को दान कर दें.

शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाएं. साथ ही एक दीपक शनिदेव और हनुमान जी के समक्ष जलाएं.

नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें. शनि चालीसा और शनि मंत्रों का जाप करें.

कोई भी ऐसा गलत काम न करें, जिससे दंडाधिकारी शनि नाराज हों. अगर आप अपने कर्म बेहतर रखेंगे, तो शनि कभी आपको कष्ट नहीं पहुंचाएंगे.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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