52 साल बाद जयंती योग सहित छह महायोगों में जन्माष्टमी, राशि अनुसार लगाएं भोग
इस वर्ष 26 अगस्त को अष्टमी तिथि रात्रि 2.20 बजे तक है। मध्य रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र है। शास्त्रों में इसे ही जन्माष्टमी का शुभ संयोग माना गया है।
इस वर्ष 26 अगस्त को अष्टमी तिथि रात्रि 2.20 बजे तक है। मध्य रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र है। शास्त्रों में इसे ही जन्माष्टमी का शुभ संयोग माना गया है।
हर साल बसंत पंचमी (Basant Panchami) के बाद सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी का पर्व मनाया जाता है. इसे सूर्य देव के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन ही कश्यप ऋषि और अदिति के संयोग से भगवान सूर्य का जन्म हुआ था. सूर्य देव अपने सात घोड़े…
आज हम आपको तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा की कुछ ऐसी दिव्य चौपाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें मंत्र की तरह जपने से आप किसी भी तरह की परेशनियों से बाहर आ सकते हैं।
Shukra Rahu Yuti व्यापार में उन्नति और कार्यक्षेत्र में तरक्की के योग निर्मित होंगे।
Shani Nakshatra Gochar: शतभिषा नक्षत्र के पहले चरण में शनिदेव 15 मार्च से 17 अक्टूबर तक रहेंगे और निम्न राशि वाले जातको को फायदा देंगे।
Shardiya Navratri 2024: धर्मशास्त्र में देवी दुर्गा के आगमन के अलग-अलग वाहन बताए गए हैं। इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आएंगी। पालकी में आदिशक्ति का आगमन धीमी गति से किंतु प्रभावशाली व वैभवशाली माना जाता है। इस लिहाज से इस बार की नवरात्र विशेष मानी जा रही है।
Aaj Ka Kanya Rashifal: आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए मिला-जुला रह सकता है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, और आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। हालांकि, आपको धैर्य रखने और जल्दबाजी से बचने