Chaitra Navratri 2023: कल चैत्र नवरात्रि के छठे दिन कैसे करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें पूरी विधि
हिंदू धर्म में मां दुर्गा की साधना करने के लिए चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विधान है, जिसके छठवें दिन, यानी कल मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-शांति के साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है. हिंदू शास्त्रों के अनुसार माता रानी की चार भुजाओं में से एक भुजा में तलवार, दूसरे में पुष्प, तीसरा हाथ अभय मुद्रा में हैं वहीं चौथा हाथ वर मुद्रा में है. कल के दिन जो भी भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं उनके घर से दरिद्रता भी दूर हो जाती है. आइए जानें पूजा विधि और मुहूर्त.
मां कात्यायनी की पूजा का शुभ मुहूर्त
देवी दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यानी की पूजा चैत्र मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि पर की जाती है. पंचांग के अनुसार यह तिथि देश की राजधानी के दिल्ली के समयानुसार 26 मार्च 2023, रविवार को सायंकाल 04:33 से ही प्रारंभ हो गई थी जो कल यानी 27 मार्च 2023, सोमवार को सायंकाल 05:27 बजे तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा 27 मार्च 2023 को की जाएगी.
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मां कात्यायनी की कैसे करें पूजा
मां कात्यायनी की पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह प्रात:काल सबसे पहले उठें और स्नान करें. स्नान करने से पहले, यदि संभव हो तो पानी में गंगा जल अवश्य डाल लें. स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और अपने पूजा स्थल पर स्थान ग्रहण करें. ध्यान रखें कि पूजा किसी आसन या चटाई पर बैठ कर ही करें. इसके बाद एक चौकी लें जिस पर लाल कपड़ा बिछाएं और फिर ही मां कात्यायनी की तस्वीर स्थापित करें. पूजा शुरू करने से पहले गणपति भगवान का ध्यान करे. इसके बाद माता रानी पर फल-फूल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें. अंत में माता रानी की आरती करें और उन्हें भोग लगाएं.
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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)
