Matangi Jayanti 2023: मातंगी जयंती के दिन इस विधि से करें पूजा, मनचाही इच्छा होगी पूरी, कार्य होंगे सिद्ध
Matangi Jayanti 2023: इस साल मातंगी जयंती 20 अप्रैल 2023, रविवार के दिन मनाई जाएगी।
Matangi Jayanti 2023: इस साल मातंगी जयंती 20 अप्रैल 2023, रविवार के दिन मनाई जाएगी।
तिजोरी के पास और उसमें कुछ चीजें रखने से धन हानि हो सकती है। झाड़ू, काला कपड़ा, जूठे बर्तन, फटी धार्मिक किताब, और इत्र जैसी चीजें तिजोरी से दूर रखनी चाहिए। इसके बजाय, शुभ वस्तुएं रखें।
सोमवार 4 सितंबर को हलछठ या हलषष्ठी मनाई जाएगी। हलछट पूजा में महिलाएं बेटे की दीर्घायु के लिए भगवान शिव व माता पर्वती की मूर्ति बनाकर पूजा करती हैं।
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 04 अप्रैल को शाम 04.14 बजे शुरू होगी और अगले दिन 05 अप्रैल को दोपहर 01.28 बजे खत्म होगी।
मां चामुंडा दरबार शाहजहांनाबाद के पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि ग्रहण दृश्य पर्व होता है, इसलिए जहां यह दिखाई देता है, वहीं पर इसका प्रभाव और सूतक मान्य होता है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक हमारे यहां मान्य नहीं होगा।
देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2025) के बाद देवउठनी एकादशी के बीच करीब चार माह तक मांगलिक कार्य, विवाह, यज्ञोपवीत, मुंडन, गृह प्रवेश, देव मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा आदि के कार्यक्रम बंद हो जाते हैं। चातुर्मास में साधना और आराधना का विशेष महत्व है। ऐसे में इन चार माह में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे।
वास्तु शास्त्र में मां लक्ष्मी के आगमन का शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त है। इस दौरान किए गए शुभ कामों से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।