बुध मेष राशि में अस्त: जानें आपकी ज़िंदगी पर कैसा होगा इस ज्योतिषीय घटना का प्रभाव!

बुध मेष राशि में अस्त: ज्योतिष शास्त्र में कई सारी घटनाएं प्रतिदिन होती हैं, जैसे कभी किसी ग्रह का अस्त होना, राशि परिवर्तन (गोचर) करना, ग्रहण आदि और इन सभी का असर हमारी ज़िंदगी पर पड़ता है। इस ब्लॉग में हम ऐसी ही महत्वपूर्ण घटना के बारे में विस्तार से जानेंगे। बता दें कि बुध मेष राशि में अस्त हो रहे हैं और इसका प्रभाव हमारे जीवन पर सकारात्मक होगा या नकारात्मक इसके बारे में हम विस्तार से आगे चर्चा करेंगे।

किसी भी ग्रह की अस्त अवस्था उसे कहा जाता है जब कोई ग्रह सूर्य के बेहद करीब पहुंच/चला जाता है और इस दौरान वे अपनी सारी शक्तियां खो देता है। यूं कहें कि इस दौरान ग्रह शक्तिहीन हो जाता है। इसी क्रम को  ग्रह का अस्त होना कहा जाता है। जैसा की आप जानते ही हैं बुध सूर्य के ज्यादा करीब है इसलिए ज्यादातर अस्त अवस्था में रहते हैं।

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तो आइए, सबसे पहले बुध के मेष राशि में अस्त होने की तिथि और समय के बारे में जान लेते हैं और इसके बाद हम दूसरे अहम पहलुओं पर भी बात करेंगे।

बुध मेष राशि में अस्त: तिथि और समय

बुध 23 अप्रैल 2023 की रात 11 बजकर 58 मिनट पर मंगल द्वारा शासित मेष राशि में अस्त हो रहे हैं। 

बुध का मेष राशि में अस्त: प्रभाव

 मेष राशि के जातकों की कुंडली के तीसरे और छठे भाव पर बुध का शासन है और अब यह पहले (लग्न) भाव में अस्त होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप जातकों के करियर में उन्नति और व्यवसाय में प्रगति होगी। हालांकि, इस अवधि में आपकी सेहत में उतार-चढ़ाव आने की आशंका है क्योंकि आपको सिरदर्द और हाइपरटेंशन की शिकायत हो सकती है। 

बुध का ज्योतिषीय महत्व

बुध ग्रह को कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे सौम्य, तुंगा और रौहिनेया। यह हमारे भाषा, वाणी, चंचलता, तार्किक क्षमता और वैचारिक प्रक्रियाओं पर शासन करते हैं। वैदिक ज्योतिष में बुध को अहम स्थान प्राप्त है और इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। सप्ताह में बुधवार का दिन बुध ग्रह को समर्पित है और लाभकारी ग्रह होने के कारण यह जातकों को अधिक अनुकूल परिणाम देते हैं।

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बुध की मित्रता सूर्य और शुक्र से है वहीं चंद्रमा और मंगल इनके शत्रु ग्रह माने जाते हैं। यह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। नक्षत्रों की बात करें तो इन्हें ज्येष्ठा, अश्लेषा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। 

वहीं रंग की बात करें तो हरा रंग बुध को प्रिय है। कन्या इनकी उच्च राशि है और मीन इनकी नीच राशि है। बुध ग्रह के प्रभाव इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह कौन सी राशि के कौन से भाव में मौजूद हैं। शुभ ग्रहों के साथ बुध बेहद सकारात्मक और फलदायी परिणाम प्रदान करते हैं और अशुभ ग्रहों के साथ इनकी युति से नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। इसके अलावा बुध ग्रह को उत्तर दिशा का स्वामित्व हासिल है>

कुंडली में मजबूत बुध के संकेत

जिन जातकों की कुंडली में बुध मज़बूत स्थिति में मौजूद होते हैं उन्हें कुछ ख़ास फायदे मिलते हैं, आइए एक बार विस्तार से जानते हैं।

विश्लेषण करने की क्षमता

बुध के मज़बूत होने से जातकों के अंदर उच्च स्तर का तर्क कौशल विकसित होता है। ये जातक अधिक बुद्धिमान होते हैं।

आकर्षक व्यक्तित्व

जातकों को बुध के आशीर्वाद से अच्छी शारीरिक काया की प्राप्ति होती है और इनके हाथ-पैर लंबे होते हैं। आमतौर पर इन जातकों की लंबाई अधिक होती है।

धन और समृद्धि की प्राप्ति

बुध के आशीर्वाद से जातक अच्छी मात्रा में धन कमाने में सफल होते हैं। इन्हें जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही, इन्हें कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।

मजबूत संबंध

हम सभी जानते हैं कि बुध संचार कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं और इनके आशीर्वाद से जातक बेहतर ढंग से अपनी बातों को दूसरों के सामने रखने में सफल होते हैं।

जिज्ञासा की प्रवृत्ति

बुध के आशीर्वाद प्राप्त करने वाले जातक जिज्ञासु और तेज-तर्रार स्वभाव के होते हैं। इसके अलावा सोचने की क्षमता में वृद्धि होती है और आप सही निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।

कमज़ोर बुध के हानिकारक प्रभाव

हर ग्रह की तरह ही बुध के भी कुछ नकारात्मक प्रभाव होते हैं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

स्वास्थ्य में गिरावट

पीड़ित बुध के नकारात्मक प्रभाव के कारण आपको छाती, स्किन, फेफड़े, और नसों से संबंधित बीमारियां होने का ख़तरा अधिक होता है। इसके अलावा बुध के दुष्प्रभाव के चलते जातकों का मानसिक संतुलन भी बिगड़ सकता है।

अभिव्यक्ति में परेशानी

जैसे कि ऊपर बताया गया है कि बुध के आशीर्वाद से आपका संचार कौशल बेहतर होता है, वैसे ही कमज़ोर बुध के नकारात्मक प्रभाव से आपको अपनी बातों को दूसरों के सामने रखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

धन की कमी

जिन जातकों की कुंडली में बुध कमज़ोर स्थिति में होते हैं वह जीवन में आर्थिक अस्थिरता और कमी से जूझते हैं। इसके अलावा आर्थिक जीवन में कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है

समझ की कमी

बुध के पीड़ित होने के कारण आपकी सोचने और समझने क्षमता कमजोर हो सकती है।

मनमौजी व्यक्तित्व

पीड़ित बुध के कारण जातक काफी मूडी किस्म के हो जाते हैं और ऐसे में इनके अंदर कई सारी बुरी आदतें भी आने की संभावना होती है।

बुध को मज़बूत करने के ज्योतिषीय उपाय

नीचे कुछ ख़ास ज्योतिषीय उपाय दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप बुध को अपनी कुंडली में मज़बूत करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

बुधवार के दिन व्रत करें और भगवान विष्णु का विधिवत पूजन करें।बुध के बीज मंत्र और गायत्री मंत्र का जाप करें। बीज मंत्र- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ॥ गायत्री मंत्र- ॐ सौम्य रूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नो सौम्य: प्रचोदयात् ॥ का जाप करें।आप बुध का आशीर्वाद पाने के लिए पन्ना धारण कर सकते हैं लेकिन, इससे पहले किसी विद्वान ज्योतिषी की सलाह जरूर लें।बुध को मज़बूत करने के लिए आप चार-मुखी या दस-मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते हैं।हरी घास, हरे या नीले रंग के वस्त्र, और साबुत मूंग जैसी चीजों का दान करें।

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बुध मेष राशि में अस्त: राशि अनुसार प्रभाव एवं उपाय

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए बुध आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो कि अब आपके पहले भाव में अस्त होंगे…(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके बारहवें भाव में…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन

मिथुन राशि वालों के लिए बुध आपके पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं और अब ये आपके ग्यारहवें भाव में अस्त होंगे…(विस्तार से पढ़ें)

कर्क

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध आपके तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में अस्त…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो कि आपके नौवें भाव में अस्त होंगे…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध आपके पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं जो आपके आठवें भाव में अस्त होंगे…(विस्तार से पढ़ें)

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए बुध आपके नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो आपके सातवें भाव में अस्त होने जा…(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आपके आठवें भाव और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब ये आपके छठे भाव…(विस्तार से पढ़ें)

धनु

धनु राशि वालों के लिए बुध आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध आपके पांचवें भाव में अस्त होने…(विस्तार से पढ़ें)

मकर

मकर राशि के जातकों के लिए बुध आपके छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं जो आपके चौथे भाव में अस्त होने जा रहे…(विस्तार से पढ़ें) 

कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब ये आपके तीसरे भाव में अस्त…(विस्तार से पढ़ें) 

मीन

मीन राशि के जातकों के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और अब ये आपके दूसरे भाव में अस्त…(विस्तार से पढ़ें) 

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