Narsimha Jayanti 2023: नरसिंह जयंती आज, जानिए पूजा विधि और पर्व का महत्व
मान्यता है कि भगवान नरसिंह की विधि-विधानपूर्वक उपासना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मनुष्य के तमाम दुख-कष्ट दूर होते हैं।
मान्यता है कि भगवान नरसिंह की विधि-विधानपूर्वक उपासना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मनुष्य के तमाम दुख-कष्ट दूर होते हैं।
Fengshui: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुछ फेंगशुई पौधों से घर मे सकारत्मकता आती है।
नवरात्रि के व्रत में आप समा के चावल से कई सारे डिश बना सकते हैं. आप समा के चावल का पुलाव भी बना सकते हैं. ये बहुत ही स्वादिष्ट और हेल्दी होता है. आइए जानें इसकी विधि.
धर्मग्रंथों के अनुसार रावण का अंत केवल श्री राम की वजह से ही नहीं हुआ था। बल्कि शक्ति और ज्ञानपीठ पर घमंड के कारण भी उसने कई लोगों का दिल दुखाया था। जिसके कारण उन्होंने श्राप दिया था।
Budh Margi 2024: जनवरी को सुबह 08.06 मिनट पर बुध ग्रह वृश्चिक राशि में मार्गी होंगे। इसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर दिखाई देगा।
नौतपा वैसे तो 15 दिन का होता है, लेकिन शुरुआत के 9 दिन काफी ज्यादा गर्म होते हैं, जब सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं।
खरीद-बिक्री की पाबंदी की बात हम सुनते रहते हैं लेकिन शास्त्रों में कहीं भी इसका जिक्र नहीं है। पितरों को देव कोटि तुल्य माना जाता है। मांगलिक कार्य में सबसे पहले पितरों को आमंत्रित किया जाता है।