मूल नक्षत्र
मूल, ज्येष्ठा और आश्लेषा इन तीन नक्षत्रों को मूल नक्षत्र कहा जाता है और आश्विन, मेघा और रेवती को सहायक मूल नक्षत्र होते हैं।
मूल, ज्येष्ठा और आश्लेषा इन तीन नक्षत्रों को मूल नक्षत्र कहा जाता है और आश्विन, मेघा और रेवती को सहायक मूल नक्षत्र होते हैं।
Laddu Gopal Ke Seva Niyam: प्रख्यात धर्मगुरु प्रेमानंद महाराज जी ने लड्डू गोपाल को यात्रा में साथ ले जाने पर अपनी राय दी है। उन्होंने बताया है कि क्या ऐसा करना उचित है?
अंतरिक्ष में हर दिन कोई न कोई अनोखी घटना घटती ही रहती है. ऐसा ही एक संयोग आज बनने जा रहा है. आज शुक्रवार 24 जून को करीब 18 साल बाद एक दुर्लभ नजारा (Rare Sight) आसमान में नजर आने वाला है, जिसे आप भी अपनी आंखों से देख सकेंगे. आज रात पांच ग्रह एक…
Chaitra Navratri 2023 नवरात्रि के 9 दिनों उपवास करने से शरीर को सात्विक भोजन मिलता है। सात्विक भोजन शुद्ध और संतुलित माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि का छठा दिन: नवरात्रि के इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन देवी दुर्गा के छठे स्वरूप की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। माना जाता है कि कात्यायनी पूजन से जातक को सुख-समृद्धि, आयु और वैभव का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, छठे दिन मां कात्यायनी का…
जानते है कि किस समय में मंदिर की सफाई करने से भगवान प्रसन्न होते है और मंदिर की सफाई के पीछे क्या है सही कारण
Aaj Ka Kanya Rashifal: आज कन्या राशि के जातकों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। हालांकि, कुछ छोटी-मोटी बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन धैर्य