Jyeshtha Purnima 2023: जेठ महीने की पूर्णिमा का पुण्य को पाने और पाप से बचने के लिए न करें ये काम

Jyeshtha Month 2023: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को जेठ पूर्णिमा या जेठ पूर्णमासी भी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार यह तिथि 03 जून 2023, शनिवार से प्रारंभ हो रही है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत रखने का विधान होता है. इसके अलावा, जो भी साधक विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है. मान्यता है कि जिस भी व्यक्ति की कुंडली में यदि कोई दोष हो, विशेष तौर पर चंद्र दोष तो, जेठ महीने में व्रत रखना उनके लिए लाभकारी साबित होता है.

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मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के दौरान कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें करने से सभी दोष दूर हो जाते हैं, और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. वहीं, कुछ ऐसे भी कार्य हैं जिन्हें करने की मनाही होती है. इन्हें करने से साधक के जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह में क्या करें और क्या नहीं.

यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो, आप रात के समय जल में थोड़ा का दूध मिलाकर अर्घ्य दें. इसके साथ-साथ चंद्र देव को चीनी, अक्षत और फूल अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से चंद्र दोष दूर हो जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार जेठ माह में धन की देवी माता लक्ष्मी की आराधना करना भी शुभ होता है. यदि आप हमेशा आर्थिक तौर पर परेशान रहते हैं तो विधि-विधान से माता रानी की पूजा करने से आर्थिक संपन्नता आती है.
ज्येष्ठ माह में दान-दक्षिणा देने का भी महत्व होता है. यदि आप आर्थिक तौर पर संपन्न हैं तो किसी गरीब को पैसे दान करें. यदि ऐसा संभव न हो तो आप अन्न, कपड़ा आदि चीजें भी दान कर सकते हैं. कोशिश करे कि सफेद रंगों की चीजें दान करें. यह अधिक लाभकारी माना जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार जेठ महीने के दौरान दिन के समय सोना नहीं चाहिए. ऐसा करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां होने लगती हैं.
ज्येष्ठ माह के दौरान कोशिश करें की मांसाहार भोजन न करें. बजाए इसके, जितना संभव हो उतना सादा भोजन ग्रहण करें. यदि संभव हो, इस माह के दौरान लहसुन और प्याज का भी सेवन न करें.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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