Shiv Katha: भगवान शिव ने क्यों किया था चंद्रमा को अपने शीश पर धारण? जानिए इसकी रोचक कथा
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से 11 अप्रैल तक है। इस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।
टैरो साप्ताहिक राशिफल 27 जुलाई से 02 अगस्त 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्योतिषियों का मानना है कि टैरो व्यक्ति की जिंदगी में भविष्यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने…
एस्ट्रोसेज अपने इस ब्लॉग में पाठकों के लिए ज्योतिष की दुनिया से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी लेकर आया है। 30 नवंबर, 2023 को शुक्र, तुला राशि में गोचर करने वाले हैं। शुक्र के तुला राशि में गोचर करने का प्रभाव देश और दुनिया पर भी पड़ेगा। इस ब्लॉग में हम आपको शुक्र का…
चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन: चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। इस दिन को महासप्तमी भी कहा जाता है। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की उपासना को समर्पित होता है। मां कालरात्रि को संहारक शक्ति और भय का नाश करने वाली देवी माना गया है। ऐसा माना जाता…
आचार्य चाणक्य श्रेष्ठ विद्वान होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और एक कुशल कूटनीतिज्ञ भी थे. चाणक्य की नीतियां आज भी इंसान का मार्गदर्शन करती हैं. आचार्य चाणक्य के द्वारा कही गई बातें और नीतियों के जरिए कोई भी इंसान अपने जीवन के बेहतर बना सकता है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में लिखा…
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और तुलसी पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। तुलसी को हरिप्रिया कहा गया है, जो श्रीहरि को प्रिय हैं। इस दिन तुलसी और विष्णु की आराधना करने से घर में अन्न-धन की वृद्धि होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।