Shiv Katha: भगवान शिव ने क्यों किया था चंद्रमा को अपने शीश पर धारण? जानिए इसकी रोचक कथा
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
Kab hai Akshaya Tritiya 2023: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है. सुख-सौभाग्य से जुड़ा यह पावन पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस पावन तिथि पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूरी कृपा बरसती…
ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति ग्रह को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। बृहस्पति एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में लगभग एक वर्ष का समय लेते हैं जिससे उन्हें सभी 12 राशियों में गोचर करने में 12 वर्षों का समय लग जाता है। इस प्रकार बृहस्पति का एक राशि में दोबारा संचरण पूरे 12 वर्षों…
बुध का कन्या राशि में उदय: ज्योतिष की दुनिया में हर ग्रह के गोचर को महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेष रूप से नवग्रहों के जनक सूर्य, युद्ध के देवता मंगल और ग्रहों के राजकुमार बुध देव के गोचर को। ग्रहों के युवराज होने के नाते बुध ग्रह को अत्यधिक महत्व दिया जाता है जो लगभग…
Name Astrology: यह लोग खुशमिजाज स्वभाव के होते हैं और एक खुशहाल जीवन व्यतीत करते हैं।
Guruwar Ke Upay : पुरुषों को बाल नहीं कटवाने चाहिए और ना ही दाढ़ी बनवानी चाहिए। ऐसा करने से गुरु ग्रह कमजोर होता है और इसके परिणामस्वरूप जातक को कार्यों में कई तरह की बाधा झेलनी पड़ती है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार एक समयावधि के बाद सभी ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं लेकिन इन ग्रहों के गोचर करने का समय अलग-अलग होता है। सभी ग्रहों में शनि एक ऐसा ग्रह है जो सबसे अधिक समय के बाद राशि परिवर्तन करता है और इसके बाद नाम आता है बृहस्पति ग्रह का। इस समय बृहस्पति…