Vasudev Dwadashi 2023: वासुदेव द्वादशी पर करें भगवान श्री कृष्ण की पूजा, सर्वगुण संपन्न संतान की होगी प्राप्ति
Vasudev Dwadashi: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वासुदेव द्वादशी कहा जाा है। यह दिन चतुर माह की शुरुआत का प्रतीक है।
Vasudev Dwadashi: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वासुदेव द्वादशी कहा जाा है। यह दिन चतुर माह की शुरुआत का प्रतीक है।
इस साल 30 अक्टूबर को नरक चौदस है। इसे रूप चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन रूप निखारने के लिए भगवान कृष्ण और अकाल मृत्यु से भय मुक्ति के लिए लोग चौमुखी दीया जलाएंगे।
Aaj Ka Panchang: आज पौष मास की पूर्वाषाढ़ा रात्रि और दिन शनिवार है। सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति के लिए आज प्रात:काल पीपल के वृक्ष की जड़ में मीठे कच्चे दूध में काले तिल डालकर अर्पित करें। यहां पेश है
Aditya Mangal Rajyog: महालक्ष्मी राजयोग, आयुष्मान राजयोग, सौभाग्य योग और आदित्य मंगल राजयोग इस दौरान कुछ राशियों के लिए खुशियां लेकर आएगा।
जीवन में सुख एवं समृद्धि बनी रहे, इसके लिए अमूमन हर कोई कोशिशों को करने में लगा रहता है. लोग हर सुख एवं सुविधा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों को फिर भी सफलता नहीं मिल पाती. जीवन की इस भागदौड़ में लोग ये पता ही नहीं लगा पाते हैं…
Budh Pradosh Vrat 2023:प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 3 मई की शाम 6 बजकर 57 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 6 मिनटतकहै।
Aaj Ka Kanya Rashifal: आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहने वाला है। आप अपनी मेहनत और लगन से कई कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। हालांकि, कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी समझदारी