Dussehra 2023: कब है दशहरा? जानिए रावण दहन का सही समय और महत्व
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर के दिन शाम 05 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 24 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 14 मिनट पर होगा।
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर के दिन शाम 05 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 24 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 14 मिनट पर होगा।
बृहस्पति का मेष राशि में उदय: ज्योतिष शास्त्र में हर एक ग्रह के गोचर का अपना एक विशेष महत्व है और इसका प्रभाव हमारे जीवन पर भी बहुत अधिक पड़ता है। बृहस्पति मेष राशि में उदय होने जा रहे हैं और एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में हम इस खगोलीय घटना से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण…
Scorpio Daily Horoscope: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। कुछ मामलों में आपको सफलता मिलेगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह आपके लिए एक संतुलित दिन रहेगा।
Netropnishad Stotra: आजकल की दिनचर्या और जीवनशैली कुछ ऐसी हो गई किहर व्यक्ति मोबाइल फोन, लैपटाप, कंप्यूटर, टैब आदि पर काम करता रहता है। इस कारण नेत्ररोग भी बड़ी संख्या में बढ़ रहे हैं। कम आयु में बच्चों को चश्मा लगना
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शुक्र मजबूत होते हैं उन्हें हर तरह के भौतिक सुख और बढ़िया लव लाइफ का सुख मिलता है. वहीं अगर जातक की कुंडली में शुक्र अगर कमजोर है तो प्रेम और सुख-सुविधा पाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
जहां आमतौर पर हनुमान जी की खड़े हुए स्वरूप में मूर्तियां देखने को मिलती हैं, वहीं प्रयागराज (इलाहाबाद) के संगम तट पर उनका एक अनोखा रूप स्थापित है यानी लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा। संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन किए बिना अपनी यात्रा को अधूरा मानते हैं।
उदया तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा 23 मई को ही मनाना उचित होगा। बुद्ध पूर्णिमा तिथि पर स्नान दान का समय सुबह 4:04 से लेकर सुबह 5:26 मिनट तक रहेगा।