Masik Durgashtami 2024: मासिक दुर्गाष्टमी इस विधि से करें व्रत का पारण, जानिए धार्मिक महत्व
देवी दुर्गा की रचना त्रिमूर्ति यानि भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश से हुई है। शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी दुर्गा को अपनी आंतरिक शक्ति का एहसास हुआ।
देवी दुर्गा की रचना त्रिमूर्ति यानि भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश से हुई है। शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी दुर्गा को अपनी आंतरिक शक्ति का एहसास हुआ।
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व माना गया है। यह अवधि पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म तर्पण और पिंडदान आदि करने के लिए उत्तम मानी गई है। ऐसा माना जाता है कि 15 दिनों की अवधि में पितृ धरती लोक पर आते हैं। पितृ पक्ष के दौरान कई तरह की सावधानियां बरतनी होती हैं…
सिंह राशिफल आज हिंदी में, 16 सितंबर, 2024, सोमवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
Pisces Daily Horoscope: आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहने वाला है। आपमें रचनात्मकता और कल्पनाशीलता भरपूर रहेगी, जिससे आप नए विचारों और प्रोजेक्ट्स की ओर आकर्षित होंगे। हालांकि, आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है,
Direction For Washroom-Kitchen: घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में वास्तु शास्त्र का अहम रोल माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के किचन और बाथरूम की दिशा अगर सही न हो, तो इसका असर स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है।
Surya Ka Prabhav: ग्रहों का राजा सूर्य अपना नित्य भ्रमण करते हुए 14 मार्च 2025 शुक्रवार को बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहा है। सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते समय पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। बृहस्पति का साथ
पितृ पक्ष 7 सितंबर से आरंभ हो रहा है। इस काल में तर्पण और श्राद्ध से पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य अजय पंड्या के अनुसार, श्राद्ध हमेशा मृतक की तिथि या पितृ पक्ष की तिथि पर करना चाहिए, पूर्णिमा से आरंभ करना शास्त्रविरुद्ध है।