Mahashivratri 2022 : महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की साधना से मिलेंगे जीवन से जुड़े सातों सुख

भगवान शिव  (Lord Shiva) की पूजा के लिए महाशिवरात्रि (Mahashivratri)  को सबसे शुभ दिन माना गया है. भगवान शिव की पूजा का फल प्रदोष (Pradosh) काल में श्रेष्ठ माना गया है. इसी प्रकार त्रयोदशी तिथि का अंत और चतुर्दशी तिथि के आरम्भ का संधिकाल ही इनकी परम अवधि है. इस दिन की जाने वाली शिव की पूजा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय (Astrology) दृष्टि से भी शुभ फल प्रदान करने वाली होती है. मान्यता है कि पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विधि-विधान से साधना आराधना करने पर साधक पर महादेव की पूरी कृपा बरसती है और उसे जीवन से जुड़े सातों सुख प्राप्त होते हैं. आाइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

जीवन से जुड़े सात सुख

सनातन परंपरा में किसी भी सौभाग्यशाली व्यक्ति के लिए जिन सात प्रकार के सुखों की कामना की गई है, उनमें निरोगी काया, माया, सुलक्षण नारी, आज्ञाकारी पुत्र, मान-सम्मान, शत्रुओं का नाश, और ईश्वर का साक्षात्कार या फिर कहें दर्शन शामिल है. मान्यता है कि इन सात सुखों के मिल जाने के बाद व्यक्ति को जीवन में किसी अन्य सुख को पाने की कामना नहीं रह जाती है. यदि आपकी भी इन सात सुखों को पाना चाहते हैं तो आज महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन एवं दर्शन करने के बाद नीचे दिए गए मंत्रों को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ जप करके प्राप्त कर सकते हैं.

जीवन से जुड़ा पहला सुख यानि कि निरोगी काया पाने के लिए महाशिवरात्रि पर पिंगलेश्‍वर महादेव का ध्‍यान करते हुए महामृत्युंजय मंत्र के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक करें – ॐ हृीं ग्‍लौं नम: शिवाय ।।
यदि आप चाहते हैं कि आपके पास हमेशा सुख-संपत्ति का वास बना रहे तो आप आज महाशिवरात्रि के दिन महादेव से इसका वरदान पाने के लिए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें – ॐ हृौं शिवाय शिवराय फट् नम: ।।
यदि आप चाहते हैं कि आपको जीवन में एक आज्ञाकारी और कुल का मान-सम्मान बढ़ाने वाले पुत्र सुख की प्राप्ति हो तो आप आज महाशिवरात्रि पर पुष्‍पदंतेश्‍वर शिव का ध्‍यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें. ॐ हृीं हृीं कार्य सिद्धिं नम: शिवाय ।।
जीवन में हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसे खूब मान-सम्‍मान हासिल हो. यदि आपकी भी यही कामना है तो आप समाज में मान-प्रतिष्ठा पाने के लिए आज महाशिवरात्रि पर सिद्धेश्‍वर शिव का ध्‍यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें – ॐ श्री मनोवांछितं देहि ॐ ॐ नम: शिवाय ।।
समय पर सुयोग्य जीवनसाथी की कामना हर कोई करता है, यदि आपकी भी यही ख्वाहिश है तो आज महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और गौरी का ध्‍यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें – ॐ भवानी गौर्य्ये पति सुख सौभाग्‍यं देहि देहि शिव शक्‍तयै नम: ।।
यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में कभी भी किसी ज्ञात-अज्ञात शत्रु का खतरा न रहे और उन पर आप विजय हासिल करें तो आज महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल के महामंत्र का जाप करते हए शिवलिंग का जलाभिषेक करें – ॐ जूं स: पालय पालय स: जूं ॐ ।।
जीवन में जिस सुख को पाना सबसे मुश्किल माना जाता है, वह है ईश्वर दर्शन, लेकिन आपकी यह मनोकामना भी महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से शिव पूजन करने पर पूरी हो सकती है. इस सुख की प्राप्ति करने के लिए बृहस्‍पतीश्‍वर शिव का ध्‍यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें – ॐ श्रीं नम: शिवाय ॐ श्री ।।

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

ये भी पढ़ें —

Mahashivratri 2022 : महाशिवरात्रि व्रत से जुड़ी 20 बड़ी बातें, जो हर शिव साधक को जरूर पता होनी चाहिए

Mahashivratri 2022 : सिर्फ गणेश और कार्तिकेय ही नहीं शिव-पार्वती की और भी हैं संतान, जानें पूरा शिव परिवार

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *