Vaishakha Amavasya 2024: वैशाख अमावस्या पर इस समय करें पितरों का तर्पण, जानिए पूजा विधि
पितृ पूजा हमेशा दोपहर के समय की जाती है। ऐसे में आप अपने पितरों का जल, सफेद फूल और काले तिल से तर्पण कर सकते हैं।
पितृ पूजा हमेशा दोपहर के समय की जाती है। ऐसे में आप अपने पितरों का जल, सफेद फूल और काले तिल से तर्पण कर सकते हैं।
6 सितंबर को सुबह 07 बजकर 57 मिनट के बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं, दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी।
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर के दिन शाम 05 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 24 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 14 मिनट पर होगा।
9 मार्च 2022 राशिफल: कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन व्यस्तता भरा रहेगा। पढ़िए आज का राशिफल
31 March 2022 Love Rashifal प्रेम जीवन में नयापन लाने के लिए आप कुछ नए प्रयास कर सकते हैं।
मिथुन राशिफल आज हिंदी में, 15 नवंबर 2024, शुक्रवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
कई लोगों को आपने देखा होगा कि हाथ-पैर व गले में काला धागा बांधते हैं। काला धागा आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि काला धागा शनि देव से संबंधित है। ऐसे में इसको बांधने से नकारात्मक ऊर्जा पास नहीं आती है।