Akshaya Tritiya 2024: क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, जानिए सतयुग-त्रेतायुग से लेकर भगवान विष्णु और परशुराम तक जुड़ी मान्यताएं
इसी दिन भगवान विष्णु ने नर नारायण का अवतार भी लिया था। भगवान परशुराम का जन्म भी अक्षय तृतीया को ही हुआ था।
इसी दिन भगवान विष्णु ने नर नारायण का अवतार भी लिया था। भगवान परशुराम का जन्म भी अक्षय तृतीया को ही हुआ था।
वास्तु शास्त्र की मानें तो हम सब चीज भले ही आपस में शेयर कर लें लेकिन 5 चीजें कभी नहीं बांटनी चाहिए। ऐसा करने से हमें जीवन में बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। आइए जानते हैं कि वे 5 चीजें कौनसी हैं।
रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को इससे जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। रुद्राक्ष की उत्पत्ति के संबंध में कई पौराणिक कथाएं हैं।
दिन का हर एक वार किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है और इन विशेष वार में हर समस्या के लिए कुछ उपाय होते हैं जिसे करने पर अवश्य ही लाभ मिलता है. गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु की पूजा उपासना का होता है.
कामयाबी और नाकामयाबी के बीच आखिर वो कौन सी रेखा होती है, जिसे पार करते ही हमारे सपने पूरे या फिर पार न कर पाने पर अधूरे रह जाते हैं, जानने के लिए पढ़ें सफलता के मंत्र.
टैरो कार्ड, कार्ड्स का एक ऐसा प्राचीन डेक है और भविष्य बताने का इतना कारगर तरीका है जिसका उपयोग सदियों से तमाम रहस्यवादियों और टैरो रीडर करते आए हैं। आध्यात्मिक विकास और आत्म समझ के लिए कार्ड्स का प्रयोग प्राचीन काल से चला आ रहा है। अगर कोई व्यक्ति पूरे विश्वास और विनम्रता के साथ…
आज का राशिफल 04 अक्टूबर 2024: जानें कि आज आकाशीय पिंड आपके प्रेम जीवन, करियर की संभावनाओं और कल्याण को कैसे प्रभावित करते हैं।