Rudraksha: क्यों पूजनीय माना जाता है रुद्राक्ष, जानिए कैसे हुई थी इसकी उत्पत्ति
रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को इससे जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। रुद्राक्ष की उत्पत्ति के संबंध में कई पौराणिक कथाएं हैं।
रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को इससे जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। रुद्राक्ष की उत्पत्ति के संबंध में कई पौराणिक कथाएं हैं।
केंद्र त्रिकोण राजयोग 2024: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को नवग्रहों के राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। यह सभी ग्रहों में सबसे तेज़ गति से चलते हैं इसलिए यह जल्दी-जल्दी गोचर करते हैं। हालांकि, बुध एक निश्चित अंतराल के बाद एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। जब-जब बुद्धि और तर्क के कारक…
Astro Tips: धर्मशास्त्रों में एक विशेष नियम बताया गया है यदि रोजाना घर की पहली रोटी गाय को समर्पित की जाए, तो यह यज्ञ और दान के समान फल देती है। इससे साधक पर शुभ शक्तियों की कृपा बनी रहती है और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको बुध कर्क राशि में मार्गी के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि बुध मार्गी का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा। बता दें कुछ राशियों को इससे बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों…
मंगल के शुभ स्थिति में होने से जातक पराक्रमी, साहसी और निडर बनता है। वहीं खराब स्थिति में होने से विवाह में बाधा आती है।
नई दिल्ली, 06 जनवरी। ‘मकर संक्रांति’ हिंदूओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे ‘मकर संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है। ये दिन बड़ा पावन माना जाता है क्योंकि
जनवरी 2025 में सूर्य के राशि परिवर्तन के बाद 16 जनवरी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है। शहनाइयों की धुन चारों तरफ सुनाई देंगी। इसके बाद जून तक शादी के मुहूर्त हैं। जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर तक कोई शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा।