Shani Jayanti 2024: 6 जून को रखें शनि जयंती व्रत, भगवान सूर्य देव के पुत्र को ऐसे करें प्रसन्न
पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव का जन्म सर्वार्थ सिद्धि योग में ही हुआ था।
पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव का जन्म सर्वार्थ सिद्धि योग में ही हुआ था।
आज का मीन राशिफल, 24 मार्च, सोमवार: प्यार, करियर और आश्चर्य आगे हैं – क्या आप आने वाले समय के लिए तैयार हैं?
तब से ईसाई धर्म में किसी विशेष मंतव्य के लिए नौ दिन की गहन प्रार्थना (नोवेना) का खास महत्व हो गया।
Mauni Amavasya 2022: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक 27 साल बाद मौनी अमावस्या पर मकर राशि में शनि देव और सूर्य देव गोचर करेंगे।
पंचोपचार विधि से देवी स्कंदमाता की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।
Ram – Sita Vivah: त्रेता युग में विश्व विजेता की उपाधि मिलने का अर्थ था कि वह शख्स किसी भी पराई स्त्री को उसकी इच्छा के खिलाफ प्राप्त नहीं कर सकेगा।